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भाजपा ने कीर्ति आजाद को नोटिस भेजा, पूछा, पार्टी से क्‍यों न निकाला जाए ?

Updated at : 31 Dec 2015 8:06 PM (IST)
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भाजपा ने कीर्ति आजाद को नोटिस भेजा, पूछा, पार्टी से क्‍यों न निकाला जाए ?

नयी दिल्ली : भाजपा ने पार्टी से निलंबित किए गए सांसद कीर्ति आजाद को आज एक कारण बताओ नोटिस देते हुए उनसे दस दिन के भीतर यह साफ करने के लिए कहा कि उन्हें ‘अनुशासनहीनता’ और ‘पार्टी विरोधी’ गतिविधियों के लिए पार्टी से क्यों ना निष्कासित कर दिया जाए. भाजपा सूत्रों ने कहा कि नोटिस […]

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नयी दिल्ली : भाजपा ने पार्टी से निलंबित किए गए सांसद कीर्ति आजाद को आज एक कारण बताओ नोटिस देते हुए उनसे दस दिन के भीतर यह साफ करने के लिए कहा कि उन्हें ‘अनुशासनहीनता’ और ‘पार्टी विरोधी’ गतिविधियों के लिए पार्टी से क्यों ना निष्कासित कर दिया जाए.

भाजपा सूत्रों ने कहा कि नोटिस किसी पार्टी नेता के निलंबन के बाद की जाने वाली मानक कार्रवाई है और दिल्ली जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) को लेकर वित्त मंत्री के खिलाफ हमला जारी रखने वाले आजाद के निष्कासन का फैसला उनके जवाब पर निर्भर करेगा.

बिहार के दरभंगा के तीन बार के सांसद आजाद के करीबी सूत्रों ने कहा कि वह अपने जवाब के साथ ‘तैयार’ हैं और उसे कल पार्टी मुख्यालय में भेज देंगे. पूर्व में आजाद के निलंबन पर सवाल करने वाले पार्टी नेता सुब्रहमण्यम स्वामी ने उनका जवाब तैयार करने में मदद की है.

आजाद ने डीडीसीए में कथित भ्रष्टाचार को लेकर जेटली को निशाने पर लेना जारी रखा है और साथ ही क्रिकेट प्रशासन में कथित गडबडियों को लेकर पार्टी सांसद एवं बीसीसीआई के सचिव अनुराग ठाकुर के अलावा कांग्रेस के राजीव शुक्ला पर भी हमला किया.

कारण बताओ नोटिस में आजाद की ‘पार्टी विरोधी’ गतिविधियों की बात की गयी है, जिनमें लोकसभा में डीडीसीए के मामलों की जांच की उनकी मांग और लगातार लगाए जा रहे उनके आरोप शामिल हैं जबकि भाजपा और सरकार ने विपक्षी दलों कांग्रेस और आप द्वारा लगाए गए इसी तरह के आरोपों का खंड़न किया है.

गौरतलब हो कि भाजपा ने वित्त मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ डीडीसीए में कथित भ्रष्टाचार को लेकर अभियान चला रहे अपने सांसद कीर्ति आजाद के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया. भाजपा ने आजाद पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने और पार्टी की छवि ‘‘धूमिल’ करने के लिए कांग्रेस एवं आप के साथ ‘‘सांठगांठ करने’ का आरोप लगाया.

कीर्ति आजाद को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की भाजपा संसदीय बोर्ड की कार्रवाई तब हुई है जब सांसद ने एक संवाददाता सम्मेलन करके जेटली पर हमला किया और उसके बाद संसद के भीतर और बाहर चुनौती देने वाले कृत्यों में लिप्त रहे. अपने निलंबन के बाद आजाद ने धमकी दी कि वे ‘‘और खुलासे’ करेंगे. उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि ‘‘भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलने पर’ पार्टी उनके खिलाफ कार्रवाई कर ‘‘इतना नीचे गिर जायेगी’.

आजाद को निलंबित करने की संक्षिप्त घोषणा पार्टी मुख्यालय से आयी लेकिन उन्हें बोर्ड से एक विस्तृत पत्र भी गया जिसमें संसद के भीतर और बाहर उनकी ‘‘पार्टी विरोधी’, पार्टी और उसके पदाधिकारियों की ‘‘प्रतिष्ठा को नुकसान’ पहुंचाने वाले कृत्य सूचीबद्ध किये गए थे.

बिहार के दरभंगा से तीसरी बार सांसद चुने गए आजाद स्वयं एक पूर्व क्रिकेटर हैं. वह वर्षों से डीडीसीए मामलों को लेकर जेटली को निशाना बनाते हुए एक अभियान चला रहे हैं. यद्यपि चीजें उनके खिलाफ तब हो गई जब उन्होंने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की सलाह के खिलाफ जाते हुए यहां 20 दिसंबर को एक संवाददाता सम्मेलन किया और लोकसभा में खुली चुनौती देते हुए समयबद्ध एसआईटी जांच की मांग की.

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