कोई खुशी से झूमा तो किसी की बीमारी हुई ठीक, झारखंड में इतने लोगों की मदद कर चुके हैं बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 18 Aug 2025 1:24 PM
Sonu Sood jharkhand
Sonu Sood Help : बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद बिहार और झारखंड के अलावा देश के अन्य राज्यों के असहाय लोगों की मदद करते रहे हैं. इस बार उन्होंने दो गरीब भाइयों की पढ़ाई का खर्च उठाया है, जिनकी पढ़ाई पैसों की कमी से रुक गई थी. बिहार के इन बच्चों के पिता का निधन 12 साल पहले हो चुका था, जिससे उनका जीवन और मुश्किल हो गया था. आइए जानते हैं झारखंड के किन लोगों की मदद कर चुके हैं सोनू सूद.
Sonu Sood Help : झारखंड के “सोनू सूद” यानी विकास कुमार गुप्ता की पहल और अभिनेता सोनू सूद की मदद से दर्जनों परिवारों को नई जिंदगी मिली. वे झारखंड के बेरमो में रहते हैं. सामाजिक कार्यकर्ता विकास आज पूरे इलाके में “झारखंड के सोनू सूद” के नाम से जाने जाते हैं. उनकी पहल और बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद की मदद से राज्य के कई गरीब और जरूरतमंद परिवारों की जिंदगी बदल चुकी है. कभी भूख से जूझते परिवार को राशन मिला, तो कभी इलाज के लिए पैसे पहुंचे. किसी को पढ़ाई का सहारा मिला, तो किसी मासूम की जान बच गई. आइए जानते हैं बॉलीवुड एक्टर की मदद से किनकी जिदगी में आशा की किरण फूटी.
बीमारी और गरीबी से मौतों के बाद भूखल घासी तक पहुंची राहत
बोकारो कसमार के भूखल घासी और उनकी बेटी की मौत गरीबी और बीमारी से हो गई. परिवार में एक साल के भीतर छह लोगों की मौत होना बेहद कष्टदायक था. खबर मिलते ही विकास गुप्ता ने सोनू सूद को जानकारी दी. सोनू ने तुरंत संज्ञान लेकर राहत सामग्री परिवार तक पहुंचाई.
संजय कादू की आंखों में रोशनी लाने की कोशिश
जरीडीह बाजार निवासी स्व. संजय कादू ने बीमारी की वजह से दोनों आंखों की रोशनी खो दी थी. विकास गुप्ता ने मामला सोनू सूद तक पहुंचाया. सोनू ने ट्वीट कर कहा – “चलिए आज दिन की शुरुआत इनकी आंखों में रोशनी लाने से करते हैं.” हालांकि इलाज से पहले ही संजय की तबीयत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई.
सपना को पढ़ाई के लिए मिला मोबाइल फोन
बेरमो की सपना कुमारी लॉकडाउन में पढ़ाई से वंचित हो रही थी, क्योंकि उसके पास ऑनलाइन क्लास के लिए मोबाइल नहीं था. यह बात सोनू सूद तक पहुंचाई गई. सोनू ने ट्वीट कर कहा – “सिम कार्ड तैयार रखो.” एक हफ्ते में सपना को नया एंड्रॉइड मोबाइल मिला. फोन पाकर सपना खुशी से झूम उठी.
मासूम राजवीर को मिला नया जीवन
जरीडीह बाजार निवासी आशुतोष वर्मा का 9 माह का बेटा राजवीर दिल की गंभीर बीमारी से जूझ रहा था. पैसे की कमी से इलाज असंभव था. सोनू सूद ने कहा – “पैसे के अभाव में किसी का इलाज ना रुके.” इसके बाद राजवीर का मुंबई के वाडिया हॉस्पिटल में ऑपरेशन हुआ और वह स्वस्थ हुआ. सोनू ने ट्वीट किया – “एकदम हीरो लग रहा है छोरा.”
विनायक की पढ़ाई का खर्च उठाया
स्व. विनोद कुमार वर्मा के बेटे विनायक (11वीं के छात्र) की फीस भरने के लिए घर में पैसे नहीं थे. सोनू सूद की टीम ने पांच माह की फीस स्कूल में जमा कर दी.
सुरभि देवी को मिली आर्थिक मदद
जरीडीह बाजार की सुरभि देवी अपने बच्चे के इलाज तक के पैसे नहीं जुटा पा रही थीं. सोनू सूद को जानकारी दी गई. इसके बाद तुरंत उनके खाते में आर्थिक सहायता भेजी गई.
बीमार को मिला सहारा
बेरमो के शिवनंदन कुमार के मस्तिष्क इलाज के लिए सोनू सूद की टीम ने आर्थिक मदद दी. इसके अलावा जैनामोड़ के रविंद्र कुमार सिंह सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे. उनतक भी आर्थिक मदद सोनू सूद की ओर से पहुंची.
नीलांजना को मिली साइकिल
खरसावां जिले की नीलांजना पॉल रोज पैदल 1 किलोमीटर स्कूल जाती थी. सोनू सूद को इसकी जानकारी मिलते ही एक सप्ताह में नीलांजना को नई साइकिल मिली. सोनू सूद ने मजाक में कहा – “कभी आऊंगा तो साइकिल से घुमा देना.”
अमित प्रमाणिक को भी साइकिल का तोहफा
चांडिल निवासी अमित प्रमाणिक रोज 5 किलोमीटर पैदल स्कूल जाता था. सोनू सूद ने उसके लिए भी नई साइकिल भेजी. अमित ने खुशी जताते हुए कहा – “अब मैं रोज स्कूल जाऊंगा, सोनू भैया और विकास भैया को धन्यवाद…”
यह भी पढ़ें : Sonu Sood Help: 12 साल पहले पिता की मृत्यु, पढ़ाई छोड़ किया काम, अब सोनू सूद दोनों भाइयों के लिए बने मसीहा
विकास गुप्ता की मदद की सूची बहुत लंबी है. वे हर साल सोनू सूद का जन्मदिन धूमधाम से मनाते हैं. इस अवसर पर सोनू सूद वीडियो कॉल के जरिए बच्चों से जुड़ते हैं. विकास का मानना है, “जरूरतमंद की मदद करने के लिए जेब नहीं, जज्बे की जरूरत होती है.”
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










