लवली खातून बांग्लादेश से घुसी भारत में, बन गई मालदा में ग्राम पंचायत प्रधान
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 02 Jan 2025 1:09 PM
लवली खातून
Bangladeshi Infiltration : बांग्लादेशी नागरिक ग्राम पंचायत प्रधान बनी. मामले में हाइकोर्ट ने रिपोर्ट मांगी है. न्यायाधीश अमृता सिन्हा की पीठ अगले सप्ताह सुनवाई करेगी.
Bangladeshi Infiltration : बांग्लादेश की रहने वाली एक महिला मालदा में एक ग्राम पंचायत का प्रधान बन गयी है. इस संबंध में कलकत्ता हाइकोर्ट में याचिका दायर की गयी है. याचिकाकर्ता के आरोप के बाद न्यायाधीश अमृता सिन्हा की पीठ अगले सप्ताह मामले की सुनवाई करेगी. मामले में हाइकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है. जानकारी के अनुसार, यह मामला मालदा के रशीदाबाद ग्राम पंचायत का है. ग्राम पंचायत प्रधान लवली खातून पर बांग्लादेश की घुसपैठिया होने का गंभीर आरोप लगाया गया है.
एक महिला ने हाइकोर्ट में याचिका दायर की है. इसमें उसने दावा किया है कि लवली खातून मूल रूप से बांग्लादेश की रहने वाली हैं. उनका असली नाम नसिया शेख है. आरोप है कि वह पड़ोसी बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत में आयी हैं. फर्जी दस्तावेजों के जरिये भारत की नागरिकता हासिल कर पंचायत चुनाव लड़ीं. इसके बाद प्रधान बन गईं.
लवली खातून के खिलाफ कलकत्ता हाइकोर्ट में चांचल की रहने वाली रेहाना सुल्तान ने मुकदमा दर्ज करवाया है. रेहाना सुल्तान ने साल 2022 में लवली खातून के खिलाफ पंचायत का चुनाव लड़ा था और वो हार गयी थीं.
घुसपैठ के मुद्दे पर बीजेपी-टीएमसी आमने-सामने
पश्चिम बंगाल में घुसपैठ का मुद्दा बार-बार बीजेपी उठाती है. खुद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मामले को लेकर ममता बनर्जी सरकार पर हमला कर चुके हैं. कुछ दिन पहले बंगाल के वरिष्ठ मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा था कि बांग्लादेश से लगातार जारी अवैध प्रवास के लिए केंद्र को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए. उनका बयान अंसार-अल-इस्लाम बांग्लादेश के संदिग्ध सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल सरकार पर बीजेपी द्वारा किए गए हमले के मद्देनजर आया. वे कथित तौर पर पूर्वी राज्य में आतंकवादी संगठन का नेटवर्क फैलाने की कोशिश कर रहे थे.
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पश्चिम बंगाल में बीजेपी को लोकसभा चुनाव में कुछ खास सफलता नहीं मिली. चुनाव के बाद अक्टूबर के महीने में अमित शाह यहां पहुंचे तो उन्होंने “बांग्लादेश से घुसपैठ” का मामला फिर उठा दिया. शाह ने कहा, “2026 में (जब विधानसभा चुनाव होने वाले हैं) बंगाल में बदलाव लाएं…. यदि बीजेपी की सरकार प्रदेश में आई तो घुसपैठ को समाप्त कर दिया जाएगा. राज्य में शांति सुनिश्चित की जाएगी.”
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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