ePaper

सुषमा को आईसीयू से निजी वार्ड में स्थानांतरित किया गया, स्वास्थ्य में सुधार

Updated at : 13 Dec 2016 9:01 PM (IST)
विज्ञापन
सुषमा को आईसीयू से निजी वार्ड में स्थानांतरित किया गया, स्वास्थ्य में सुधार

नयी दिल्ली : विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को आज यहां एम्स के सघन निगरानी कक्ष (आईसीयू) से कार्डियो-न्यूरो सेंटर के एक निजी वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया और उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है. स्वराज का तीन दिन पहले किडनी का प्रतिरोपण किया गया था. अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि 64 […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को आज यहां एम्स के सघन निगरानी कक्ष (आईसीयू) से कार्डियो-न्यूरो सेंटर के एक निजी वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया और उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है. स्वराज का तीन दिन पहले किडनी का प्रतिरोपण किया गया था. अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि 64 वर्षीय मंत्री को अगले सात से 10 दिन में अस्पताल से छुट्टी दिए जाने की संभावना है.

एम्स निदेशक डॉ. एम सी मिश्रा ने कहा, ‘‘मंत्री को आईसीयू से कार्डियो-न्यूरो सेंटर के एक निजी वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया है. ऑपरेशन के बाद उनके स्वास्थ्य में सुधार अपेक्षा के अनुरुप ही हो रहा है.” उन्होंने कहा कि उनके स्वास्थ्य में सुधार पर प्रतिरोपण शल्य चिकित्सकों, फिजिशियन (इंडोक्राइनोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट और पल्मोनोलॉजिस्ट) और एनेस्थेसिस्ट के दल के अलावा गंभीर स्थिति देखभाल विशेषज्ञ, फिजियोथेरेपिस्ट और प्रतिरोपण विशेषज्ञ करीबी नजर रख रहे हैं.

मिश्रा ने कहा, ‘‘उन्हें अगले सात या 10 दिनों में छुट्टी दिए जाने की संभावना है.” स्वराज का शनिवार को किडनी प्रतिरोपण किया गया था और एक जीवित असंबद्ध दाता से लेकर उनके शरीर में किडनी प्रतिरोपित किया गया था. मिश्रा के अनुसार जिस महिला ने मंत्री को अपनी किडनी दान में दी, उसे भी अस्पताल से छुट्टी दिए जाने की प्रक्रिया चल रही है.

एम्स के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने कहा, ‘‘प्रतिरोपण सर्जरी के दौरान जिस व्यक्ति के शरीर में अंग प्रतिरोपित किया जाता है उसे इम्यूनोसप्रेसेंट पर रखा जाता है ताकि प्रतिरोपित अंग को अस्वीकार करने की शरीर की क्षमता को कम किया जा सके.” चिकित्सक ने कहा, ‘‘यही कारण है कि मंत्री को प्रतिरोपण के बाद आईसीयू में भेजा गया था और किसी भी तरह के संक्रमण से बचाने के लिए उन्हें अकेला रखा गया.” एम्स ने इससे पहले कहा था कि स्वराज की सर्जरी सफल रही.

स्वराज की सर्जरी तकरीबन छह घंटे तक चली थी और इसे पोस्ट ग्रैजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर) में रेनाल ट्रांसप्लांट सर्जरी विभाग के पूर्व प्रमुख डॉ. मुकुट मिंज और एम्स के डॉ. वी के बंसल की अगुवाई वाले 50 चिकित्सकों के दल ने किया था. मिंज फिलहाल फोर्टिस, मोहाली में काम करते हैं. स्वराज ने गत 16 नवंबर को खुद ट्विटर पर पोस्ट किया था कि वह किडनी खराब होने की वजह से एम्स में भर्ती हैं. उन्हें गत सात नवंबर को एम्स में भर्ती कराया गया था.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola