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15 दिनों में पैसे डबल करने के नाम पर 250 करोड़ की ठगी, चीन से जुड़े हैं तार, रॉ, आईबी और ईडी तक पहुंचा मामला

By Prabhat khabar Digital
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Cyber ​Fraud Symbolic Image
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देहरादून : उत्तराखंड पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मंगलवार को एक साइबर धोखाधड़ी (Cyber Crime) के मामले में एक शख्स को गिरफ्तार किया है, जो पैसे डबल करने के नाम पर करीब 250 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी (Fraud of 250 crores Rs) में शामिल है. इसने एक ऐप के माध्यम से पैसे को दोगुना करने का वादा कर लोगों को करोड़ों का चूना लगाया है. 250 करोड़ रुपये को क्रिप्टो करेंसी (Crypto Currency) में बदलकर हेराफेरी की गयी. पकड़े गये शख्स का नाम पवन कुमार पाण्डेय है.

इस मामले में विदेशी हाथ होने का संदेह है. इसके तार चीन से जुड़े होने की बात कही जा रही है. पावर बैंक के नाम से एक ऐप बनाया गया था. यह 12 मई तक गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद था. इस ऐप के माध्यम से महज चार महीने में 250 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गयी है. मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार यह ऐप चीन की एक स्टार्टअप योजना के तहत बनाया गया था.

इस ऐप को भारत में अब तक लगभग 50 लाख लोग डाउनलोड कर चुके हैं. इस ऐप के माध्यम से लोगों को 15 दिनों मे पैस डबल करने का लालच दिया गया. इस लालच में पड़कर कइ लोगों ने पैसे दिये और उनका पैसा डूब गया. इस प्रकार कई लोगों से लगभग 250 करोड़ रुपये की ठगी की गयी. करीब चार महीने से चल रहे इस धंधे की पुलिस को कानों कान खबर नहीं लगी.

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) एसटीएफ अजय सिंह ने कहा कि पावर बैंक एप्लिकेशन के माध्यम से विभिन्न योजनाओं में जमा किये गये धन को क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से विदेशों में भेजा गया. गिरोह ने मनी लॉन्ड्रिंग के लिए भारतीय पंजीकृत कंपनियों को शेल कंपनियों के रूप में इस्तेमाल किया.

सिंह ने कहा कि पावर बैंक एप्लिकेशन के खिलाफ धोखाधड़ी की कई शिकायतें मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गयी. 15 दिनों से अधिक समय तक चली एक जांच के दौरान, हमें धोखाधड़ी के बड़े मामले का पता चला. कुल मिलाकर, उत्तराखंड पुलिस को 20 शिकायतें मिली थीं. जिनमें से दो देहरादून के साइबर पुलिस थाने में दर्ज हैं. भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 (धोखाधड़ी) और आईटी अधिनियम की धारा 66 (सी) और 66 (डी) के तहत भी मामला दर्ज किया गया था.

आईबी और ईडी को सौंपी गयी जानकारी

तकनीकी विश्लेषण में पाया गया कि पूरी राशि अलग-अलग पेमेंट गेटवे के जरिए अलग-अलग बैंक खातों में भेजी जा रही थी. एसटीएफ ने पवन कुमार पांडेय के पास से 19 लैपटॉप, पांच मोबाइल फोन और 592 सिम कार्ड भी बरामद किए हैं. उत्तराखंड पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) अभिनव कुमार के अनुसार, यह देखते हुए कि अपराध में विदेशी संदिग्ध शामिल हैं, उत्तराखंड पुलिस ने जांच में खुफिया ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय से भी मदद मांगी है.

Posted By: Amlesh Nandan.

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