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विकास तभी संभव है जब केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर चलें: नरेंद्र मोदी

Updated at : 16 Jul 2016 11:19 AM (IST)
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विकास तभी संभव है जब केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर चलें: नरेंद्र मोदी

नयी दिल्ली : मुख्‍यमंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के सामने ऐसा बहुत कम मौका आता है जब सभी राज्य एकसाथ जमा होते हैं. उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी ने कहा था, भारत जैसे बड़े देश के लिए, बहस, विवेचना और चर्चा नीतियों को प्रभावित करता है. […]

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नयी दिल्ली : मुख्‍यमंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के सामने ऐसा बहुत कम मौका आता है जब सभी राज्य एकसाथ जमा होते हैं. उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी ने कहा था, भारत जैसे बड़े देश के लिए, बहस, विवेचना और चर्चा नीतियों को प्रभावित करता है.

उन्होंने कहा कि जनता के हितों पर बात करने के लिए, मुश्किलों के निपटारे के लिए, मिलकर फैसला लेने के लिए कॉपरेशन फेडरालिज्म का यह मंच बेहतरीन उदाहरण है. इंटर स्टेट काउंसिल एक ऐसा मंच है जिसका इस्तेमाल नीतियों को बनाने और उन्हें लागू करने में किया जा सकता है.

मोदी ने कहा कि 2006 के बाद ये बैठक नहीं हो पाई, लेकिन मुझे खुशी है कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह जी ने इस प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का प्रयास किया. पिछले एक साल में वे देश भर की पांच आंचलिक परिषदों की बैठक बुला चुके हैं. इसका ही नतीजा है कि आज हम सभी यहां इकट्ठा हुए हैं.

उन्होंने कहा कि देश का विकास तभी संभव है जब केंद्र और राज्य सरकारें कंधे से कंधा मिलाकर चलें. मुझे खुशी है कि पिछले वर्ष 2015-16 में राज्यों को केंद्र से जो रकम मिली है, वो वर्ष 2014-15 की तुलना में 21 प्रतिशत अधिक है. मोदी ने कहा कि पंचायतों और स्थानीय निकायों को 14वें वित्त आयोग की अवधि में 2 लाख 87 हजार करोड़ रुपये की रकम मिलेगी जो पिछली बार से काफी अधिक है. CAMPA कानून में बदलाव के जरिए बैंक में रखे हुए करीब 40 हजार करोड़ रुपये को भी राज्यों को देने का प्रयास किया जा रहा है.

मोदी ने कहा कि केरोसिन की बचत योजना के लिए कर्नाटक सरकार को बधाई देता हूं. अन्य राज्यों को भी ऐसे उदाहरणों से सीखना चाहिए.इस साल के अंत तक हम देश के हर नागरिक को आधार से जोड़ेंगे. भारत की सबसे बड़ी ताकत हमारी युवा शक्ति, हमारे पास दुनिया को स्किल्ड मैनपावर देने की क्षमता है. देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए चुनौतियों और उनसे कैसे निपट सकते हैं, कैसे एक दूसरे का सहयोग कर सकते हैं, इस पर आज चर्चा होनी है.

उन्होंने कहा कि आंतरिक सुरक्षा को तब तक मजबूत नहीं किया जा सकता, जब तक इंटेलिजेंस शेयरिंग पर फोकस ना हो. हमें हर समय अलर्ट और अपडेटेड रहना है.

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