Rohini Acharya : लालू को किडनी दान करने वाली रोहिणी के साथ ऐसा क्यों? बीजेपी की आई प्रतिक्रिया

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 16 Nov 2025 12:15 PM

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लालू की बेटी रोहिणी आचार्य (File Photo)

Rohini Acharya : रोहिणी आचार्य ने 15 नवंबर को राजनीति से संन्यास लेने और परिवार से संबंध खत्म करने की घोषणा की. साथ ही उन्होंने संजय यादव और रमीज पर उन पर दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए. इसके बाद उन्होंने एक और पोस्ट एक्स पर शेयर किया. इसके बाद बीजेपी की प्रतिक्रिया आई.

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Rohini Acharya : बिहार चुनाव के ठीक बाद लालू परिवार में दरार बढ़ती नजर आ रही है. रोहिणी आचार्य ने राजनीति छोड़ने और परिवार से दूरी बनाने की घोषणा की जिसकी चर्चा काफी हुई. अब रविवार को रोहिणी ने एक्स पर एक और पोस्ट किया जिससे बाद जमकर बवाल मच गया. उन्होंने पोस्ट में लिखा–कल एक बेटी, एक बहन , एक शादीशुदा महिला , एक मां को जलील किया गया, गंदी गालियां दी गयीं, मारने के लिए चप्पल उठाया गया. आगे उन्होंने लिखा–मैंने  अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया, सच का समर्पण नहीं किया, सिर्फ और सिर्फ इस वजह से मुझे बेइज्जती झेलनी पडी. कल एक बेटी मजबूरी में अपने रोते हुए मां-बाप बहनों को छोड़  आयी, मुझसे मेरा मायका छुड़वाया गया.. मुझे अनाथ बना दिया गया ….आप सब मेरे रास्ते कभी ना चलें, किसी घर में रोहिणी जैसी बेटी – बहन  पैदा ना  हो.

रोहिणी के इस पोस्ट पर बीजेपी की प्रतिक्रिया आई है. बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने एक्स पर लिखा–रोहिणी आचार्या ने अपनी जान की परवाह किए बिना अपने पिता लालू प्रसाद को किडनी दान की, ताकि उनकी जिंदगी कुछ समय और बढ़ सके. लेकिन लालू ने अपनी बेटी रोहिणी के सम्मान से ज्यादा अपने बेटे तेजस्वी को तरजीह दी. आज रोहिणी आचार्या सार्वजनिक रूप से परिवार में चप्पल से पीटे जाने तक की बात कह रही हैं. यही है लालू परिवार की पितृसत्तात्मक, स्त्री-विरोधी और पुरुष-प्रधान मानसिकता का असली चेहरा. इनसे महिला सम्मान की अपेक्षा करना भी अनुचित है.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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