तमिलनाडु संकट : शशिकला के विश्वासपात्र पलानीसामी होंगे तमिलनाडु के नये मुख्यमंत्री

चेन्नई : अन्नाद्रमुक में पिछले कुछ दिनों से चल रही उठापटक आज समाप्त हो गई. गवर्नर सी. विद्यासागर राव ने शशिकला खेमे के पलानीसामी को सरकार बनाने का न्योता दिया है. सरकार गठन को लेकर 10 दिनों से चल रहे गतिरोध को खत्म करते हुए राज्यपाल सी विद्यासागर राव ने अन्नाद्रमुक के विधायी दल के […]
चेन्नई : अन्नाद्रमुक में पिछले कुछ दिनों से चल रही उठापटक आज समाप्त हो गई. गवर्नर सी. विद्यासागर राव ने शशिकला खेमे के पलानीसामी को सरकार बनाने का न्योता दिया है. सरकार गठन को लेकर 10 दिनों से चल रहे गतिरोध को खत्म करते हुए राज्यपाल सी विद्यासागर राव ने अन्नाद्रमुक के विधायी दल के नेता पलानीसामी से कहा कि वह जल्द से जल्द अपने मंत्रिमंडल का गठन करें और 15 दिन के भीतर विधानसभा में विश्वास मत हासिल करें.
राजभवन से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया, कि राज्यपाल ने आज अन्नाद्रमुक के पार्टी मुख्यालय सचिव इदापड्डी के पलानीसामी को तमिलनाडु का मुख्यमंत्री नियुक्त किया है और उन्हें जल्द से जल्द मंत्रालय का गठन करने के लिए आमंत्रित किया है. राज्यपाल का यह निमंत्रण पलानीसामी द्वारा 14 फरवरी को जमा कराए गए पत्र की ‘स्वीकृति’ के रुप में आया है. उस पत्र में पलानीसामी ने कहा था कि उन्हें उस दिन विधायकों की एक बैठक में अन्नाद्रमुक के विधायी दल का नेता चुना गया है.
दिन में राजयपाल ने पलानीसामी से मुलाकात की थी. बीते 14 फरवरी को उच्चतम न्यायालय द्वारा अन्नाद्रमुक की महासचिव वी के शशिकला को दोषी करार दिए जाने के बाद से पलानीसामी और राज्यपाल के बीच की यह तीसरी मुलाकात थी. उच्चतम न्यायालय के आदेश के कारण मुख्यमंत्री बनने की शशिकला की उम्मीदें धाराशाई हो गई थीं. शशिकला को पांच फरवरी को पार्टी के विधायी दल की नेता चुना गया था लेकिन ओ पनीरसेल्वम की बगावत उनकी राह का रोडा बन गई. जैसे ही पलानीसामी के नए मुख्यमंत्री बनने की खबर आई, शशिकला के समर्थकों ने उसका स्वागत किया और राज्यपाल के फैसले की सराहना की.
पिछले एक सप्ताह से चेन्नई से 80 किमी दूर स्थित कूवाथुर रिजॉर्ट में रह रहे विधायकों ने मुस्कुराते हुए ‘चिन्नम्मा’ (शशिकला) के नाम के नारे लगाए. ये वहीं विधायक हैं, जिनके कुशलक्षेम के बारे में पुलिस पूछ रही थी. शशिकला के समर्थक सांसदों ने कहा कि उचित प्रक्रिया का पालन हो गया है और राज्य सरकार बनी रहेगी. हालांकि राज्यपाल ने पिछले दो दिन में पनीरसेल्वम और पलानीसामी के नेतृत्व वाले दोनों ही प्रतिद्वंद्वी धडों के साथ बैठकें कर ली हैं, अब ऐसा प्रतीत होता है कि वह भावी मुख्यमंत्री को मिलने वाले विधायकों के समर्थन के चलते आए संवैधानिक जनादेश का पालन कर रहे हैं. पलानीसामी का दावा है कि उन्हें 124 विधायकों का समर्थन प्राप्त है.
अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सोमवार को राव को सलाह दी थी कि वे शक्ति परीक्षण के लिए एक सप्ताह के भीतर विधानसभा का विशेष सत्र बुलायें.
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