जेलों में कोरोना विस्फोट के खतरे को लेकर शनिवार को सभी हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों से बात करेंगे CJI
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 07 May 2021 3:26 PM
Corona explosion in jails, Supreme Court, CJI : नयी दिल्ली : देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर में संक्रमितों की रिकॉर्डतोड़ वृद्धि के बाद सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों और बंदियों की संख्या पर चिंता जतायी है. उन्होंने कहा है कि कोरोना के बढ़ते मामलों का प्रकोप जेलों पर भी पड़ रहा है. जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों और बंदियों से समस्या बढ़ सकती है.
नयी दिल्ली : देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर में संक्रमितों की रिकॉर्डतोड़ वृद्धि के बाद सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों और बंदियों की संख्या पर चिंता जतायी है. उन्होंने कहा है कि कोरोना के बढ़ते मामलों का प्रकोप जेलों पर भी पड़ रहा है. जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों और बंदियों से समस्या बढ़ सकती है.
जेलों के हालात पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) एनवी रमना ने कहा है कि मैं शनिवार को देश के सभी हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से बात करेंगे. साथ ही हाई पॉवर कमेटी (एचपीसी) बनाने को कहेंगे. मालूम हो कि जेलों में अधिक कैदी होने से कोरोना विस्फोट की आशंका को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दाखिल की गयी थी.
याचिका में देश के सभी जेलों के कैदियों के लिए एक समान फैसला सुनाने की मांग की गयी है. इस पर सीजेआई ने कहा कि पूरे देश के लिए एक समान आदेश नहीं दिया जा सकता है. हर राज्य की स्थिति भिन्न है. इसलिए हाई पॉवर कमेटी बनाने के लिए कहा गया था. इसमें न्यायिक अधिकारियों को भी शामिल किया गया है. वे तथ्यों, परिस्थितियों और हलफनामों पर विचार करेंगे.
सीजेआई एनवी रमना ने कहा कि देश में कोरोना संक्रमण की मौजूदा हालात खतरनाक है. यह पिछली बार से भी ज्यादा खतरनाक है. साथ ही कहा कि पिछली बार दाखिल हुई याचिकाओं पर दोबारा विचार करने की जरूरत है. इस पर सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि शीर्ष न्यायालय ने 23 मार्च को उच्च अधिकार प्राप्त समिति गठित करने का निर्देश दिया था.
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोन्साल्विस ने कहा कि साल 2020 में करीब 40 हजार कैदियों-बंदियों को रिहा किया गया था. अदालत के आदेश पर सभी वापस जेल लौट आये हैं. पिछले साल जेलों में क्षमता से डेढ़ गुना कैदी-बंदी थी, अब यह बढ़ कर दो गुना हो गयी है. हाल ही में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
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