गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी, मोदी सरकार ने गन्ने का न्यूनतम मूल्य बढ़ाकर 315 रुपये प्रति क्विंटल किया

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने गन्ने का न्यूनतम मूल्य बढ़ाने का फैसला किया. सत्र 2023-24 के लिये गन्ने का एफआरपी 315 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है.
Cabinet Decision: केंद्र सरकार ने गन्ना किसानों को बड़ा गिफ्ट दिया है. केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में 2023-24 के लिए गन्ना के लिए 315 रुपये प्रति क्विंटल का रेट तय किया है. सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बुधवार शाम यह जानकारी देते हुए कहा, सरकार ने 2023-24 सत्र के लिये गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) 10 रुपये बढ़ाकर 315 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया.
बताते चलें कि एफआरपी वह न्यूनतम मूल्य है जिसे चीनी मिलों को गन्ना किसानों को देना होता है. गन्ना सत्र अक्टूबर से शुरू होता है. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने गन्ने का न्यूनतम मूल्य बढ़ाने का फैसला किया. सत्र 2023-24 के लिये गन्ने का एफआरपी 315 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है. पिछले सत्र में गन्ने का न्यूनतम मूल्य 305 रुपये प्रति क्विंटल था.
#WATCH | Delhi: The cabinet has approved the highest ever Fair and Remunerative Price of Rs.315/qtl for Sugarcane Farmers for sugar season 2023-24. The decision to benefit 5 crore sugarcane farmers and their dependents, as well as 5 lakh workers employed in the sugar mills and… pic.twitter.com/mW5RgQZIl9
— ANI (@ANI) June 28, 2023
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) हमेशा अन्नदाता के साथ हैं. उन्होंने कहा कि सरकार हमेशा कृषि और किसानों को प्राथमिकता देती रही है. अनुराग ठाकुर ने कहा कि गन्ने का न्यूनतम मूल्य 2014-15 में 210 रुपये प्रति क्विंटल था. अब वह बढ़कर 2023-24 में 315 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है.
इसके साथ ही केंद्रीय कैबिनेट ने पीएम-प्रणाम योजना (PM PRANAM Scheme) और यूरिया गोल्ड योजना समेत कई अन्य योजनाओं को भी मंजूरी दी. कृषि प्रबंधन योजना (PRANAM) के लिए वैकल्पिक पोषक तत्वों को बढ़ावा देने वाली इस योजना का उद्देश्य जैव उर्वरकों के साथ ही उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देना है. इस योजना की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ष 2023-24 के बजट में की थी. इसके पीछे प्रेरक बिंदु रासायनिक उर्वरकों पर सब्सिडी के बोझ को कम करना है.
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लेखक के बारे में
By Samir Kumar
More than 15 years of professional experience in the field of media industry after M.A. in Journalism From MCRPV Noida in 2005
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