यूपी के इस गांव में खुद मस्जिद और मदरसे तोड़ने लगे लोग, मंगवाया बुलडोजर
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 05 Apr 2026 8:17 PM
बुलडोजर एक्शन (Photo: AI)
Bulldozer Action : उत्तर प्रदेश के संभल में सरकारी जमीन पर बने मस्जिद, मदरसे और स्कूल को ग्रामीण खुद ही बुलडोजर से गिरा रहे हैं. जानें तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने क्या बताया.
Bulldozer Action : संभल तहसील के मुबारकपुर बंद गांव में सरकारी जमीन पर बने मदरसे, मस्जिद और स्कूल को ग्रामीणों ने रविवार (5 अप्रैल) को खुद बुलडोजर से गिराना शुरू कर दिया. तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि शनिवार (4 अप्रैल) को ग्राम प्रधान ने इसके लिए जेसीबी मशीन उपलब्ध कराने की मांग की थी.
संभल तहसील के गांव मुबारकपुर बंद में रविवार को बुलडोजर पहुंचा. ग्राम सभा की साढ़े तीन बीघा भूमि पर बने गौसुल मदरसा, मस्जिद ओर प्राथमिक स्कूल के अवैध निर्माण को तोड़ना शुरू कर दिया. ग्राम प्रधान के पति हाजी मुनव्वर ने बताया कि जेसीबी की मदद ली गई है जबकि इससे पहले मजदूरों को लगा करके निर्माण को तोड़ा जा रहा था. उन्होंने कहा कि तहसीलदार से जेसीबी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था.
निर्माण को हटाने के लिए लगेगा 20 घंटे का समय
मुनव्वर ने कहा कि जेसीबी की मदद से निर्माण को हटाने के लिए 20 घंटे का समय लगेगा. तहसीलदार द्वारा जेसीबी उपलब्ध कराई गई है लेकिन इसके किराये का भुगतान हम करेंगे. तहसीलदार सिंह ने बताया कि ग्राम सभा की भूमि पर मस्जिद, मदरसा और स्कूल बना हुआ है. जैसे ही गांव के लोगों के संज्ञान में आया कि यह ग्राम सभा की जमीन है तो वे इस निर्माण को खुद ही तोड़ रहे हैं.
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संभल का यह गांव जनवरी में आया था चर्चा में
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन ने 5 जनवरी 2026 को राया बुजुर्ग गांव में अवैध मस्जिद गिराने के बाद बिजली चोरी पर भी सख्त कार्रवाई की थी. जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने बताया था कि रैसट्टी थाना क्षेत्र में बिजली चोरी रोकने के लिए खास अभियान चलाया गया. इसके लिए सात टीमें बनाई गईं. जांच में बड़े स्तर पर चोरी पकड़ी गई. कई जगह एक ही कनेक्शन से 50-60 घरों में बिजली दी जा रही थी.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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