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मणिपुर में भाजपा सरकार पर मंडराया खतरा, कांग्रेस 'नो कॉन्फिडेंस मोशन' की तैयारी में

By Prabhat Khabar Digital Desk
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इम्‍फाल : कोरोना संकट के बीच भारतीय जनता पार्टी के हाथ से नॉर्थ-ईस्‍ट का राज्‍य मणिपुर निकलता दिखाई दे रहा है. ऐसा इसलिए क्‍योंकि उप मुख्यमंत्री वाई जयकुमार सिंह समेत नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) के चार मंत्रियों ने प्रदेश की भाजपा नीत सरकार से इस्तीफा दे दिया. अब कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ नो कॉन्‍फिडेंस मोशन लाने की तैयारी कर रही है.

मणिपुर कांग्रेस विधायक दल के नेता ओकराम इबोबी सिंह ने राज्यपाल को पत्र लिखकर CM एन बीरेन सिंह की सरकार के खिलाफ 'नो कॉन्फिडेंस मोशन' प्रस्ताव को अपनाने और सरकार बनाने के लिए नवगठित सेक्युलर प्रोग्रेसिव फ्रंट को आमंत्रित करने के लिए विशेष विधानसभा सत्र बुलाने का अनुरोध किया है.

गौरतलब है कि वाई जयकुमार सिंह के अलावा जनजातीय और पर्वतीय क्षेत्र विकास मंत्री एन काइशी, युवा मामले एवं खेल मंत्री लेतपाओ हाओकिप और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री एल जयंत कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह को अपना इस्तीफा सौंप दिया है.

मणिपुर विधानसभा अध्यक्ष को हटाने के लिए कांग्रेस ने नोटिस दिया

मणिपुर में भाजपा नीत सत्तारुढ़ गठबंधन के नौ विधायकों के बागी होने के चलते मजबूत हुई विपक्षी कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष वाई खेमचंद को हटाने के लिए बृहस्पतिवार को नोटिस दिया.

कांग्रेस के विधायक के मेघचंद्र ने संविधान के अनुच्छेद 179 (सी) के तहत मणिपुर विधानसभा के सचिव को नोटिस सौंपा. इस अनुच्छेद के तहत विधानसभा के तत्कालीन सदस्यों के बहुमत से प्रस्ताव को पारित करके अध्यक्ष अथवा उपाध्यक्ष को उसके पद से हटाया जा सकता है.

मेघचंद्र ने नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के पूर्व उप मुख्यमंत्री वाई जॉयकुमार समेत दस सदस्यों के समर्थन का दावा करते हुए नोटिस को स्वीकार किए जाने की अपील की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सात विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने से संबंधित कार्यवाही के लिए अध्यक्ष ने अगली तारीख 22 जून निर्धारित की थी.

क्‍या है मणिपुर का सियासी गणित

मणिपुर का सियासी गणित को आप इस प्रकार समझ सकते हैं. मणिपुर में फिलहाल 60 सदस्यीय विधानसभा में कुल 59 विधायक हैं. कांग्रेस से भाजपा में शामिल श्याम कुमार सिंह विधायक अयोग्य करार दिए जा चुके हैं. इसके अलावा कांग्रेस से भाजपा में शामिल 7 विधायकों का मामला दल बदल के तहत अलटका हुआ है. इस तरह कांग्रेस के पाले में 20 विधायक हैं और भाजपा के पास 3 विधायकों के पाला बदल लेने के बाद संख्या 18 हो गई है.

मौजूदा स्‍थिति में कांग्रेस ने दावा किया है कि 20 विधायकों के साथ NPP के 4, टीएमएसी के एक, एक निर्दलीय और भाजपा के 2 विधायकों के साथ कुल संख्या 28 है. वहीं, भाजपा के पास मौजूदा स्‍थिति के अनुसार 23 विधायक हैं. इस तरह मणिपुर की राजनीति काफी दिलचस्‍प हो गयी है.

posted by - arbind kumar mishra

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