क्या भारत में होकर भी AI इम्पैक्ट समिट में भाग नहीं लेंगे बिल गेट्स? एपस्टीन फाइल्स में नाम आने के बाद मामला गंभीर

इंडिया इंपैक्ट समिट 2026 में बिल गेट्स हिस्सा लेंगे?
India AI Impact Summit 2026: 16 से 20 फरवरी तक दिल्ली के भारत मंडपम में एआई इंपैक्ट समिट 2026 का आयोजन किया जा रहा है. इस दौरान दुनिया भर के 100 से अधिक देशों के नेता 600 से अधिक स्टार्टअप्स और 500 से अधिक एआई दिग्गज भाग लेंगे. इसमें बिल गेट्स का भी नाम है, लेकिन एपस्टीन फाइल्स में उनका नाम आने के बाद, इस कार्यक्रम में उनकी भागेदारी पर संशय पैदा हो गया है.
India AI Impact Summit 2026: भारत के ग्लोबल कार्यक्रम इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में दुनिया भर के तकनीकी लीडर्स को न्यौता भेजा गया है. माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स भी इसमें शामिल हैं. हालांकि, उनके इस सम्मेलन में शामिल होने की संभावना पर सवाल खड़े हुए. एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी सूत्रों ने कहा कि सरकार ‘पीड़ितों के साथ खड़े रहना चाहती है’. इसके बाद से इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के प्रमुख वक्ताओं की सूची में अब बिल गेट्स का नाम नहीं है. जेफ्री एपस्टीन फाइल्स में गेट्स का नाम सामने आने के बाद सरकार ने उनके ‘निमंत्रण का रिव्यू’ किया है.
वैसे बिल गेट्स इन दिनों भारत में ही हैं. उनके गेट्स फॉउंडेशन ने कहा कि बिल दिल्ली में हो रहे एआई इंडिया समिट 2026 में वह भाग लेंगे. पीटीआई की एक रिपोर्ट ने इस खबर की पुष्टि की है. वह अपने तय शेड्यूल के मुताबिक भाषण देंगे.
बदनाम अमेरिकी फाइनेंसर और बाल यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े पहले गोपनीय दस्तावेजों में दुनिया के कई नेताओं और बड़े उद्योगपतियों के नाम सामने आए हैं. जनवरी में जारी दस्तावेजों के एक सेट में बिल गेट्स का नाम भी शामिल था.
अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा जारी किए गए दस्तावेजों में गेट्स की कई फोटोज भी सामने आईं. इन दस्तावेजों में एपस्टीन ने आरोप लगाया था कि गेट्स ने रूसी लड़कियों से विवाहेतर संबंध बनाए थे. इसके साथ ही इस रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि बिल गेट्स गुप्त रोग हो गया था. इसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी मेलिंडा गेट्स को दवा देने के लिए भी मदद मांगी थी.
हालांकि बिल गेट्स ने इन मामलों के सामने आने के बाद माफी मांगी थी. ऑस्ट्रेलिया के 9न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में अरबपति परोपकारी ने कहा, ‘मैंने उनके साथ जो भी समय बिताया, उसका मुझे अफसोस है और मैं इसके लिए माफी चाहता हूं.’ यह प्रोग्राम 4 फरवरी को प्रसारित किया गया था. एपस्टीन की अगस्त 2019 में न्यूयॉर्क की एक जेल में आत्महत्या से मौत हो गई थी.
बिल गेट्स ने आंध्र प्रदेश की एआई-आधारित विकास की सराहना की
माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक और गेट्स फाउंडेशन के अध्यक्ष बिल गेट्स ने मंगलवार को आंध्र प्रदेश के तीव्र विकास की प्रशंसा करते हुए कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) और प्रौद्योगिकी के माध्यम से राज्य के विकास में तेजी देखना उत्साहजनक है. अमरावती की अपनी यात्रा के बाद गेट्स ने स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा के क्षेत्र में दक्षिणी राज्य के नवाचारों की प्रशंसा की.
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘एन चंद्रबाबू नायडू, गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद. स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा के क्षेत्र में एआई, प्रौद्योगिकी और नवाचारों के माध्यम से आंध्र प्रदेश के विकास को गति मिलते देखना उत्साहजनक है.’ सोमवार को गेट्स ने अमरावती की नवविकसित राजधानी में कई कार्यक्रमों में भाग लिया, जिसकी शुरुआत मुख्यमंत्री और अन्य लोगों के साथ बातचीत से हुई, शासन में प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर प्रस्तुतियों का अवलोकन किया और गुंटूर जिले के उंडावल्ली गांव में कृष्णा नदी के किनारे केले के बाग का दौरा भी किया.
तकनीकी क्षेत्र के दिग्गज के अनुसार, भारत वैश्विक डिजिटल क्रांति का नेतृत्व कर रहा है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नायडू को उनकी महत्वपूर्ण भूमिका का श्रेय दिया. गेट्स ने नायडू की दूरदर्शी सोच की भी जमकर प्रशंसा की और कहा कि माइक्रोसॉफ्ट सहित अधिकांश आईटी विशेषज्ञ तेलुगु राज्यों से हैं.
India AI Impact Summit 2026: एआई के असर पर मंथन
सोमवार, 16 फरवरी से शुरू हुए India AI Impact Summit 2026 में दुनिया भर के बड़े नेता और विशेषज्ञ एक मंच पर जुटे हैं. पांच दिन तक चलने वाला यह शिखर सम्मेलन 20 फरवरी को समाप्त होगा. इसमें 100 से ज्यादा देशों के सरकारी प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं. इनमें 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, करीब 60 मंत्री और उप मंत्री शामिल हैं. इसके अलावा दुनियाभर से 500 से ज्यादा एआई से जुड़े दिग्गज भी मौजूद हैं, जिनमें सीईओ, संस्थापक, शिक्षाविद, शोधकर्ता, सीटीओ और परोपकारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं. इसमें 600 से अधिक स्टार्टअप्स भी हिस्सा ले रहे हैं.
इस सम्मेलन में राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख, मंत्री, वैश्विक टेक लीडर्स, जाने-माने शोधकर्ता, बहुपक्षीय संस्थान और उद्योग जगत से जुड़े लोग शामिल हैं. सम्मेलन का मकसद यह समझना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को किस तरह समावेशी विकास के लिए इस्तेमाल किया जाए, सरकारी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जाए और टिकाऊ विकास को बढ़ावा दिया जाए. खास बात यह है कि एआई पर इतना बड़ा वैश्विक सम्मेलन पहली बार ग्लोबल साउथ में आयोजित हो रहा है.
सम्मेलन के दूसरे दिन, दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस समिट का मुख्य उद्देश्य यह तलाशना है कि एआई का इस्तेमाल जनहित में और सभी के फायदे के लिए कैसे किया जा सकता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि बुद्धिमत्ता, तर्क और सही फैसले लेने की क्षमता ही विज्ञान और तकनीक को आम लोगों के लिए उपयोगी बनाती है.
पीटीआई के इनपुट के साथ.

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लेखक के बारे में
By Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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