तेलंगाना में 800 साल पुराने बरगद के पेड़ को मिलेगा नया जीवन, संरक्षण के लिए सांसद ने दिए 2 करोड़ रुपये

टीआरएस सांसद और ग्रीन इंडिया चैलेंज के संस्थापक संतोष कुमार ने कहा कि बरगद के इस विशालकाय पेड़ के संरक्षण की जिम्मेदारी लोगों की है, जो एक ऐतिहासिक पहलू जुड़ा हुआ है. ग्रीन इंडिया चैलेंज के संस्थापक ने राज्य के पर्यटन मंत्री श्रीनिवास गौड़ को 'पिल्लमरी' को संरक्षित करने के लिए बधाई दी.
महबूब नगर : पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के नाम पर कुछ लोग एक निश्चित तिथि पर वृक्षारोपण या पौधरोपण करके सुर्खियां बटोर लेते हैं, लेकिन हमारे समाज में कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो पर्दे के पीछे से पर्यावरण को बचाए रखने की मुहिम में जुटे रहते हैं. ऐसे ही लोगों में तेलंगाना में टीआरएस (तेलंगाना राष्ट्र समिति) के राज्यसभा सांसद जोगिनपल्ली संतोष कुमार ने महबूब नगर जिले में करीब 800 साल पुराने विशाल बरगद के पेड़ ‘पिल्लमरी’ को संरक्षित करने के लिए अपने सांसद फंड से 2 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है. हालांकि, ऐतिहासिक तौर पर करीब 800 साल पुराने इस विशालकाय बरगद के पेड़ की देखभाल तेलंगाना के पर्यटन मंत्री श्रीनिवास गौड़ कर रहे हैं.
टीआरएस सांसद और ग्रीन इंडिया चैलेंज के संस्थापक संतोष कुमार ने कहा कि बरगद के इस विशालकाय पेड़ के संरक्षण की जिम्मेदारी लोगों की है, जो एक ऐतिहासिक पहलू जुड़ा हुआ है. ग्रीन इंडिया चैलेंज के संस्थापक ने राज्य के पर्यटन मंत्री श्रीनिवास गौड़ को ‘पिल्लमरी’ को संरक्षित करने के लिए बधाई दी. ग्रीन इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष और सांसद ने विशाल बरगद के पेड़ को बचाने के लिए जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया.
उन्होंने राज्य के पर्यटन मंत्री श्रीनिवास गौड़ को अपने बच्चों की तरह पेड़ की रक्षा करने के लिए बधाई दी. सांसद ने आगे कहा कि यह सराहनीय है कि श्रीनिवास गौड़ ने पहली बार विधायक बनने के बाद से पेड़ की देखभाल के लिए एक विशेष पहल की.
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महबूब नगर के इस ऐतिहासिक पेड़ को संरक्षित करने के लिए नमकीन ड्रिप उपचार के तौर पर प्रदान किया गया था. 800 साल पुराने पेड़ की सभी जड़ों की देखभाल की गई, जो इसे एक नया जीवन देने में कामयाब रही. संतोष ने कहा कि यह देखकर खुशी होती है कि पिल्लमरी का पेड़, जो विलुप्त होने के कगार पर था, अब हरे रंग में फल-फूल रहा है. श्रीनिवास गौड़ और संतोष कुमार ने मेट्टुगड्डा और पिल्ललमारी चौराहे पर पिल्ललमारी जंक्शन का उद्घाटन करने के बाद सेल्फी भी ली.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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