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कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से कैसे निपटेगा महाराष्ट्र, कैसी है तैयारी ?

Updated at : 21 May 2021 1:59 PM (IST)
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कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से कैसे निपटेगा महाराष्ट्र, कैसी है तैयारी  ?

देश में संक्रमण के ज्यादातर मामले जिन राज्यों से सामने आये वहां हालात कई बार नियंत्रण के बाहर चले गये लेकिन इन राज्यों ने संक्रमण से लड़ने के लिए जो रणनीति बनायी उसकी भी खूब तारीफ हुई, देश में कोरोना से लड़ने के लिए मुंबई मॉडल का जिक्र हुआ. अब कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की चर्चा है तो सबसे बड़ा सवाल है इस संक्रमण से लड़ने के लिए देश कितना तैयार है, खासकर वैसे राज्य जहां संक्रमण के मामले ज्यादा होते हैं.

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देश में कोरोना संक्रमण का खतरा अभी कम नहीं हुई है. दूसरी लहर में संक्रमण के मामले कम हुए तो अब तीसरी लहर की चर्चा होने लगी है. कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में देश के कई राज्यों में ऑक्सीजन की, बिस्तर की, अस्पताल में सुविधाओं की किल्लत सामने आ गयी. कई राज्यों में संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों ने यह स्पष्ट कर दिया कि कई जगहों पर स्वास्थ्य सेवाओं का कितना अभाव है.

मुंबई मॉडल की हुई तारीफ, अब कैसी है तैयारी 

देश में संक्रमण के ज्यादातर मामले जिन राज्यों से सामने आये वहां हालात कई बार नियंत्रण के बाहर चले गये लेकिन इन राज्यों ने संक्रमण से लड़ने के लिए जो रणनीति बनायी उसकी भी खूब तारीफ हुई, देश में कोरोना से लड़ने के लिए मुंबई मॉडल का जिक्र हुआ. अब कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की चर्चा है तो सबसे बड़ा सवाल है इस संक्रमण से लड़ने के लिए देश कितना तैयार है, खासकर वैसे राज्य जहां संक्रमण के मामले ज्यादा होते हैं.

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भारत सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार के विजय राघवन ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि तीसरी लहर आना तय है, इस बार संक्रमण के मामलों में बच्चों की संख्या ज्यादा हो सकती है. देश में बच्चों की वैक्सीन पर काम शुरू हो चुका है.

मिशन ऑक्सीजन शुरू

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अधिकारियों के साथ बैठक की और उन सभी जरूरी मुद्दों पर ध्यान देने के लिए कहा है कि जिसकी वजह से संक्रमण के मामलो में बढोतरी हो सकती है. सकार ने ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए मिशन ऑक्सीजन शुरू किया है.

ऑक्सीजन का उत्पादन 1,200 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 3,000 मीट्रिक टन करने का फैसला लिया गया है. सरकार ने मुंबई में पीडियाट्रिक वार्ड बनाने का फैसला लिया है, इसके लिए आदेश दे दिया गया है. टॉस्ट फोर्स लगातार राज्य में तैयारियों को जायजा ला रहा है, फोर्स के सदस्य डॉक्टरों से बात करके कमियों को दूर करने में लगे हैं.

पीडियाट्रिक कोविड वार्ड बनाने की योजना 

बीएमसी के अधिकारियों का कहना है कि 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए गोरेगांव के नेस्को जंबो कोविड सेंटर में एक पीडियाट्रिक कोविड वार्ड बनाने की चर्चा है जिसमें करीब 700 बेड्स होंगे.

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महाराष्ट्र में बच्चों में संक्रमण का खतरा ना हो इस पर ध्यान दिया जा रहा है, कोरोना संक्रमण से पहले ही जरूरी दिशा निर्देश जारी किये जायेंगे जिसमें कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर पर फोकस किया जायेगा. देश में 30 प्रतिशत आबादी 0 से 18 वर्ष के बच्चों एवं किशोरों की ऐसे में संक्रमण से इन्हें दूर रखना एक बड़ी चुनौती होगी. सरकार कई जगहों पर 18 + से ऊपर के लोगों को वैक्सीन भी दे रही है.

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