कोयला चोरी पर जीरो टॉलरेंस, CISF को मिले नए अधिकार, अवैध खनन माफियाओं पर कसेगा शिकंजा

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CISF: अवैध कोयला खनन और चोरी पर लगाम कसने के लिए केंद्र सरकार ने CISF को बड़े कानूनी अधिकार दिए हैं. अब बल बिना देरी के अवैध खनन, कोयला चोरी और तस्करी के मामलों में सीधे कार्रवाई, तलाशी, जब्ती और अदालत में केस दर्ज कर सकेगा. सरकार इसे जीरो कोल लीकेज प्लान की बड़ी पहल मान रही है.

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CISF: कोयला और अवैध खनन माफियाओं पर लगाम कसने के लिए केंद्र सरकार ने एक बेहद ऐतिहासिक कदम उठाया है. केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी CISF को अब खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 (MMDR Act) के तहत सीधे कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार दे दिया गया है. इस अधिकार के तहत कोयला माफियाओं पर लगाम कसने के लिए अब सीआईएफ डीआईजी मैं खुद कमर कस ली है. इस संदर्भ में के पी सिंह मंगलवार आसनसोल के शीतलपुर स्थित सीआईएसएफ के मुख्यालय पहुंचे और सीनियर कमांडेंट राहुल सिंह गौतम और जवानों से बात कर उन्हें दिशा निर्देश दिया.

बाद में सिंह ECL मुख्यालय पहुंचे ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के सीएमडी सतीश जहां से भी मिले और इस विषय पर विस्तार से चर्चा की. इस फैसले के बाद CISF अब CISF बिना किसी देरी के अवैध खनन और चोरी के मामलों में सीधे अदालत में केस दर्ज करा सकेगी. CISF के अधिकारियों को अब किसी भी संदिग्ध परिसर में घुसने, तलाशी लेने और अवैध रूप से निकाले गए खनिजों को जब्त करने का पूरा अधिकार होगा. चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजारों, भारी मशीनों और गाड़ियों को भी CISF मौके पर ही सीज कर सकेगी.

यह फैसला गृह मंत्री अमित शाह और कोयला व खान मंत्री जी. किशन रेड्डी की एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक के बाद जमीन पर उतारा जा रहा है. झारखंड के धनबाद और उसके आस-पास के इलाकों में कोयला चोरी की बढ़ती घटनाओं पर सरकार ने बेहद सख्त रुख अपनाया है. सरकार अब "ज़ीरो कोल लीकेज प्लान" पर काम कर रही है.

इसके लिए CISF को बेहद संवेदनशील इलाकों में तुरंत तैनात करने के साथ-साथ क्विक रिस्पांस टीम (QRT) बनाने के निर्देश दिए गए हैं. इतना ही नहीं, अवैध परिवहन को रोकने के लिए अब GST अथॉरिटीज़ की भी मदद ली जाएगी ताकि हर कोयले की गाड़ी का 'ई-वे बिल' मौके पर वेरिफाई किया जा सके.

साफ है कि CISF अब राष्ट्रीय संपदा की लूट बर्दाश्त करने के मूड में बिल्कुल नहीं है और CISF को मिले ये नए कानूनी हथियार अवैध खनन माफियाओं की कमर तोड़ने में गेम-चेंजर साबित होंगे.


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प्रीतीश सहाय

लेखक के बारे में

By प्रीतीश सहाय

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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