नयी दिल्ली: साल 2001 में संसद पर हमले के गुनाहगार माने जाने वाले जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर को अपनी सरजमीं पर भारत के खिलाफ ‘‘जहर उगलने’’ की इजाजत देने पर आज भारत सरकार ने पाकिस्तान को आड़े हाथ लिया. भारत ने कहा कि यह बड़ी चिंता की बात है कि वैश्विक तौर पर प्रतिबंधित एक आतंकवादी भारत-विरोधी रैलियों को कैसे संबोधित कर सकता है.
भारत ने यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में जाहिर की है जब एक दिन पहले ही पाकिस्तान ने मसूद अजहर की रैली के मामले को ज्यादा तवज्जो नहीं दी. रैली में मसूद अजहर ने भारत के खिलाफ ‘‘जिहाद’’ का ऐलान किया था. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘मसूद अजहर के बारे में हमारी राय है कि वह एक आतंकवादी संगठन का अगुवा है. यह एक ऐसा आतंकवादी संगठन है जो न केवल भारत में प्रतिबंधित है बल्कि उस पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अमेरिका ने भी प्रतिबंध लगा रखा है. सबसे अहम बात तो यह है कि पाकिस्तान ने भी मसूद अजहर पर पाबंदी लगा रखी है.’’ पिछली 26 जनवरी को मसूद अजहर ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद में भारत के खिलाफ रैली कर जिहाद का आह्वान किया और दावा किया कि हजारों लोग इस लड़ाई में शामिल होने को तैयार हैं.

