53 दनों से घूम रहा था आदमखोर बाघ, एक की जान लेने के बाद पकड़ा गया

Published by :ArbindKumar Mishra
Published at :06 Jul 2025 3:20 PM (IST)
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Aadamkhor Tiger: केरल के मलप्पुरम में कलिकावु के निकट करीब दो महीने पहले एक व्यक्ति को मारने वाला बाघ रविवार को पकड़ा गया. वन विभाग ने यह जानकारी दी.

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Aadamkhor Tiger: आदमखोर बाघ को 53 दिनों के बाद वन विभाग पकड़े में कामयाब रहा. इस बाघ ने 15 मई को 45 वर्षीय गफूर पर हमला कर दिया था और उसे जंगल में खींच ले गया था. मई में इस बाघ की पहचान ‘साइलेंट वैली नेशनल पार्क’ के बाघ के रूप में की गई थी, जो उस क्षेत्र में लगाए गए कैमरा ट्रैप में ली गई उसकी तस्वीर पर आधारित था.

स्थानीय निवासियों वन विभाग को बाघ को ले जाने से रोका

जब वन विभाग के अधिकारियों ने पिंजरे में बंद बाघ को ले जाने की कोशिश की, तो स्थानीय निवासियों की भारी भीड़ वहां एकत्र हो गई और उन्हें बाघ को ले जाने से रोक दिया. स्थानीय लोगों को इस बात की चिंता है कि बाघ को उसी क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा और इससे उनकी जान को फिर से खतरा पैदा हो सकता है. बाद में अधिकारियों द्वारा यह आश्वासन दिए जाने के बाद कि बाघ को इस इलाके में दोबारा नहीं छोड़ा जाएगा, स्थानीय लोगों ने उसे ले जाने की अनुमति दे दी.

वन विभाग के हिरासत में है बाघ

वन मंत्री ए के ससीन्द्रन ने बताया कि फिलहाल बाघ को वन विभाग की हिरासत में रखा जाएगा. मंत्री ने कहा, “इसके बाद, यह निर्णय लेने के लिए विशेषज्ञ स्तर पर चर्चा की जाएगी कि इसे घने जंगल में छोड़ा जाए या जंगली जानवरों के आश्रय स्थल में स्थानांतरित किया जाए.” एक वरिष्ठ वन अधिकारी ने बताया कि बाघ की उम्र करीब 13 साल है, इसलिए इसे जंगल में वापस छोड़े जाने की संभावना कम है.

15 मई से बाघ की हो रही थी खोज

इससे पहले सुबह में अधिकारी ने बताया कि 20 सदस्यों वाले तीन दलों ने 15 मई से कलिकावु के आसपास के जंगलों में बाघ की तलाश में गहन तलाशी अभियान शुरू किया था. अधिकारी ने बताया कि रविवार तड़के बाघ एक पिंजरे में फंस गया.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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