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यदि मैंने अनुशासन तोड़ा तो ‘खूनखराबा'' होगा : सुब्रमण्यम स्वामी

Updated at : 24 Jun 2016 8:59 PM (IST)
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यदि मैंने अनुशासन तोड़ा तो ‘खूनखराबा'' होगा : सुब्रमण्यम स्वामी

नयी दिल्ली : भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने आज एक तरीके से वित्त मंत्री अरूण जेटली पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें अनुशासन में रहने की नसीहत देने वाले यह नहीं समझते हैं कि यदि उन्होंने अनुशासन तोड़ा तो ‘खूनखराबा’ हो जायेगा. उन्होंने स्पष्ट रुप से वित्त मंत्री जेटली पर निशाना साधते हुए […]

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नयी दिल्ली : भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने आज एक तरीके से वित्त मंत्री अरूण जेटली पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें अनुशासन में रहने की नसीहत देने वाले यह नहीं समझते हैं कि यदि उन्होंने अनुशासन तोड़ा तो ‘खूनखराबा’ हो जायेगा. उन्होंने स्पष्ट रुप से वित्त मंत्री जेटली पर निशाना साधते हुए अपने ट्विट में कहा, ‘‘बिना मांगे मुझे अनुशासन और नियंत्रण की सलाह देने वाले लोग यह नहीं समझ रहे कि यदि मैंने अनुशासन की उपेक्षा की तो ‘खूनखराबा’ हो जाएगा.”

स्वामी ने हालांकि जेटली का नाम नहीं लिया लेकिन वह स्पष्ट रुप से वित्त मंत्री का हवाला दे रहे थे जिन्होंने बुधवार को उनसे मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम पर हमले के मद्देनजर नियंत्रण और अनुशासन की अपील की थी. आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकान्त दास का बचाव करते हुए कल जेटली ने अनुशासन शब्द का इस्तेमाल किया था. जेटली पर एक और तंज कसते हुए स्वामी ने भाजपा से कहा कि वे अपने मंत्रियों को निर्देश दें कि जब वे विदेश जाएं तो पारंपरिक और आधुनिकीकृत भारतीय परिधान पहनें. गौरतलब है कि आज अखबारों में जेटली की बैंक आफ चाइना के अध्यक्ष तियान गुओली से मुलाकात की तस्वीर छपी है जिसमें उन्होंने लाउंज सूट पहना हुआ है.

स्वामी ने एक अन्य ट्विट में कहा, ‘‘भाजपा को अपने मंत्रियों को निर्देश देना चाहिए कि वे विदेश यात्रा के दौरान पारंपरिक और आधुनिकीकृत भारतीय परिधान पहनें. कोट और टाई में वे वेटर जैसे लगते हैं.” स्वामी पिछले दो तीन दिन से ट्विटर पर सक्रिय हैं और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों पर निशाना साध रहे हैं और जेटली पर तंज कस रहे हैं.

स्वामी के जोरदार हमलों तथा विशेषरुप से ‘खूनखराबा’ जैसे शब्द के इस्तेमाल से भाजपा नेतृत्व काफी नाराज है. पार्टी सूत्रों ने कहा कि संगठन तथा नेतृत्व में वित्त मंत्रालय की लगातार आलोचना को लेकर चिंता की स्थिति है.

सूत्रों ने संकेत दिया कि पार्टी राज्यसभा सदस्य स्वामी के खिलाफ कार्रवाई की जल्दबाजी में नहीं है. बल्कि वह कुछ समय तक देखो और इंतजार करो की नीति अपनाएगी. एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने इन संभावनाओं को खारिज किया कि स्वामी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का समर्थन है. इस नेता ने कहा कि आरएसएस इस तरह के खुले हमले का समर्थन नहीं कर सकता जिससे सरकार और पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचता हो.

जदयू के नेता पवन वर्मा ने कहा कि स्वामी को राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भेजा है. ऐसे में यदि वह कुछ कह रहे हैं तो उसका कुछ ‘महत्व’ होगा. वर्मा ने कहा कि पार्टी और सरकार में काफी अंदरुनी लड़ाई चल रही है. लोग पूछ रहे हैं और जानना चाहते हैं कि क्या स्वामी पर रोक लगाई जाएगी. राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता मनोज झा ने भी कुछ इसी तरह के सवाल उठाए.

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