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कार्ति के ठिकानों पर सीबीआई की छापेमारी, पी चिदंबरम का दावा - प्राथमिकी में मेरा नाम नहीं

Updated at : 17 May 2022 12:58 PM (IST)
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कार्ति के ठिकानों पर सीबीआई की छापेमारी, पी चिदंबरम का दावा - प्राथमिकी में मेरा नाम नहीं

केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने मंगलवार की सुबह ही पी चिदंबरम के बेटे और कांग्रेसी नेता कार्ति चिदंबरम के घर और दफ्तर समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की शुरुआत कर दी है. इस बात की जानकारी कार्ति चिदंबरम के कार्यालय की ओर से दी गई है.

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नई दिल्ली : राजस्थान के उदयपुर में आयोजित कांग्रेस के चिंतन शिविर के समाप्त होते ही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के बेटे और कांग्रेसी सांसद कार्ति चिदंबरम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने मंगलवार की सुबह ही पी चिदंबरम के बेटे और कांग्रेसी नेता कार्ति चिदंबरम के घर और दफ्तर समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की शुरुआत कर दी है. कार्ति चिदंबरम के खिलाफ चीन के 250 नागरिकों को वीजा दिलवाने के लिए 50 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में एक नया मामला दर्ज किया है.

वहीं, अधिकारियों ने बताया कि चेन्नई में तीन, मुंबई में तीन, कर्नाटक, पंजाब, दिल्ली और ओडिशा में एक-एक ठिकाने पर छामेपारी की जा रही है. अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई का एक दल कार्ति चिदंबरम और उनके पिता, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद पी चिदंबरम के यहां लोधी एस्टेट स्थित आधिकारिक आवास पर भी पहुंचा. अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में सीबीआई ने आरोप लगाया है कि कार्ति चिदंबरम को संयुक्त प्रगतिशील गठबन्धन (यूपीए) सरकार के कार्यकाल के दौरान ‘तलवंडी साबो बिजली परियोजना’ के लिए जुलाई-अगस्त 2011 में चीन के 250 नागरिकों को वीजा दिलवाने के लिए 50 लाख रुपये की रिश्वत मिली थी. उस समय पी चिदंबरम वित्त मंत्री थे.

साथ ही अधिकारियों ने बताया कि पंजाब में बिजली परियोजना की स्थापना के लिए चीन की एक कम्पनी के साथ अनुबंध किया गया था, लेकिन उसका काम तय समय से पीछे चल रहा था. उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए कामगारों की जरूरत थी, लेकिन सीमित संख्या में ही विदेशी नागरिकों को ‘वर्क परमिट’ दिया जा सकता था. आरोप है कि कंपनी ने कार्ति से संपर्क किया, जिन्होंने अपने प्रभाव का फायदा उठाते हुए अधिकृत संख्या का उल्लंघन कर वीजा दिलवाया.

उधर, सीबीआई के अधिकारियों द्वारा मंगलवार सुबह छापेमारी अभियान शुरू करने के बाद पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम ने अपने एक ट्वीट में लिखा, ‘मैं गिनती भूल गया हूं कि ऐसा कितनी बार हुआ है. यह भी एक रिकॉर्ड बनेगा.’


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अधिकारियों ने बताया कि कार्ति चिदंबरम के खिलाफ यह जांच आईएनएक्स मीडिया मामले की जांच के दौरान कुछ संबंधित सुराग मिलने पर शुरू की गई. कांग्रेस के सांसद आईएनएक्स मीडिया में विदेशी निवेश के लिए कथित तौर पर विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी दिलाने के आरोप में आपराधिक मामलों का सामना भी कर रहे हैं. अधिकारियों ने बताया कि लेन-देन की जांच के दौरान सीबीआई को 50 लाख रुपये की संदिग्ध राशि का पता चला, जो कथित तौर पर एक संयंत्र में काम करने वाले चीन के श्रमिकों को वीजा दिलवाने के वास्ते ली गई थी.

प्राथमिकी में मेरा नाम दर्ज नहीं : चिदंबरम

उधर, राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने अपने एक बयान में इस बात का दावा किया है कि सीबीआई की टीम ने चेन्नई स्थित मेरे घर, दिल्ली स्थित आधिकारिक आवास पर छापेमारी की. उन्होंने एक प्राथमिकी दिखाई, जिसमें मेरा नाम बतौर आरोपी दर्ज नहीं था. उन्होंने कहा कि सीबीआई को कुछ भी नहीं मिला और कुछ भी जब्त नहीं किया गया. छापेमारी का समय जरूर रोचक है.

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