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भय बिनु होइ न प्रीति... वायुसेना प्रमुख ने ‘दिनकर’ की कविता और ‘सुंदरकांड’ की चौपाई से दुश्मन को दिया कड़ा संदेश

Updated at : 12 May 2025 3:33 PM (IST)
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Bhay Binu Hoi Na Preeti... Air Force Chief AK Bharati Ramdhari Singh Dinkar and Sunderkand Ramayan

वायुसेना प्रमुख एके भारती.

Bhay Binu Hoi Na Preeti... : तीनों सेना प्रमुख और डीजीएमओ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू करने से पहले पाकिस्तान की तबाही का एक वीडियो चलाया, जिसमें रामधारी सिंह दिनकर की कविता पढ़ी गयी थी. पत्रकार ने सवाल पूछा था कि एक दिन पहले जब तीनों सेना प्रमुखों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत की थी, तब वीडियो में शिवतांडव का जिक्र किया गया था और आज राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की ‘कृष्ण की चेतावनी’. इन दोनों वीडियो और कविता के जरिये भारतीय सेना क्या संदेश देना चाहती है, कृपया इसको स्पष्ट करें.

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Bhay Binu Hoi Na Preeti…: भारतीय सेना ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कविता ‘कृष्ण की चेतावनी’ की पंक्तियों ‘याचना नहीं अब रण होगा, जीवन-जय या कि मरण होगा’ और रामायण के सुंदरकांड की एक चौपाई ‘विनय न मानत जलधि जड़, गये तीन दिन बीति. बोले राम सकोप तब, भय बिनु होइ न प्रीति’. ये बातें भारतीय वायुसेना के प्रमुख एके भारती ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहीं. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के बाद बुलाये गये संवाददाता सम्मेलन में एक पत्रकार के द्वारा पूछे गये सवाल के जवाब में उन्होंने रामायण की चौपाई सुनायी.

पत्रकार ने वायुसेना प्रमुख से पूछा- क्या संदेश देना चाहते हैं?

तीनों सेना प्रमुख और डीजीएमओ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू करने से पहले पाकिस्तान की तबाही का एक वीडियो चलाया, जिसमें रामधारी सिंह दिनकर की कविता पढ़ी गयी थी. पत्रकार ने सवाल पूछा था कि एक दिन पहले जब तीनों सेना प्रमुखों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत की थी, तब वीडियो में शिवतांडव का जिक्र किया गया था और आज राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की ‘कृष्ण की चेतावनी’. इन दोनों वीडियो और कविता के जरिये भारतीय सेना क्या संदेश देना चाहती है, कृपया इसको स्पष्ट करें.

वायुसेना प्रमुख एके भारती ने सुनाया रामायण का प्रसंग

इस सवाल पर वायुसेना प्रमुख भारती ने कहा, ‘रामधारी सिंह दिनकर हमारे राष्ट्रकवि हैं. आपके सवाल के जवाब में मैं रामायण का एक प्रसंग याद दिलाता हूं. कई दिनों तक विनती करने के बाद भी जब श्रीराम की सेना को समुद्र ने रास्ता नहीं दिया, तो भगवान श्रीराम ने क्रोध में कहा- विनय न मानत जलधि जड़, गये तीन दिन बीति. बोले राम सकोप तब, भय बिनु होइ न प्रीति.’ उन्होंने कहा कि समझदार के लिए इशारा ही काफी है. वायुसेना प्रमुख ने जैसे ही ये पंक्तियां पढ़ीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल तालियों से गूंज उठा.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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