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बंगाल, TN सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान, 4 अप्रैल से वोटिंग, 19 मई को रिजल्ट

Updated at : 04 Mar 2016 3:08 PM (IST)
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बंगाल, TN सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान, 4 अप्रैल से वोटिंग, 19 मई को रिजल्ट

नयीदिल्ली : चुनाव आयोग ने आज पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु,असम, केरल व पुड्डुचेरी में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया. मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने चुनाव का एलान करते हुए कहा कि चार अप्रैल से वोटिंग की प्रक्रिया चरणबद्ध रूप से शुरू होगी और 19 मई को सभी राज्यों में मतगणना होगी व […]

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नयीदिल्ली : चुनाव आयोग ने आज पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु,असम, केरल व पुड्डुचेरी में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया. मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने चुनाव का एलान करते हुए कहा कि चार अप्रैल से वोटिंग की प्रक्रिया चरणबद्ध रूप से शुरू होगी और 19 मई को सभी राज्यों में मतगणना होगी व 21 मई को चुनाव प्रक्रिया पूरी हो जायेगी. पश्चिम बंगाल में छह फेज में, असम में दो फेज में व बाकी तीन राज्यों तमिलनाडु, केरल व पुड्डुचेरी में एक फेज में 16 मई को वोटिंग होगी. चुनाव की तारीखों के एलान के साथ ही इन राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गयी.

इन राज्यों में देश की दो बड़ी पार्टियों भाजपा व कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व नरेंद्र मोदी-अमित शाह और सोनिया गांधी-राहुल गांधी सहित ताकतवर क्षत्रपों की अग्निपरीक्षा होगी. इनमें ममता बनर्जी, जयललिता व करुणानिधिजैसीकद्दावर राजनीतिक हस्तियां शामिल हैं. इस चुनाव में कांग्रेस व वाम दलों की नयी बनती केमेस्ट्री का भी आकलन होगा और अमित शाह के दक्षिण व पूरब में सक्रियता की भी परीक्षा होगी.

असम में दो फेज में चुनाव होगा. पहले फेज में 65 सीटों पर चार अप्रैल दिन सोमवार को चुनाव होगा. दूसरे फेज में 61 सीटों पर चुनाव होगा. दूसरे फेज का चुनाव 11 अप्रैल को होगा. यह दिन भी सोमवार है.तीसरे फेज का चुनाव 21 अप्रैल को होगा.

पश्चिम बंगाल में छह फेज में चुनाव होंगे. पहले फेज में 18 सीटों पर मतदान होगा.पहले फेज का चुनाव चार अप्रैल व 11 अप्रैल को दो तारीख में होगा. दूसरे फेज में 56 सीट पर 17 अप्रैल को मतदान होगा. तीसरे फेज में 62 सीटों पर 21 अप्रैल को मतदान होगा. चौथे फेज का चुनाव 25 अप्रैल सोमवार को होगा. पांचवे फेज में 53 सीटों पर चुनाव होगा. पांचवें फेज का चुनाव 30 अप्रैल दिन शनिवार को होगा. अंतिम फेज में 25 सीटों पर चुनाव होगा. इस फेज का मतदान पांच मई को होगा.

केरल में एक फेज में सभी सीटों पर मतदान होगा. 16 मई को केरल में एक ही दिन वोटिंग होगी यह दिन शनिवार का है.
तमिलनाडु में 16 मई को एक ही दिन में सभी सीटों के लिए मतदान होगा. पुड्डुचेरी में भी वोटिंग 16 मई को होगा. सभी राज्यों में मतगणना 19 मई को होगी और चुनाव प्रक्रिया 21 मई को पूरी हो जायेगी.

