केंद्रीय मंत्री संजय कुमार के बेटे ने POCSO केस में किया सरेंडर, तेलंगाना पुलिस ने जारी किया था लुकआउट नोटिस
Published by : Anant Narayan Shukla Updated At : 17 May 2026 10:27 AM
बंडी संजय कुमार के बेटे सरेंडर करने जाते हुए. फोटो- एक्स.
Bandi Sanjay Kumar Son POCSO Case: केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे भागीरथ ने पॉक्सो केस में सरेंडर कर दिया है. उनके खिलाफ तेलंगाना पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी किया था. हालांकि, पुलिस ने कहा कि भागीरथ को गिरफ्तार किया गया, जबकि उनके पिता ने फोटो शेयर करके कहा कि भागीरथ ने सरेंडर किया.
Bandi Sanjay Kumar Son POCSO Case: केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे बंडी साई भागीरथ को पॉक्सो एक्ट के तहत लगे आरोपों के मामले में 29 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. साइबराबाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज गंभीर आपराधिक मामले में कई शहरों में तलाशी अभियान चलाने के बाद भागीरथ को गिरफ्तार किया. साइबराबाद पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट के अनुसार, आरोपी को 16 मई 2026 की शाम गिरफ्तार किया गया और बाद में उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
यह मामला (क्राइम नंबर 684/2026) 8 मई 2026 को पेटबशीराबाद पुलिस स्टेशन में 17 वर्षीय पीड़ित लड़की की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था. पीड़िता की मांं ने आरोप लगाए थे के उसकी लड़की के भागीरथ के साथ संबंध थे, लेकिन उन्होंने पीड़िता का उत्पीड़न किया. जांच के दौरान जांच अधिकारी (IO) ने पीड़िता और प्रमुख गवाहों के बयान दर्ज किए. पीड़िता के विस्तृत बयान के आधार पर पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(m), जो गंभीर यौन उत्पीड़न से संबंधित है और पॉक्सो एक्ट 2012 की धारा 5(1) सहपठित धारा 6 को जोड़ा.
पीड़िता का औपचारिक बयान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 183 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किया गया. कुकटपल्ली के डीसीपी रितिराज को इस हाई-प्रोफाइल जांच की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई. गंभीर धाराएं जोड़े जाने के बाद भागीरथ कथित रूप से फरार हो गया, जिसके बाद पुलिस ने व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया.
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस टीमों को करीमनगर, दिल्ली और अन्य शहरों में भेजा गया. आरोपी के परिचितों के ठिकानों और आवासों पर भी छापेमारी की गई. उसके देश छोड़कर भागने की आशंका को देखते हुए लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया. 16 मई 2026 को पुलिस को विश्वसनीय सूचना मिली कि आरोपी पुलिस अकादमी के पास मौजूद है. इसके बाद साइबराबाद पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन टीम ने नाकाबंदी की.
भागीरथ को नरसिंगी पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत मांचिरेवुला स्थित टेक पार्क के पास रोका गया. रात करीब 8:15 बजे भागीरथ को हिरासत में लिया गया और तुरंत पेटबशीराबाद पुलिस स्टेशन ले जाया गया. गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जांच अधिकारी के सामने पेश किया गया, जहां गवाहों की मौजूदगी में उससे पूछताछ की गई.
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान भागीरथ ने कथित अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया. हालांकि पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह बयान मजिस्ट्रेट के सामने दिया गया था या नहीं, क्योंकि पुलिस के समक्ष दिया गया कबूलनामा अदालत में मान्य नहीं होता. अनिवार्य मेडिकल जांच के बाद भागीरथ को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
पिता ने कहा गिरफ्तारी नहीं हुई, खुद किया सरेंडर
हालांकि, केंद्रीय मंत्री संजय ने कहा कि भागीरथ को गिरफ्तार नहीं किया गया… वह खुद पुलिस पूछताछ के लिए पेश हुआ. भागीरथ दो वकीलों की मौजूदगी में पेट बशीराबाद पुलिस स्टेशन गया. इससे पहले उन्होंने लिखा था कि चाहे मेरा अपना पुत्र हो या कोई आम नागरिक, कानून के समक्ष सभी समान हैं. मेरे पुत्र ने लगातार यही कहा है कि उसने कोई गलती नहीं की है. मैं जांच में पूर्ण सहयोग करने और न्यायिक प्रणाली का सम्मान करने में विश्वास रखता हूं. हालांकि अदालती कार्यवाही चल रही है और अगले सप्ताह आदेश आने की उम्मीद है. मुझे न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है.
वकील बोले हम पुलिस के साथ पूरा सहयोग कर रहे
भागीरथ के वकील करुणासागर ने पुलिस के दावों का विरोध किया. वरिष्ठ अधिवक्ता एंटनी रेड्डी के साथ भागीरथ का पक्ष रख रहे करुणासागर ने कहा कि आरोपी फरार नहीं था, बल्कि उसने स्वेच्छा से साइबराबाद पुलिस के सामने सरेंडर किया था. करुणासागर ने मीडिया से कहा, ‘मैं और वरिष्ठ अधिवक्ता एंथनी रेड्डी रात करीब 8:15 बजे टेक पार्क के पास बंदी भागीरथ को पुलिस के सामने लेकर पहुंचे. पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में लिया.’ बचाव पक्ष ने कहा कि हिरासत में लिए जाने के बाद से भागीरथ जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है. करुणासागर के मुताबिक, आरोपी ने जांच अधिकारी को जांच से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां दे दी हैं.
भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं के बावजूद बचाव पक्ष ने भरोसा जताया कि केंद्रीय मंत्री के बेटे को अंततः राहत मिलेगी. करुणासागर ने कहा, ‘हमें जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है. हमें विश्वास है कि इन आरोपों से हमें क्लीन चिट मिलेगी और हम बेदाग साबित होंगे.’ देर रात स्थानीय मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने के बाद भागीरथ को आधिकारिक रूप से 29 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
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भागीरथ की ओर से भी दर्ज कराई गई शिकायत
आरोपी भागीरथ की ओर से पुलिस में जवाबी शिकायत भी दर्ज कराई गई है. इसमें आरोप लगाया गया है कि पीड़िता और उसके परिवार ने शादी का दबाव बनाया. मना करने पर झूठे आरोप लगाए गए. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने पुलिस के सामने यह भी दावा किया कि केस को रफा दफा करने के लिए पीड़िता के परिवार की ओर से पैसे की भी मांग की गई. इसके लिए भागीरथ ने 50,000 रुपये दिए भी, लेकिन फिर 5 करोड़ रुपये की मांग की जाने लगी.
भागीरथ ने अपना केस सामने आने के बाद अग्रिम जमानत की भी मांग की थी. हालांकि, तेलंगाना हाईकोर्ट ने राहत देने से मना कर दिया. इस मामले के सामने आने के बाद राजनीति भी हो रही है. के. कविता ने पीएम मोदी से केंद्रीय मंत्री बंडी संजय को पद से हटाने की भी मांग की है.
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By Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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