ePaper

Article 370: जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 पर सुप्रीम कोर्ट का क्या होगा रुख, 11 दिसंबर को आएगा फैसला

Updated at : 08 Dec 2023 10:11 AM (IST)
विज्ञापन
Article 370: जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 पर सुप्रीम कोर्ट का क्या होगा रुख, 11 दिसंबर को आएगा फैसला

जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है. अब कोर्ट 11 दिसंबर को अपना फैसला सुनाएगा. केंद्र और याचिकाकर्ताओं ने SC में अपनी-अपनी दलीलें रख चुके हैं. अब अंतजार है सुप्रीम कोर्ट के फैसले का.

विज्ञापन

Article 370 Case: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 11 दिसंबर को फैसला सुनाएगा. अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और उसके बाद राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में पुनर्गठित करने को चुनौती दी गई है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा. सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ फैसला सुनाएगी. पीठ के अन्य सदस्य न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षित रख लिया था फैसला
गौरतलब है कि 5 अगस्त 2019 को संसद ने जम्मू कश्मीर को अनुच्छेद 370 के तहत मिला विशेष दर्जा खत्म किया था. साथ ही राज्य को 2 केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया गया था. इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 16 दिनों की सुनवाई के बाद पांच सितंबर को मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. बता दें, याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि राज्य का संविधान बनने के बाद 1957 में जम्मू और कश्मीर संविधान सभा के विघटन के बाद अनुच्छेद 370 के तहत एक स्थायी स्वरूप प्राप्त कर लिया था.

अदालत ने सुनी थी केंद्र की दलील
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का बचाव करने वालों और केंद्र की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे, राकेश द्विवेदी, वी गिरी और अन्य लोगों की दलीलों को सुना था. सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार का पक्ष रखने वालों ने तर्क दिया था कि प्रावधान हमेशा अस्थायी था. जबकि याचिकाकर्ताओं की ओर से कपिल सिब्बल, गोपाल सुब्रमण्यम, राजीव धवन, जफर शाह, दुष्यंत दवे और अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने बहस की थी.

क्या है मामला
सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने और जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं को 2019 में एक संविधान पीठ को भेजा गया गया था. जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के चलते पूर्ववर्ती राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों- जम्मू कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया गया था. इस मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी है अब 11 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट फैसला सुनाएगा.

भाषा इनपुट के साथ

Also Read: राजस्थान, एमपी और छत्तीसगढ़ में कौन बनेगा सीएम, मंथन जारी, अब केंद्रीय पर्यवेक्षक टटोलेंगे विधायकों का मन

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola