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रिजर्वेशन पर मचे घमासान के बीच आरएसएस-बीजेपी ने खुद को बताया आरक्षण समर्थक

Updated at : 21 Jan 2017 9:30 PM (IST)
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रिजर्वेशन पर मचे घमासान के बीच आरएसएस-बीजेपी ने खुद को बताया आरक्षण समर्थक

नयी दिल्ली : आरक्षण पर मचे घमासान औरलालू प्रसाद यादव जैसे नेताओं के तीखे हमले के बीच भारतीय जनता पार्टी एवं राष्ट्रीय स्वयं सेवक डैमेज कंट्रोल में लग गया है. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ केशीर्ष नेताओं में शामिल दत्तात्रेय हसबोले ने एकवीडियो बयान जारी कर आज कहा है कि संघ अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य […]

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नयी दिल्ली : आरक्षण पर मचे घमासान औरलालू प्रसाद यादव जैसे नेताओं के तीखे हमले के बीच भारतीय जनता पार्टी एवं राष्ट्रीय स्वयं सेवक डैमेज कंट्रोल में लग गया है. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ केशीर्ष नेताओं में शामिल दत्तात्रेय हसबोले ने एकवीडियो बयान जारी कर आज कहा है कि संघ अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण के समर्थन में है. उन्होंनेअपने वीडियो संदेश में कहा कि आरक्षण पर आरएसएस के मत को लेकर विवाद पैदाकरने का प्रयास किया जा रहा है. उन्हाेंने संघ केवयोवृद्ध नेता माधव गोविंद वैद्य काइससंबंध में बयान कोउनका निजी मत बताया है. वहीं,भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भीअपनी पार्टी को आरक्षण का समर्थक बताया है.

प्रभात खबर डॉट कॉम से फोन पर बोले मनमोहन वैद्य, धर्म के आधार पर आरक्षण का विरोध

दत्तात्रेय हसबोले ने अपने बयान में आज कहा : आरक्षण के विषय में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के मत को लेकर कुछ विवाद जारी करने का प्रयास किया जा रहा है, हम इसका कड़ा विरोध करते हैं, संघ आरक्षण के विषय में क्या कहता है इसके संबंध में कल मैंने जयपुर लिटरेचर फेस्टीवल में औरउसके पश्चात के पत्रकार वार्ता में स्पष्ट किया है. आज नागपुर में माधव वैद्य ने आरक्षण क विषय में जो बयान दिये हैं, यह उनके व्यक्तिगत अभिप्राय है, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उससे सहमत नहीं है. संघ का मततो स्पष्ट है कि अनुसूचित जाति,अनुसूचितजनजाति और ओबीसी के लिए संविधान प्रदत्त आरक्षण जारी रहना चाहिए, उसको पूर्ण रूप से लागू करना चाहिए, उसकी आवश्यकता आज भी है. यही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मत है.

वहीं, भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है किबीजेपी वर्तमान आरक्षण व्यवस्था की समर्थक है और इसमें किसी भी प्रकार के बदलाव का समर्थन नहीं करती है. संविधान में दलित आदिवासी वपिछड़ों एवं अति पिछड़ों कोजो आरक्षण दिया है, उसे अक्षुण्ण रखनेके लिए भाजपा कटिबद्ध है और भारतीय जनता पार्टी व एनडीए के नेता नरेंद्र मोदी के विकासका जो मार्ग है उसका मध्य बिंदु ही यह है कि पिछड़ों, दलितों एवं महदलितों कोसाथ लेकर विकासके मार्ग में आगे जाया जाये.

उल्लेखनीय है कल जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल से मीडिया में संघ के प्रवक्ता मनमोहन वैद्य के हवाले से खबर आयी कि संघ जाति आधारित आरक्षण के समर्थन में नहीं है. हालांकि इसकेकुछदेर बाद प्रभात खबर डॉट कॉम से विशेष बातचीत में वैद्य ने कहा था कि मीडिया ने अलग-अलग संदर्भ में दिये गये उनके बयानों को तोड़-मरोड़ करपेश किया.

आज भी मनमोहन वैद्य ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि संविधानसम्मतआरक्षण अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी समुदाय को मिलना जारी रहना चाहिए. हिंदू समाज में जबतक जाति आधारित भेदभावहै, तबतक आरक्षण आवश्यक है. संघ के द्वारा बार-बार यह स्पष्ट किया गया है. उन्होंने कहा कि मजहब के आधार पर अल्पसंख्यकों को आरक्षण देने की बात संविधान सम्मत नहीं है. ये दोनों बात अलग-अलग हैं. इन्हें मिला कर भ्रम निर्माण नहीं किया जाना चाहिए.

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