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क्या शुरू हो गयी है कोरोना की तीसरी लहर!, उत्तराखंड में 1000 बच्चे हुए कोरोना संक्रमित

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
उत्तराखंड में 1000 बच्चे हुए कोरोना संक्रमित
उत्तराखंड में 1000 बच्चे हुए कोरोना संक्रमित
प्रभात खबर

Coronavirus India Latest News Updates कोरोना की दूसरी लहर के व्यापक प्रभाव के बीच देश में तीसरी लहर की चर्चा भी जोर पकड़ रही है. देश के कई राज्यों में लॉकडाउन जैसे सख्त निर्णय के बाद से बीते कुछ दिनों से भले ही कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है. लेकिन, उत्तराखंड से संक्रमण में जो ताजा आकड़ें मिल रहे है, वह डराने वाले है. दरअसल, देश में कोरोना की तीसरी लहर के आने की आशंका के बीच उत्तराखंड में करीब एक हजार बच्चे कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए है. जिसको लेकर अब इस बात की चर्चा जोर पकड़ने लगी है कि क्या देश में कोरोना की तीसरी लहर का प्रकोप शुरू हो गया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तराखंड के एक गांव में बीते दस दिनों में 9 वर्ष से कम उम्र के करीब एक हजार बच्चे कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए है. ये आंकड़े राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए हैं. इस खबर के सामने आने के बाद से राज्य में हड़कंप मच गया है. जानकारी के मुताबिक, कोरोना से संक्रमित इन सभी बच्चों को इलाज के लिए कई अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. आकड़ों के मुताबिक, अब तक उत्तराखंड में कुल 2131 बच्चे कोरोना वायरस की चपेट में आए हैं. बताया जा रहा है कि कोरोना की दूसरी लहर में ही राज्य में इतनी संख्या में बच्चे संक्रमित हो गए है. जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड के गांवों में कोरोना वायरस तेजी से अपना असर दिखा रहा है और बड़ी संख्या में गांवों में रहने वाले लोग संक्रमित हो रहे है.

विशेषज्ञों के मुताबिक, कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए बहुत खबरनाक हो सकती है. तीसरी लहर में ऐसी संभावना है कि वायरस बच्चों से लेकर बड़ों तक को अपनी चपेट में ले सकता है. ऐसे में वायरस के खतरे को समझते हुए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा इससे बचाव को लेकर तैयारी शुरू कर दी गयी है. उल्लेखनीय है कि कोरोना की दूसरी लहर में कई कोरोना मरीजों को बहुत ही हाई डोज इंजेक्शन, कैप्सूल, टैबलेट के साथ ही ऑक्सीजन आदि भी देने की जरूरत पड़ी है. हालांकि, बच्चे इन इंजेक्शन, कैप्सूल, टैबलेट का सेवन नहीं कर पाते है और उनके लिए सहन करना भी मुश्किल होता है. ऐसे में देश के कई हिस्सों में बच्चों के लिए कोरोना वार्ड भी खोलने की तैयारी तेज हो गई है. ताकि तीसरी लहर आने से पहले ही तैयारी पूरी किया जा सकें.

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