भारत में दम तोड़ने लगा CORONAVIRUS, lockdown की सख्ती आ रही है काम, समझिये एक्सपर्ट के इन ग्राफिक्स से

Updated at : 19 Apr 2020 3:48 PM (IST)
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भारत में दम तोड़ने लगा CORONAVIRUS, lockdown की सख्ती आ रही है काम, समझिये एक्सपर्ट के इन ग्राफिक्स से

लॉकडाउन की वजह से कोरोना के केस में आई है कमी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 मार्च को 21 दिनों का लॉक डाउन रखा जिसे बाद में सभी लोगों के सुझाव पर बढ़ा कर 3 मई कर दिया गया. प्रधानमंत्री के द्वारा लिए गए इस कदम का असर अब धीरे धीरे जमीन पर दिखाई पड़ता जा रहा है. प्रोफेसर शमिका रवि नामक ट्विटर यूजर ने एक ग्राफिक्स के जरिए के पोस्ट शेयर की जिसमें उन्होंने बताया कि किस तरह भारत में लॉकडाउन का असर दिखने लगा है. उन्होंने ने लिखा कि भारत में कोरोना के मामले में लगातार कमी आ रही है, पिछले 5 दिनों में कोरोना के सक्रिय मामले वृद्धि 6.6 प्रतिशत है, इसलिए 11 दिनों में ये मामले दोगुने हो जाएंगे.

हम इस ग्राफिक्स को ध्यान से देखेंगे तो हम पाएंगे कि अगर लॉक डाउन नहीं रहता तो यही मामले बढ़कर 2 लाख के पार पहुँच जाता.

जैसा कि ग्राफिक्स में दिखाया गया है लॉकडाउन के तुरंत बाद इसका असर देखने को नहीं मिला लेकिन जैसे ही लॉक डाउन का सख्ती से पालन कराया गया तो इसका परिणाम अब धीरे धीरे दिखाई पड़ने लगा है, 29 मार्च तक जो केस 5 दिन में बढ़ रहे थे वो 4 ही दिन के अंतराल में बढ़ने लगे.

क्योंकि ग्राफिक्स के दिखाए गए चार्ट के अनुसार निजामुद्दीन में जो तबलीगी जमात के कार्यक्रम हुए थे उसके कारण बढ़ने लगे थे. लेकिन 6 मार्च के बाद फिर से कोरोना मरीजों की संख्या घटने लगी और जो संख्या 4 दिन में बढ़ रही थी वो 6 दिन में बढ़ने लगी.

और अब तक भारत में 15722 मरीज अब तक इस बीमारी से संक्रमित हैं.

लेकिन अगर हम इस मामले से होने वाली मृत्यु पर नजर डालेंगे तो हम पाएंगे कि दिल्ली इस मामले में सबसे आगे है जहां प्रति 150 केस में 1.95 लोग इस बीमारी से मर रहे हैं जबकि दूसरे नंबर महाराष्ट्र का है जहां प्रति 150 केस में 1.72 लोग मर रहे हैं, तीसरे नंबर पर इतने ही केस में 0.88 लोग मध्य प्रदेश में मर रहे हैं.

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अगर इस लिस्ट को ध्यान से देखें तो पाएंगे कि केरल काफी सुधार किया है, जहां पर 150 केस में 0.06 लोग मरते हैं. इस लिस्ट में अंतिम स्थान पर है. आपको बता दें कि केरल ही वो राज्य है जहां पर कोरोना का पहला मामला सामने आया था.

अगर आज की तारीख में 100 टेस्ट कर रहे हैं तो उसमें 4.4 केस सामने आ रहे हैं जबकि आँकड़े के अनुसार हम 18 मार्च तक का रिकॉर्ड उठायें तो पता चलता है कि उस वक्त प्रति 100 टेस्ट में 1.1 केस बाहर आते थे.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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