Arvind Kejriwal : कपिल सिब्बल ने कहा-अरविंद केजरीवाल अपराधी नहीं आरोपी हैं, उन्हें मिले चुनाव प्रचार के लिए जमानत

Kapil sibal
राज्यसभा के सांसद और सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को कहा कि अरविंद केजरीवाल को जमानत दी जानी चाहिए, कानून में इस तरह के प्रावधान हैं कि उन्हें चुनाव प्रचार के लिए राहत मिल सके.
Arvind Kejriwal : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुना सकता है, इससे पहले राज्यसभा सांसद और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने मीडिया के सामने आकर कहा कि कल ईडी ने सुप्रीम कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा और यह कहा कि अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत नहीं दी जानी चाहिए. ईडी ने कहा कि चुनाव प्रचार का अधिकार एक कानूनी अधिकार है, यह कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है. इसलिए इस आधार पर अरविंद केजरीवाल को जमानत नहीं देनी चाहिए.
चुनाव प्रचार का अधिकार कानूनी अधिकार
कपिल सिब्बल ने कहा कि ईडी ने कोर्ट में जो कहा है वह सही है. चुनाव प्रचार का अधिकार कानूनी अधिकार है, लेकिन कानून में यह प्रावधान भी है कि अगर किसी को सजा दी गई और कोर्ट उस सजा पर स्टे लगा दे, तो उसे प्रचार का अधिकार मिल सकता है, साथ ही वो अपना नामांकन भी कर सकता है. कपिल सिब्बल ने कहा कि उनसे यह पूछा जाना चाहिए कि हार्दिक पटेल कैसे चुनाव लड़े थे. उनके चुनाव लड़ने पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी, उसके बाद वे सुप्रीम कोर्ट गए और कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर स्टे लगा दिया. जिसके बाद हार्दिक पटेल चुनाव लड़े और बाद में बीजेपी में शामिल हो गए. मेरा यह कहना है कि जिनके खिलाफ आपके पास सबूत हैं, जिन्हें कोर्ट ने सजा दी है, उन्हें चुनाव लड़ने और प्रचार का अधिकार है,तो फिर जिसपर केवल आरोप है, उन्हें चुनाव प्रचार का अधिकार क्यों ना मिले? कपिल सिब्बल ने कहा कि मैं जानना चाहता हूं कि ईडी किस तरह की राजनीति कर रही है. अरविंद केजरीवाल इसी देश के नागरिक हैं, फिर उनके साथ यह भेदभाव क्यों?
HD Revanna : जेडीएस नेता एचडी रेवन्ना को 14 मई तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया
अरविंद केजरीवाल आदतन अपराधी नहीं
ज्ञात हो कि पिछली सुनवाई में कोर्ट ने अपना फैसला नहीं सुनाया था, लेकिन ईडी से कई सवाल पूछे थे कि आखिर उन्होंने जांच में इतना समय क्यों लगाया? कोर्ट ने यह कहा था कि अरविंद केजरीवाल आदतन अपराधी नहीं है, फिर क्यों नहीं उन्हें चुनाव प्रचार का अधिकार दिया जाए. कोर्ट ने यह भी कहा था कि चुनाव प्रचार से पहले आखिर क्यों अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी हुई. कोर्ट ने इसे सामान्य केस नहीं बताया और कहा कि क्यों नहीं उन्हें चुनाव प्रचार करने के अंतरिम जमानत दी जाए, क्योंकि चुनाव पांच साल में एक बार होते हैं.
Also Read : फ्लेमिंग ने दी एमएस धोनी की हेल्थ अपडेट, जानें क्या कहा
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By रजनीश आनंद
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.
राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.
रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.
आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.
रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










