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Mahakumbh 2025: बसंत पंचमी के मौके पर अदाणी ग्रुप ने महाकुंभ में तीन लाख भक्तों को खिलाया खाना

Updated at : 03 Feb 2025 6:05 PM (IST)
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फाइल फोटो

फाइल फोटो

Mahakumbh 2025: महाकुंभ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अदाणी समूह और इस्कॉन द्वारा साथ मिलकर की जा रही नारायण सेवा भी वसंत पंचमी पर विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रही.

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Mahakumbh 2025: प्रयागराज के महाकुंभ मेले में वसंत पंचमी का उल्लास देखते ही बना. मां सरस्वती को समर्पित वसंत पंचमी के दिन श्रद्धालु त्रिवेणी संगम पर बहुत ही व्यापक संख्या में दूर-दराज के इलाकों से पहुंचे. महाकुंभ के दौरान सरस्वती नदी में स्नान करने का सौभग्य प्रयागराज में आने वाले लोगों को मिला. महाकुंभ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अदाणी समूह और इस्कॉन द्वारा साथ मिलकर की जा रही नारायण सेवा भी वसंत पंचमी पर विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रही. पूरी तरह नि:शुल्क स्वादिष्ठ और सात्विक महाप्रसादी वितरण का लाभ प्रतिदिन 1 लाख श्रद्धालुओं को मिल रहा है. वसंत पंचमी के अवसर श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होने के परिणामस्वरूप भोजन प्रसादी भी प्रतिदिन की अपेक्षा अधिक वितरित की गई. 

चंदन लगाकर किया गया भक्तों का स्वागत

महाप्रसादी के वितरण के दौरान श्रद्धालुओं को चंदन तिलक लगाकर उनका स्वागत किया गया, जिससे यह दिन और भी विशेष बन गया. पंडाल में दिनभर श्रद्धालुओं की आवा-जाही लगी रही, लेकिन कोई भी भूखा नहीं लौटा. इस दिन की एक और बात जो सबसे विशेष रही, वह यह कि अदाणी और इस्कॉन के स्वयंसेवक पूरे दिन पीले वस्त्र पहने रहे. इससे भी विशेष, बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी पीले वस्त्रों में भोजन प्रसादी लेने पहुंचे, जिसके परिणामस्वरूप पंडाल पीताम्बर से सज गया.

13 जनवरी से महाकुंभ में भक्तों की सेवा कर रहा अदाणी ग्रुप

महाकुंभ में अदाणी का यह छोटा-सा योगदान पहले दिन से जारी है, जो कि 22 दिन बाद भी समान रूप से किया जा रहा है. अब तक 25 लाख श्रद्धालु महाप्रसादी का लाभ ले चुके हैं. यह महाप्रसादी पंडाल के भीतर ही नहीं, बल्कि बाहर भी मिल रही है. यानि पंडाल में तो भोजन प्रसादी का वितरण चल ही रहा है, लेकिन अदाणी और इस्कॉन के स्वयंसेवक चौक-चौराहों, जैसे रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड जैसे भीड़-भाड़ वाले इलाकों में भी प्रसादी का वितरण कर रहे हैं, ताकि दूर-दराज इलाकों से थककर आए श्रद्धालुओं को भोजन के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े.

विदेशों से भी भारी संख्या में महाकुंभ में पहुंच रहे लोग

गौरतलब है कि देश ही नहीं, विदेशों से भी भारी संख्या में लोग महाकुंभ में पहुंच रहे हैं. आम जनता, वीआईपी, वीवीआईपी, सितारे, नेता, जानी-मानी हस्तियां और बड़े-बड़े नेता भी तमाम लोग महाकुंभ में पहुँच रहे हैं और गरीब हों या अमीर, साथ बैठकर समान रूप से भोजन प्रसादी का आनंद ले रहे हैं. यह विशेषता है महाकुंभ की. कहने का अर्थ है कि यह महाकुंभ है, यहां हर एक शख्स सिर्फ एक इंसान हैं. महाप्रसादी के क्षेत्र में कोई वीआईपी नहीं है और न ही किसी तरह का वीआईपी ट्रीटमेंट किसी को दिया जा रहा है. यहां न कोई बड़ा है, न छोटा, सब एक हैं.

एक किचन में बनाई जा रही 500 क्विंटल सब्जी

महाकुंभ 2025 में हर दिन अदाणी-इस्कॉन के एक किचन में 500 क्विंटल सब्जी बनाई जा रही है. सब्जी लोकल वेंडर्स से खरीदी जा रही है और महिला वेंडर्स को प्राथमिकता दी जा रही है. एलपीजी के साथ ही खाना बनाने में गाय के उपलों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. एक दिन में कई क्विंटल उपलों का इस्तेमाल हो रहा है. उपले इस्कॉन के विभिन्न सेंटर्स और लोकल वेंडर्स से उपलब्ध कराए जा रहे हैं. पत्तलों में खाना खिलाया जा रहा है, और प्लास्टिक चम्मचों और गिलासों का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है. एक दिन में 3 लाख पत्तलों का इस्तेमाल हो रहा है, और खरीदारी लोकल वेंडर्स से की जा रही है.

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Prashant Tiwari

लेखक के बारे में

By Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.

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