Pandemic side-effects : कोरोना वायरस (corona in india) के कारण देशभर में जारी लॉकडाउन (lockdown in india) का असर अब सरकारी कर्मचारियों और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों पर भी पड़ने के आसार नजर आ रहे हैं. लॉकडाउन के कारण काम-धंधे पर असर पड़ा है साथ ही कमाई घट चुकी है. इसी बीच एक खबर केरल से आ रही है जहां सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में कटौती (salary cut in kerala) करने का निर्णय लिया है. आपको बता दें कि केरल सरकार ने विपक्षी दलों और कर्मचारी संघों के विरोध के बावजूद यह फैसला किया है. केरल के सभी सरकारी कर्मचारी जो 20 हजार से ज्यादा सैलरी पाते हैं, उसमें कटौती सरकार करेगी.
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कोरोना महामारी से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने कई फैसले लिये हैं. इनमें से एक है सभी सांसदों के वेतन में एक साल के लिए 30 प्रतिशत सैलरी की कटौती. यही नहीं सांसद निधि भी 2 साल के लिए स्थगित कर दी गयी है. इसके अलावा राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने भी अपने-अपने वेतन में कटौती की है.
देश की दिग्गज ऑनलाइन होटल बुकिंग कंपनी की बात करें तो सबसे पहला नाम जुबान पर OYO होटल ऐंड होम्स का आता है. इस कंपनी ने भी अपने कर्मचारियों की सैलरी में कटौती करने का ऐलान किया है. ओयो के CEO ने कर्मचारियों को लिखे ईमेल में कर्मचारियों से इसे स्वीकार करने का आग्रह किया है. कर्मचारियों के लिखे मेल में कहा गया है कि उनकी फिक्स सैलरी में से 25% की कटौती की जाएगी. यह कटौती अप्रैल-जुलाई 2020 के लिए कंपनी लागू करेगी.
कई श्रम प्रधान क्षेत्र भी लॉकडाउन से प्रभावित हैं. इस लॉकडाउन के कारण वे अपने कर्मचारियों को सैलरी देने की स्थिति में नहीं दिख रहे हैं. कपड़े, पावरलूम और स्पोर्ट्स गुड्स क्षेत्र की कंपनियां इससे ज्यादा प्रभावित हैं. इनके पास मजदूरों को अप्रैल और मई की सैलरी देने के लिए पैसे नहीं हैं.
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कोरोना वायरस के कारण देशभर में लॉकडाउन जारी है जो 3 मई तक चलेगा. लॉकडाउन के कारण प्रदेश और केंद्र सरकार की आमदनी घटी है. असम सरकार ने पहले ही कह दिया है कि यदि उसे मदद नहीं मिली तो वह कर्मचारियों को सैलरी देने में असमर्थ है. असम के वित्त और स्वास्थ्य मंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि सूबे के लिए मई का महीना बहुत मुश्किल भरा है. पता नहीं कि राजकोष कैसे चलेगा. फिर भी हम 7 मई के बाद अप्रैल का वेतन देने में समर्थ हो जाएंगे. हालांकि, वित्त मंत्री ने आगे ये भी कहा कि जून में यदि कोई मदद नहीं मिलती है तो हम बकाए का भुगतान करने की स्थिति में नहीं होंगे.