राम मंदिर फंड जांच पर अखिलेश का तंज, कहा- जरूरत पड़ी तो हम बताएंगे कौन है दोषी
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 14 Jun 2026 10:42 AM
राम मंदिर चंदे के विवाद पर अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया (Photo: X)
राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन और दान राशि को लेकर लगे आरोपों की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है. यह टीम पूरे मामले की जांच करेगी. मामले पर सपा प्रमुख आखिलेश यादव का रिएक्शन आया है. पढ़ें उन्होंने क्या कहा.
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष आखिलेश यादव ने राम मंदिर के चंदा फंड में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए एसआईटी गठन पर योगी सरकार पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि इस साजिश की जड़ कहीं दूर नहीं, बल्कि आसपास ही है. साथ ही सपा प्रमुख ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की. शनिवार (14 जून) शाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आखिलेश ने लिखा कि इस षड्यंत्र का मूल दूर नहीं है… इसलिए सच में कार्रवाई करने के लिए कहीं दूर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. यदि दोषी के बारे में पता करने में पुलिस अक्षम तो हम सहायता कर दें.
‘इस षड्यंत्र का मूल दूर नहीं है’ इसलिए सच में कार्रवाई करने के लिए कहीं दूर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 13, 2026
यदि दोषी के बारे में पता करने में पुलिस अक्षम तो हम सहायता कर दें।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस महीने की शुरुआत में दावा किया था कि राम मंदिर के चढ़ावे में आए करोड़ों रुपये गायब हो गए हैं. उन्होंने इस मामले में अदालत से स्वतः संज्ञान लेने की मांग भी की थी. 7 जून को X पर किए गए एक पोस्ट में अखिलेश ने कहा था कि भगवान राम के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए यह बेहद संवेदनशील और चिंताजनक खबर है. उन्होंने आरोप लगाया कि चढ़ावे की रकम गायब होने की सूचना सामने आई है. अखिलेश ने इसे ट्रस्ट के लिए शर्मनाक स्थिति बताते हुए कहा था कि अब तक कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति इस मामले पर सफाई देने सामने नहीं आया है.
समस्त विश्व में भगवान राम के उपासकों के लिए ये एक बेहद संवेदनशील समाचार है कि ‘राम मंदिर’ के चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पायी गई है।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 7, 2026
ये मंदिर ट्रस्ट के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है। कोई भी सफ़ाई देने के लिए सामने नहीं आना चाहता है।
न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की माँग है…
जांच टीम में कौन-कौन होंगे
अधिकारियों के अनुसार श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एसआईटी गठित की गई है. यह टीम तीर्थ क्षेत्र में दानपात्रों के संबंध लगाए जा रहे आरोपों की जांच कर सरकार को अपनी रिपोर्ट देगा. एसआईटी में आईएएस अधिकारी के अलावा लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईपीएस अधिकारी व पुलिस महानिरीक्षक किरन एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं.
यह भी पढ़ें : राम मंदिर दान पात्र विवाद: एक्शन में योगी सरकार, जांच के लिए 3 सदस्यीय SIT गठित
सच सामने आना बेहद जरूरी : ट्रस्ट
जानकारी के मुताबिक, अयोध्या के राम मंदिर में दानपात्रों को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें फैल रही थीं. इसे गंभीरता से लेते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले की निष्पक्ष जांच कराने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग की थी. ट्रस्ट का कहना है कि दानपात्रों को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों की सच्चाई सामने लाने के लिए जांच जरूरी है. ट्रस्ट के मुताबिक यह सिर्फ अफवाह नहीं, बल्कि तीर्थ क्षेत्र की छवि खराब करने और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने की एक बड़ी साजिश हो सकती है, इसलिए इसका सच सामने आना बेहद जरूरी है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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