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पीएम मोदी ने अबू धाबी के पहले हिंदू मंदिर का किया उद्घाटन, जानें क्या है इसकी खासियत

Updated at : 15 Feb 2024 11:49 AM (IST)
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पीएम मोदी ने अबू धाबी के पहले हिंदू मंदिर का किया उद्घाटन, जानें क्या है इसकी खासियत

**EDS: VIDEO GRAB VIA BAPS WEBSITE** Abu Dhabi: Prime Minister Narendra Modi during the inauguration of the BAPS Hindu Mandir, in Abu Dhabi, UAE, Wednesday, Feb. 14, 2024. (PTI Photo)(PTI02_14_2024_000281B)

अबू धाबी के भव्य हिंदू मंदिर का पीएम मोदी ने आज यानी बुधवार को उद्घाटन किया. शानदार समारोह के दौरान पीएम मोदी ने मंदिर का उद्घाटन किया. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हम सब एक परिवार है. विश्व को साथ लेकर चलने वालों की जरूरत है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय यूएई यात्रा का आज दूसरा दिन है. अपने दौरे के दूसरे दिन पीएम मोदी ने अबू धाबी में बने हिंदू मंदिर का उद्घाटन किया. उद्घाटन से पहले पीएम मोदी ने मंदिर की खूबसूरती का दीदार किया. विदेश में बना अबतक का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है. इस मंदिर को वैज्ञानिक तकनीकों और प्राचीन वास्तुकला विधियों का उपयोग करके बनाया गया है. बोचासनवासी श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था की ओर से निर्मित यह हिंदू मंदिर करीब 27 एकड़ जमीन पर बनाया गया है. इस मंदिर में तापमान मापने और भूकंपीय गतिविधि पर नजर रखने के लिए उच्च तकनीक वाले 300 से अधिक सेंसर लगे हैं. सबसे खास बात की मंदिर को बनाने में किसी भी धातु का उपयोग नहीं किया गया है और नींव को भरने के लिए फ्लाई ऐश का उपयोग किया गया है. इस मंदिर को करीब 700 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया है.

बेहद खूबसूरत है अबू धाबी का हिंदू मंदिर
मंदिर में शिल्प स्थापत्य शास्त्रों में वर्णित निर्माण की प्राचीन शैली के अनुसार बनाया गया है. मंदिर के दोनों ओर गंगा और यमुना का पवित्र जल बह रहा है जिसे बड़े-बड़े कंटेनर में भारत से लाया गया है.मंदिर प्राधिकारियों के अनुसार, जिस ओर गंगा का जल बहता है वहां पर एक घाट के आकार का एम्फीथिएटर बनाया गया है. मंदिर के आगे के हिस्से में बलुआ पत्थर पर उत्कीर्ण संगमरमर की नक्काशी की गई है. जिसे राजस्थान और गुजरात के कुशल कारीगरों ने बनाया है. मंदिर को 2019 में बनाना शुरू किया गया था.

किन देवी देवताओं की है मूर्ति
बोचासनवासी श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण की ओर से निर्मित मंदिर में सात शिखर हैं. इसको लेकर मंदिर प्राधिकारियों का कहना है कि यह संयुक्त अरब अमीरात के सात अमीरात का प्रतिनिधित्व करते हैं. इन सात शिखरों पर राम, कृष्ण, शिव, जगन्नाथ, स्वामीनारायण, तिरुपति बालाजी और भगवान अयप्पा की मूर्तियां रखी गई है. प्राधिकारियों ने यह भी कहा है कि सात शिखर सात महत्वपूर्ण देवताओं को समर्पित हैं.ये शिखर संस्कृतियों और धर्मों के परस्पर संबंध को रेखांकित करते हैं.

मंदिर की खास बातें

  • साल 2017 में युवराज शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने मंदिर निर्माण के लिए 27 एकड़ जमीन उपहार में दी.

  • 11 फरवरी 2018 को पीएम मोदी ने इसका शिला-पूजन किया था.

  • 2019 में इस मंदिर ने मैकेनिकल प्रोजेक्ट्स ऑफ द ईयर का खिताब भी जीता था.

  • 27 एकड़ जमीन में फैले इस मंदिर में बेहद नाजुक, भव्य और शानदार नक्काशी की गयी है.

  • मंदिर का निर्माण गुलाबी बलुआ पत्थर और सफेद संगमरमर से हुआ है. इसे राजस्थान से यूएई मंगाया गया है.

  • मंदिर के निर्माण में 700 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किया गया है.

  • भारत से बाहर यह दुनिया का पहला सबसे बड़ा मंदिर है. (भाषा इनपुट के साथ)

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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