नयी दिल्ली : भारत का हल्का लडाकू विमान तेजस कल शुरू हो रहे बहरीन अंतरराष्ट्रीय एयर शो में दर्शकों को अपने दम खम का जलवा दिखाएगा. देश को इस कार्यक्रम में निर्यात के संभावित अवसर मिलने की उम्मीद है. लिमिटेड सीरीज प्रोडक्शन (एलएसपी) के दो विमान कई हवाई करतब दिखाएंगे. एचएएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक टी सुवर्ण राजू ने कहा, ‘यह महत्वपूर्ण है कि स्वदेश निर्मित विमान भारत के बाहर अंतरराष्ट्रीय एयर शो में भाग लें. एचएएल को तेजस के डिजाइन, विकास और उत्पादन के साथ जुडे होने पर गर्व है. हमने एलसीए के उत्पादन के लिए बेंगलूरु में एक अत्याधुनिक, पर्यावरण नियंत्रित, समर्पित डिवीजन स्थापित की है.
जाने तेजस की खुबियां
तेजस एक इंजन वाला, हल्का, अत्यधिक तेज, कई भूमिकाएं निभाने वाला सुपरसोनिक लडाकू विमान है. यह सभी ऊंचाइयों पर सुपरसोनिक क्षमताओं से युक्त 4.5 पीढी का विमान है. भारतीय वायुसेना की 120 तेजस विमानों को शामिल करने की योजना है. इनमें से 100 की हमला करने, रडार और बीच मार्ग में फिर से इंधन भरने की क्षमता में बड़े बदलाव किये जाएंगे. हालांकि डीआरडीओ ने तेजस का नौसैनिक संस्करण विकसित किया है, नौसेना इसमें अन्य बदलावों के अलावा अधिक शक्तिशाली इंजन चाहती है. पाकिस्तान ने चीन के सहयोग से बने अपने लडाकू विमान जेएफ 17 को पहले की खुले बाजार में उतार दिया है. श्रीलंका पहले ही इन रिपोर्टों का खंडन कर चुका है कि उसने पाकिस्तानी विमान में रुचि दिखाई है.