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असम में कांग्रेस को एक और झटका, 3 बार के मुस्लिम विधायक ने छोड़ी पार्टी, इस दल में हुए शामिल

Updated at : 17 Feb 2026 8:32 AM (IST)
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Assam Congress 3-time Muslim MLA Abdur Rahman quits party to join Raijor Dal

अब्दुर रहमान (इनसेट में) ने राइजोर दल जॉइन किया, माइक पर असम कांग्रेस के नेता गौरव गोगोई.

Assam Congress: असम कांग्रेस की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं. विधान सभा की तारीखें नजदीक आने के साथ ही पार्टी छोड़कर जाने वालों की लिस्ट लंबी होती जा रही है. भूपेन बोरा के इस्तीफे के बाद अब 3 बार के मुस्लिम विधायक अब्दुर राशिद मंडल ने भी पार्टी छोड़ दी है. उन्होंने रायजोर दल का दामन थाम लिया है.

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Assam Congress: असम में विधान सभा चुनाव अब कुछ ही महीने ही दूर हैं. ऐसे में अब राजनीतिक दलों में नेताओं का दलबदल भी तेज हो रहा है. इसमें सबसे तेज घटनाक्रम कांग्रेस पार्टी में हो रहा है. पार्टी के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा के बाद तीन बार के कांग्रेस विधायक अब्दुर राशिद मंडल ने भी पार्टी छोड़ दी है. उन्होंने आधिकारिक रूप से रायजोर दल का दामन थाम लिया है. इससे असम की राजनीति, खासकर गुवाहाटी और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक समीकरणों में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं.

रायजोर दल में शामिल होने पर अब्दुर राशिद मंडल ने कहा, ‘मुझे खुशी है कि अखिल गोगोई ने मुझे उनके साथ मिलकर रायजोर दल के मंच से जनता के लिए काम करने का अवसर दिया. मैं उन्हें एक युवा, ऊर्जावान और वामपंथी विचारधारा वाला नेता मानता हूं, जो मुझे छात्र जीवन से ही पसंद रही है.’ 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक राष्ट्रीय दल होने के बावजूद वहां उनके लिए काम करने की गुंजाइश सीमित थी, जबकि रायजोर दल में उन्हें जनता और समुदाय के लिए अधिक अवसर दिखाई देते हैं. मंडल ने कहा, ‘कांग्रेस एक बड़ी राष्ट्रीय पार्टी है, जहां कई स्तरों का नेतृत्व है. मुझे पार्टी से कोई नाराजगी नहीं है, लेकिन मेरी दृष्टि से यहां मुझे जनता और पार्टी के लिए काम करने की अधिक जगह मिलती है.’

अब्दुर राशिद मंडल असम के गोलपाड़ा पश्चिम विधानसभा तीन बार क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. उन्होंने रायजोर दल में शामिल होकर सबको चौंका दिया है. यह कार्यक्रम रायजोर दल के संस्थापक प्रमुख और शिवसागर से विधायक अखिल गोगोई की मौजूदगी में हुआ. 

बोरा ने लिया यूटर्न; इस्तीफा वापस

वहीं भूपेन बोरा ने अपना इस्तीफा देने के कुछ ही घंटे बाद यूटर्न मारते हुए इस्तीफा वापस ले लिया. कांग्रेस आलाकमान से बातचीत के बाद उनका यह फैसला आया, जिसमें कहा गया कि उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया था. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी से उन्होंने इस फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए समय मांगा है. बोरा के रेजिग्नेशन के बाद गौरव गोगोई समेत तमाम बड़े नेता उनसे मिलने के लिए उनके आवास पर भी गए थे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गौरव गोगोई ने बोरा से किसी बात पर ठेस लगने पर माफी भी मांगी.

हालांकि, उनके इस्तीफे के बाद भाजपा नेता और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने उन्हें भाजपा जॉइन करने का ऑफर दिया था. उन्होंने बोरा से मिलने की भी बात कही थी. लेकिन अब इस बदली हुई परिस्थिति में राजनीतिक घटनाक्रम भी तेजी से बदल गए हैं. कांग्रेस को भले ही बोरा की ओर से फिलहाल राहत मिली हो, लेकिन मंडल के जाने से जरूर नुकसान होगा.

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अखिल गोगोई ने पार्टी की भारी जीत पर जताया भरोसा

पार्टी में शामिल होने के बाद रायजोर दल के अध्यक्ष अखिल गोगोई ने पार्टी के बढ़ते प्रभाव पर भरोसा जताते हुए कहा कि आने वाले समय में कई और नेता पार्टी से जुड़ेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी का लक्ष्य आगामी विधानसभा चुनावों में कम से कम 15 सीटें जीतना है. 

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में अखिल गोगोई ने कहा, ‘रायजोर दल को यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि असम के एक प्रतिष्ठित विधायक हमारी पार्टी में शामिल हुए हैं. वे कांग्रेस पार्टी से पश्चिम गोलपाड़ा विधानसभा क्षेत्र का तीन बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. उनके आने से अब रायजोर दल के पास दो विधायक हो गए हैं.’

रायजोर में और नेता होंगे शामिल- अखिल गोगोई

उन्होंने आगे बताया कि इसी दिन एक और अहम नेता दुलाल चंद्र बरुआ भी पार्टी में शामिल हुए हैं, जो असम के प्रमुख संगठनों में से एक ऑल ताई अहोम स्टूडेंट्स यूनियन (ATASU) के मुख्य सलाहकार रह चुके हैं. गोगोई ने यह भी कहा कि अगले दिन बाघबर विधानसभा क्षेत्र से विधायक शेरमन अली अहमद के पार्टी में शामिल होने की उम्मीद है, जिससे रायजोर दल के विधायकों की संख्या तीन हो जाएगी. 

अखिल गोगोई ने 2026 के विधानसभा चुनावों को लेकर भी भरोसा जताया. उन्होंने इसे पार्टी के लिए ऐतिहासिक दिन बताया और कहा कि 2026 के असम विधानसभा चुनावों में पार्टी कम से कम 15 सीटें जीतने का लक्ष्य रखती है. गोगोई ने कहा, ‘इसीलिए हम 2026 के चुनाव में कम से कम 15 विधायक जीतने की कोशिश कर रहे हैं और 2031 में सरकार बनाने का लक्ष्य रखेंगे.’

रायजोर दल कब और कैसे अस्तित्व में आई?

रायजोर दल असम की प्रमुख क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टियों में से एक है. बीर लाचित सेना और अखिल गोगोई की कृषक मुक्ति संग्राम समिति समेत कुल 70 स्थानीय संगठनों ने 2 अक्टूबर 2020 को पार्टी लांच की थी. यह 2019 और 2020 के दौरान नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ हुए आंदोलन के बाद अस्तित्व में आई. इसने नागरिकता संशोधन कानून का पुरजोर विरोध किया है. 2021 के पिछले विधानसभा चुनाव में रायजोर दल ने पहली बार चुनावी राजनीति में कदम रखा. उसी समय पार्टी के प्रमुख अखिल गोगोई शिवसागर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे.

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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