अगस्तावेस्‍टलैंड मामला : CBI की बड़ी कार्रवाई, पूर्व वायुसेनाध्‍यक्ष एस पी त्यागी गिरफ्तार

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 10 Dec 2016 7:51 AM

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नयी दिल्ली : सीबीआई ने शुक्रवार को अचानक और अपनी तरह की पहली कार्रवाई करते हुए भारतीय वायुसेना के पूर्व प्रमुख एस पी त्यागी, उनके चचेरे भाई संजीव और एक वकील को वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार कर लिया. इन लोगों को आज पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जायेगा. पिछली संप्रग सरकार […]

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नयी दिल्ली : सीबीआई ने शुक्रवार को अचानक और अपनी तरह की पहली कार्रवाई करते हुए भारतीय वायुसेना के पूर्व प्रमुख एस पी त्यागी, उनके चचेरे भाई संजीव और एक वकील को वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार कर लिया. इन लोगों को आज पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जायेगा. पिछली संप्रग सरकार के दौरान ब्रिटेन स्थित अगस्तावेस्टलैंड से 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की खरीद में 450 करोड रुपये की रिश्वत के कथित लेन-देन के आरोप में ये गिरफ्तारियां हुई हैं.

सीबीआई सूत्रों ने बताया कि 2007 में सेवानिवृत हुए 71 साल के त्यागी, संजीव और चंडीगढ़ में रहने वाले वकील गौतम खेतान को सीबीआई मुख्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया था. करीब चार घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. करीब तीन साल पहले सामने आये इस मामले में सीबीआई की ओर से की गयी ये पहली गिरफ्तारी है.

रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच के लिए सीबीआई ने 2013 में प्राथमिकी दर्ज की थी. जांच एजेंसी ने प्राथमिकी तब दर्ज की थी जब इटली में इस मामले में हो रही अदालती सुनवाई के दौरान अभियोजकों ने अगस्तावेस्टलैंड की मूल कंपनी फिनमेकेनिका के प्रमुख के खिलाफ इस करार में भ्रष्टाचार के आरोप लगाये थे.

शाम के वक्त दिये गये एक बयान में सीबीआई प्रवक्ता देवप्रीत सिंह ने कहा, ‘यह आरोप है कि वायुसेना प्रमुख (सीएएस) ने अन्य आरोपियों के साथ आपराधिक साजिश की और 2005 में भारतीय वायुसेना का यह रुख बदलने के लिए तैयार हो गये कि वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की 6000 मीटर की सर्विस सीलिंग अनिवार्य परिचालन जरुरत (ओआर) है और इसे घटाकर 4500 मीटर कर दिया.’

देवप्रीत ने कहा कि परिचालन जरुरतों में ऐसे बदलाव से ब्रिटेन स्थित कंपनी (अगस्तावेस्टलैंड) वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों के लिए प्रस्ताव के अनुरोध (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) में हिस्सेदारी लेने योग्य हो गई.सीबीआई प्रवक्ता ने कहा, ‘जांच के दौरान खुलासा हुआ कि उनके चचेरे भाई और एक वकील सहित बिचौलियों-रिश्तेदारों के जरिए आरोपी वेंडरों से रिश्वत कबूल कर ब्रिटेन स्थित उक्त निजी कंपनी को अनुचित फायदा पहुंचाया गया. अवैध जरिए से प्रभाव का इस्तेमाल करने या संबंधित लोक सेवकों पर निजी प्रभाव डालने के लिए उन्होंने अवैध रिश्वत कबूल की.’

देवप्रीत ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों को कल सक्षम अदालत के सामने पेश किया जाएगा और उनकी हिरासत मांगी जाएगी. पिछले तीन साल में मीडिया को दिए कई इंटरव्यू में त्यागी और उनके चचेरे भाई ने करार को प्रभावित करने के लिए किसी तरह की रिश्वत लेने के आरोपों से इनकार किया है.

आरोपों को खारिज करते हुए पूर्व एयर चीफ मार्शल त्यागी ने कहा था कि शर्तों में बदलाव एक सामूहिक फैसला था जिसमें भारतीय वायुसेना, स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल थे. सीबीआई ने दावा किया था कि खेतान ने यूरोपीय बिचौलिये ग्विडो हैश्के और कार्लो गैरोसा से पैसे लेने की बात कबूल की है. हालांकि, उसने यह भी कहा कि वह करार को प्रभावित करने के लिए लिया गया कमीशन नहीं था.

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