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Afghanistan, Taliban News: अफगानिस्तान में भारत के काम से तालिबान खुश, कहा- लेकिन सेना आई तो...

Updated at : 14 Aug 2021 12:45 PM (IST)
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Afghanistan, Taliban News: अफगानिस्तान में भारत के काम से तालिबान खुश, कहा- लेकिन सेना आई तो...

Ghazni: Taliban fighters stand guard inside the city of Ghazni, southwest of Kabul, Afghanistan, Friday, Aug. 13, 2021. The Taliban have completed their sweep of the country’s south on Friday, as they took four more provincial capitals in a lightning offensive that is gradually encircling Kabul, just weeks before the U.S. is set to officially end its two-decade war. AP/PTI(AP08_13_2021_000257B)

Afghanistan, Taliban News; जब अफगानिस्तान में भारत की परियोजनाओं का क्या होगा...इस संबंध में सवाल किया गया तो प्रवक्ता ने कहा कि हम अफगानिस्तान के लोगों के लिए किए गए हर काम की सराहना करते हैं...जैसे बांध, राष्ट्रीय और बुनियादी ढांचा परियोजनाएं और ऐसे सभी कामों की सराहना तालिबान करता है

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Afghanistan, Taliban News : अफगानिस्तान में दो दशक से जारी जंग से अमेरिकी और नाटो बलों की वापसी के बाद यहां खौफ का माहौल नजर आने लगा है. अफगानिस्तान में तालिबान ने आतंक मचाना शुरू कर दिया है. पूरे देश में राज करने के प्रयास में जुटे इस आतंकी संगठन ने भारत को लेकर अपना रुख स्पष्‍ट किया है. तालिबान के प्रवक्ता ने पूरी दुनिया को यह भरोसा दिलाया है कि उसके लड़ाके किसी भी एंबेसी और राजदूतों को निशाना बनाने का काम नहीं करेंगे.

समाचार एजेंसी एएनआई ने तालिबान के प्रवक्ता मोहम्मद सुहैल शाहीन के साथ संपर्क किया और उससे बातचीत की. मोहम्मद सुहैल शाहीन ने अफगानिस्तान में भारत के कामों की सराहना की है, हालांकि सेना के रूप में भारत की एंट्री को लेकर चेतावनी भी दी है.

जब अफगानिस्तान में भारत की परियोजनाओं का क्या होगा…इस संबंध में सवाल किया गया तो प्रवक्ता ने कहा कि हम अफगानिस्तान के लोगों के लिए किए गए हर काम की सराहना करते हैं…जैसे बांध, राष्ट्रीय और बुनियादी ढांचा परियोजनाएं और ऐसे सभी कामों की सराहना तालिबान करता है जो अफगानिस्तान के विकास, पुनर्निर्माण और लोगों के लिए आर्थिक समृद्धि के लिए है. भारत अफगान लोगों की या राष्ट्रीय परियोजनाओं में मदद करते आ रहे हैं. इसकी सराहना की जानी चाहिए…

काबुल से महज 50 किमी दूर : अफगानिस्तान के प्रमुख शहरों पर तेजी से कब्जा जमाता जा रहा तालिबान अब राजधानी काबुल से महज 50 किमी दूर रह गया है. सात दिनों में वह देश के 34 में से कुल 18 प्रांतों पर अपना कब्जा जमा चुका है. अफगानिस्तान का दूसरा प्रमुख शहर कंधार और लश्कर गाह भी तालिबान के कब्जे में हैं. इससे पहले, शुक्रवार को हेरात प्रांत की पूरी सरकार ने तालिबान के आगे सरेंडर कर दिया. इसके बाद तालिबान ने राज्य के गवर्नर, पुलिस चीफ, एनडीएस ऑफिस के हेड और तालिबान के खिलाफ जंग के प्रतीक रहे मोहम्मद इस्माइल खान को हिरासत में ले लिया. इधर, काबुल में कई यूरोपीय देशों ने अपने दूतावासों को खाली कराना शुरू कर दिया है. तालिबान ने भारत के बनाये सलमा बांध पर भी कब्जा कर लिया है.

गनी ने दिखाये तेवर, कहा- राष्ट्र की मजबूती के लिए सब कुछ करेंगे : अपने इस्तीफे की खबरों के बीच अफगान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने शुक्रवार को राष्ट्रीय सुरक्षा के मसले पर एक अहम बैठक की. बैठक के बाद उप-राष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने ट्वीट कर कहा कि बैठक में दृढ़ विश्वास और संकल्प के साथ तय किया गया कि हम तालिबान आतंकवादियों के खिलाफ मजबूती से खड़े रहेंगे और हर तरह से राष्ट्र को मजबूत करने के लिए सब कुछ करेंगे.

चीन अफगानिस्तान में तालिबान राज को मान्यता देने को तैयार : यूएस न्यूज के मुताबिक, अगर आतंकी समूह अफगान में लोकतांत्रिक रूप से चुनी गयी अफगान सरकार पर हावी हो जाता है और काबुल पर भी अपना कब्जा जमा लेता है, तो चीन तालिबान को अफगानिस्तान के वैध शासक के रूप में मान्यता देने के लिए तैयार है. चीनी आकलन से परिचित खुफिया सूत्रों के हवाले से यूएस न्यूज की रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान में मौजूदा स्थिति के मद्देनजर नये चीनी सैन्य और खुफिया आकलन ने उन्हें तालिबान के साथ अपने संबंधों को औपचारिक रूप देने के लिए तैयार करने के लिए प्रेरित किया है. वहीं, भारत ने ऐसी सरकार को मान्यता देने से इंकार किया है.

तालिबान के बढ़ते कब्जे से पाक जनरल खुश, बंटी मिठाइयां : अफगानिस्तान में तालिबान के बढ़ते कब्जे से पाकिस्तान बहुत खुश है. पाक के पूर्व सांसद और अवामी नेशनल पार्टी के सदस्य अफरासियाब खट्टक ने कहा कि तालिबान से पाक के सैन्य जनरल बहुत खुश हैं. तालिबान के पास जो हथियार और गोला-बारूद हैं उस पर मेड इन पाकिस्तान लिखा है. तालिबानी पूरी तरह से पाक से मिलने वाली ट्रेनिंग, सप्लाई और शरण पर निर्भर हैं.

ये भी जानें

-थोपी गयी सरकार को मान्यता देने से भारत का इंकार

-ब्रिटेन ने जतायी चिंता, कहा- हो सकती है अलकायदा की वापसी

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-जर्मनी ने अपने सभी प्रोजेक्ट बंद किये, कर्मचारी हुए वापस

-फ्रांस, स्पेन, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, डेनमार्क, नॉर्वे, नीदरलैंड समेत कई देशों ने खाली किये दूतावास

-तालिबान के कब्जे वाले इलाके से तीन भारतीय इंजीनियर एयरलिफ्ट

-दूतावास के कर्मचारियों को निकालने के लिए 3,000 सैनिक भेजेगा यूएस

-नाटो राजदूतों ने की बैठक, गनी सरकार की सहायता का फैसला

-राष्ट्रपति गनी ने सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने का किया आग्रह, रूस ने अफगािनस्तान का किया समर्थन

क्रॉस फायरिंग में गयी दानिश सिद्दीकी की जान : भारतीय फोटोजर्नलिस्ट दानिश सिद्दीकी क्रॉस फायरिंग में मारे गये थे. उनकी गलती यह थी कि उन्होंने रिपोर्टिंग को लेकर तालिबान से इजाजत नहीं ली थी. अगर वह ऐसा करते, तो हम उन्हें सुरक्षा मुहैया कराते. यह बात तालिबान के एक प्रवक्ता सोहेल शाहीन ने शुक्रवार को कही. प्रवक्ता ने दानिश की हत्या तालिबान लड़ाकों द्वारा किये जाने का खंडन किया. सोहेल ने कहा कि वह क्रॉस फायरिंग में मारे गये, इसलिए यह नहीं कहा जा सकता है कि किसकी गोली से उनकी मौत हुई थी.

Posted By : Amitabh Kumar

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