पनामा पेपर्स : कांग्रेस का सवाल, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में अमिताभ क्यों ?

Updated at : 25 May 2016 6:01 PM (IST)
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पनामा पेपर्स : कांग्रेस का सवाल, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में अमिताभ क्यों ?

नयी दिल्ली : कभी राजीव गांधी के बेहद खास दोस्त रहे अमिताभ अब कांग्रेस पार्टी के निशाने पर हैं. पनामा पेपर्स में अमिताभ के नाम आने के बाद कांग्रेस पार्टी बिना नाम लिये अमिताभ की आलोचना करती आ रही थी, लेकिन आज कांग्रेस ने अमिताभ के खिलाफ पूरी तरह से मोर्चा खोल दिया. दरअसल अमिताभ […]

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नयी दिल्ली : कभी राजीव गांधी के बेहद खास दोस्त रहे अमिताभ अब कांग्रेस पार्टी के निशाने पर हैं. पनामा पेपर्स में अमिताभ के नाम आने के बाद कांग्रेस पार्टी बिना नाम लिये अमिताभ की आलोचना करती आ रही थी, लेकिन आज कांग्रेस ने अमिताभ के खिलाफ पूरी तरह से मोर्चा खोल दिया. दरअसल अमिताभ नरेंद्र मोदी के दो साल पूरे होने पर इंडिया गेट में एक कार्यक्रम की होस्टिंग कर रहे हैं. कांग्रेस ने कहा हम अमिताभ के कार्यक्रम की होस्टिंग के खिलाफ नहीं हैंलेकिनपनामा पेपर मामले की जब जांच हो रही है तोजांच एजेंसियों में इस बात से क्या संकेत जायेगा?

उधर अमिताभ ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ‘ आर. माधवन कार्यक्रम की मेजबानी कर रहे हैं, मैं नहीं. मैं सिर्फ ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ से जुड़ा कार्यक्रम करूंगा. अमिताभ के बेटे अभिषेक बच्चन ने एक सवाल के जवाब में कहा कि अमिताभ बच्चन किसी राजनीतिक कार्यक्रम की मेजबानी नहीं कर रहे हैं. अभिषेक ने कहा कि वह उस कार्यक्रम का हिस्सा हैं जहां वहां बच्चियों को शिक्षित किए जाने के बारे में बात करेंगे, वह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है.
पनामा पेपर्स के बहाने अमिताभ बच्चन पर निशाना के पीछे कांग्रेस और बच्चन परिवार के चढ़ते-उतरते रिश्तों की लंबी कहानी है. कांग्रेस के टिकट से अमिताभ बच्चन सांसद बने. 1985 से 1987 के छोटे अंतराल के बीच अमिताभ संसद सदस्य रहे लेकिन राजीव गांधी का नाम जैसे ही बोफोर्स मामले में उछला उन्हें अचानक से अहसास हुआ कि वे राजनीति में फिट नहीं हैं. हालांकि राजीव गांधी के देहान्त के बाद अमिताभ बच्चन फिर कभी राजनीतिक रूप से सक्रिय नहीं रहे. अपने निजी जीवन में भी वो राजनीतिक बयान देने से बचते रहे हैं, लेकिन राजनेताओं से हमेशा उनके करीबी रिश्ते रहे. महाराष्ट्र की राजनीति में जैसे ही बाल ठाकरे उभरे, अमिताभ की गिनती उनके नजदीकी फिल्मी सितारों में हो गयी. उन दिनों कांग्रेस की लोकप्रियता घट रही थी. अमिताभ की इसबदलती मित्रताको गांधी परिवार हजम नहीं कर पा रहा था.
आगे चलकर अमिताभ की नजदीकियां समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह व अमर सिंह से बढ़ी. गुजरात में जब नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री बने तो उनके कई अभियानों का मुख्य चेहरा अमिताभ बने. नरेंद्र मोदी के साथ उनके अब भी मधुर संबंध हैं. अमिताभ बच्चे एक प्रोफेशनल कलाकार हैं. राजनीति के फील्ड वो भले ही सामने आकर बेंटिंग करने से डरते हों लेकिन सच्चाई यह है कि पर्दे के पीछे जिस किसी ने भी सत्ता के शिखर को छुआ वो अमिताभ के करीबी दोस्तों में से एक रहा.
* अमिताभ बच्‍चन के बचाव में उतरे ऋषि कपूर
बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता ऋषि कपूर ने बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्‍चन का बचाव किया है. उन्‍होंने नरेंद्र मोदी सरकार के दो साल होने के अवसर पर होने वाले कार्यक्रम में अमिताभ बच्‍चन के हिस्‍सा लेने पर कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों की ओर से किये जा रहे हमले पर कहा, चुंकी अमिताभ बच्‍चन बॉलीवुड के सबसे महान कलाकार हैं और वो एक सबसे सम्‍मानित व्‍यक्ति हैं, उनके ऊपर किसी भी तरह का अहमा जायज नहीं है.
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