समझिए राज्यों का राजनीतिक हाल :


पश्चिम बंगाल की स्थिति

पश्चिम बंगाल में यूं तो ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस और वाम मोर्चे के बीच ही सीधा मुकाबला है, लेकिन पहली बार वहां भाजपा तीसरा कोण बनाने के लिए पूरी ताकत लगा चुकी है. भाजपा हाइकमान ने राज्य में अपने कई केंद्रीय नेताओं को तैनात कर रखा है और हर विधानसभा क्षेत्र के हालात का जायजा ले रहे हैं.

294 सीटों वाले पश्चिम बंगाल में 2011 में हुए चुनाव में ममता बनर्जी ने 227 सीटें जीती थी और वाम मोर्चा 62 सीटों तक सीमित रह गया था. इससे पहले के विधानसभा चुनाव में तृणमूल ने 30 सीटें और वाम ने 233 सीटें जीती थी.


तमिलनाडु : अन्नाद्रमुक बनाम द्रमुक

तमिलनाडु में सीधा मुकाबला जे जयललिता के नेतृत्व वाले अन्नाद्रमुक के गंठबंधन व करुणानिधि के नेतृत्व वाले द्रमुककेगंठबंधन के बीच होता रहा है. पिछली बार वहां जयललिता के नेतृत्व में 11 दलों के गंठबंधन नेकरुणानिधि के नेतृत्व वाले आठ दलों के गंठबंधन कोकरारीमात दी थी. 234 सदस्यों वाली विधानसभा में अन्नाद्रमुक गंठबंधन ने 203 व द्रमुकगंठबंधन ने 31 सीटेंजीतीथी. उस समय द्रमुक नेताओं पर टू जी स्प्रेक्ट्रम घोटाले सहित कई दूसरे आरोप थे. इस बार द्रमुक के साथ मजबूत सहयोगी कांग्रेस ने गंठबंधन कर लिया है. वहीं, भाजपा एक अलग कोण तैयार करना चाहती है. इस बार वहां का मुकबला बेहद दिलचस्प होगा.

केरल के हालात

केरल में मुकाबला कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ यानी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट व माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ यानी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट के बीच होता रहा है. 140 सदस्यों वाली केरल विधानसभा का पिछला चुनाव दोनों गठजोड़ के बीच कांटें की टक्कर थी. यूडीएफ वहां एलडीएफ को मात्र चार सीटों से हराने में सफल रही थी. अब वहां भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए भी अपनी हैसियत बढ़ाने की काेशिश में है, लेकिन सत्ता में आना उसके लिए अभी दूर की कौड़ी है. केरल के मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता ओमन चांडी फिलहाल सोलर घोटाले के कारण मुश्किलों में हैं. लेफ्ट को उम्मीद है कि कांग्रेस की यह कमजोरी उसे सत्ता में लायेगी. यूडीएफ में पिछली बार आठ व एलडीफ में दस पार्टियां थीं.


असम का हाल

असम में भाजपा सत्ता में आने के भरपूर मंसूबे पाले हुए है. 126 सदस्यों वाली असम विधानसभाकेचुनाव के लिए इस बार भाजपा व असम गण परिषद ने आपसी गठजोड़ कर लिया है. फिलहाल वहां इन दोनों दलों के पास क्रमश: पांच व नौ सीटें हैं. कांग्रेस के तरुण गोगई सीएम हैं और पार्टी ने पिछली बार यहां 79 सीटें जीती थी.


पुड्डुचेरी की स्थिति

पुड्डुचेरी एक केंद्र शासित प्रदेश है. यहां विधानसभा की कुल 30 सीटें हैं. पिछली बार वहां ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस ने 15 सीटें जीती थीं. अन्नाद्रमुक ने पांच व कांग्रेस ने सात व द्रमुक ने एक सीट जीती थी. ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस के एन रंगास्वामी अभी वहां के मुख्यमंत्री हैं. उनकी पार्टी को 31.75 प्रतशित व कांग्रेस को 25 प्रतिशत वोट मिले थे. कांग्रेस व द्रमुक में नये सिरे से दोस्ती होने के कारण वहां का चुनाव इस बार दिलचस्प हो सकता है.

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