Budget 2026: सुरक्षा के साथ ट्रेनों की रफ्तार को गति देने का काम करेगा यह बजट

यह बजट रेल नेटवर्क को आधुनिक, तेज़, सुरक्षित और आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बनाने वाला बजट माना जा रहा है. उच्च-स्पीड रेल कॉरिडोर, सुरक्षा सुधार और यात्री अनुभव के उन्नयन पर जोर इसे पिछले वर्षों से अलग और महत्वपूर्ण बनाता है.
Budget 2026: देश में रेलवे की तस्वीर बदलने के लिए सरकार लंबी अवधि की योजना पर काम कर रही है और आने वाले समय में रेलवे सुरक्षा, सुविधा और गति के मामले में दुनिया के प्रमुख देशों में शामिल होगा. बजट में रेलवे के भविष्य की योजना का खाका पेश किया गया है. बजट 2026 में रेलवे को लेकर की गयी घोषणा सिर्फ ट्रेनों की गति बढ़ाने पर नहीं बल्कि देश की आर्थिक गति, रोजगार और विकास को नयी गति देने वाली साबित होगा. देश के विभिन्न हिस्सों में आर्थिक विकास को गति देने के लिए सात सात नये हाई स्पीड रेलवे कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गयी है. यह कॉरिडोर देश के बड़े औद्योगिक, व्यावसायिक और सांस्कृतिक केंद्रों को आपस में जोड़ने का काम करेगा. इससे आर्थिक और सामाजिक विकास को गति मिलेगी.
यह कॉरिडोर मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी के बीच बनेगा. सरकार का मानना है कि हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण से इन क्षेत्रों के बीच सिर्फ यात्रा के समय में कमी नहीं आएगी, बल्कि इससे कारोबार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. देश में ट्रेन की स्पीड बढ़ाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है. इस कड़ी में वंदे भारत ट्रेन चलाया जा रहा है. इसके अलावा अहमदाबाद से मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन परियोजना पर काम तेज गति से चल रहा है. यह देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए काफी अहम साबित होगा. संकट के समय सुरक्षा बल कम समय में एक जगह से दूसरे जगह पर पहुंच सकेंगे.
सुरक्षा और सुविधा को मिली है प्राथमिकता
बजट में स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ के विस्तार के लिए आवंटन बढ़ाया गया है. मानवीय गलती के कारण होने वाली रेल दुर्घटनाओं को कम करने के लिए कवच सिस्टम का विस्तार किया जा रहा है. मंत्रालय ने हाल में 400 किलोमीटर ट्रैक पर कवच 4.0 सिस्टम लगाने का काम किया है और 18 हजार किलोमीटर ट्रैक पर कवच सिस्टम लगाने के लिए टेंडर जारी करने की प्रक्रिया चल रही है. आवंटन बढ़ने से इस प्रक्रिया में तेजी आएगी. इसके अलावा ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत देशभर के 1337 स्टेशनों के पुनर्निर्माण का काम हो रहा है, जिसमें से 1197 स्टेशनों पर निर्माण काम शुरू हो चुका है. बजट में नये वंदे भारत ट्रेनों को शुरू करने की घोषणा के अलावा बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए 21000 करोड़ रुपये का निवेश जारी रहेगा.
ऊर्जा गलियारा पर जोर
रेलवे की आय का मुख्य साधन माल ढुलाई है. माल ढुलाई से आय को बढ़ाने के लिए ऊर्जा गलियारा और अधिक ट्रैफिक वाले रूट पर ट्रैक के दोहरीकरण और विद्युतीकरण पर जोर दिया गया है, ताकि लॉजिस्टिक लागत कम हो सके. इसके लिए सूरत से पश्चिम बंगाल के दानकुनी तक डेडिकेटेड फ्रेड कॉरिडोर का निर्माण होगा. हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का मकसद सिर्फ गति बढ़ाना नहीं, बल्कि देश के प्रमुख शहरों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी मुहैया कराने के साथ व्यापारिक गतिविधि को तेज करने का काम करेगी. इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्रीय विकास को रफ्तार मिलेगी. गौर करने वाली बात है कि पिछले बजट में रेल मंत्रालय के लिए 255393 करोड़ रुपये का आवंटन कर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को प्राथमिकता दी गयी थी. इस बार के बजट में सुरक्षा, सुविधा को सशक्त बनाने के साथ हाई-स्पीड नेटवर्क के विस्तार पर फोकस किया गया है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह बजट देश के सर्वांगीण विकास और 2047 के आत्मनिर्भर भारत के नींव को मजबूत करने का काम करेगा.
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