जिया मामले में सीबीआई को मिली फटकार

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 11 Dec 2015 4:10 PM

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मुंबई : एक विशेष अदालत ने आज अभिनेत्री जिया खान खुदकुशी मामले में आरोपपत्र के कुछ अंश मीडिया को लीक करने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो सीबीआई को आड़े हाथ लिया और कहा कि यह बहुत गंभीर बात है. अदालत ने जांच एजेंसी को भविष्य में बहुत सतर्क रहने का निर्देश दिया. सीबीआई द्वारा इस […]

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मुंबई : एक विशेष अदालत ने आज अभिनेत्री जिया खान खुदकुशी मामले में आरोपपत्र के कुछ अंश मीडिया को लीक करने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो सीबीआई को आड़े हाथ लिया और कहा कि यह बहुत गंभीर बात है. अदालत ने जांच एजेंसी को भविष्य में बहुत सतर्क रहने का निर्देश दिया. सीबीआई द्वारा इस मामले में अपना आरोपपत्र दायर करने के दो दिन बाद आरोपी सूरज पंचोली आज विशेष महिला अदालत में पेश हुए. अदालत ने मामला 18 जनवरी तक स्थगित कर दिया.

सूरज जैसे ही आरोपपत्र की प्रति एकत्रित करके गये, विशेष न्यायाधीश ए. एस. शेंदे ने मामला स्थगित कर दिया और कहा कि मुझे पता चलने से पहले आरोपपत्र के अंश मीडिया को पता कैसे चल गये. उन्होंने चेताया कि सीबीआई एकमात्र स्रोत है जहां से यह लीक हुआ. यह बहुत गंभीर चीज है. भविष्य में इसे लेकर सतर्क रहिए. इस बीच, अदालत के बाहर जिया की मां राबिया खान ने संवाददाताओं से कहा कि वह आरोपपत्र से संतुष्ट नहीं हैं.

जिया की मां ने कहा कि मैं आरोपपत्र से खुश नहीं हूं, बहुत कुछ खुलासा किया जाना है. आरोपपत्र में कहा गया कि हाल में हिन्दी फिल्म उद्योग में पदार्पण करने वाले सूरज 25 पर सीबीआई ने जिया को खुदकुशी के लिए कथित रुप से उकसाने का आरोप लगाया था. सितंबर 2012 में फेसबुक पर दोनों की मुलाकात हुई और कुछ समय में दोस्ती गहरे संबंधों में बदल गई. अदालत में दायर आरोपपत्र के अनुसार, आरोप है कि तीन जून 2013 को जब जिया की मां को उसके घर पर जिया फांसी पर लटकी मिली, वह सुबह सूरज के घर से निकली थी. सूरज और जिया दो दिन से एकसाथ रह रहे थे.

सीबीआई के अनुसार, सूरज के बयानों के फोरेंसिक विश्लेषण में पता चलता है कि सूरज ने तथ्य छिपाए और पूछताछ के दौरान जानकारियां तोडमरोडकर पेश कीं. सीबीआई सूत्रों ने एक विशेष अदालत में दायर आरोपपत्र की विस्तृत जानकारियां देते हुए दावा किया कि 26 वर्षीय नफीसा रिजवी उर्फ जिया के खुदकुशी के मामले में एजेंसी द्वारा दायर आरोपपत्र का हिस्सा रहे विश्लेषण ने साबित किया कि सूरज घटना के पीछे के असली कारण के बारे में जरुरी जानकारी छिपा रहे हैं और उनके द्वारा दिये गये बयान अधूरे तथा तोडमरोडकर पेश किये गये हैं. सूत्रों ने कहा कि सूरज जिया के साथ अंतिम बातचीत के बारे में भी कुछ बताने के अनिच्छुक थे.

सूत्रों ने कहा था कि बालीवुड दंपति आदित्य पंचोली और जरीना वहाब के बेटे सूरज ने पालीग्राफ या ब्रेन मैपिंग जैसे किसी भी वैज्ञानिक परीक्षण का हिस्सा होने से इंकार कर दिया. सीबीआई ने आरोप लगाया कि मुंबई पुलिस द्वारा 10 जून 2013 करे जब्त तीन पेज का नोट जिया ने ही लिखा था जिसमें अंतरंग संबंधों की बात कही और सूरज के हाथों शारीरिक उत्पीडन तथा मानसिक एवं शारीरिक यातनाएं का कथित रुप से अनुभव करने की बात कही गई. इसमें आरोप लगाया गया कि पत्र पर हस्ताक्षर नहीं थे और यह सूरज को संबोधित भी नहीं किया गया. हालांकि सबूत सूरज को ही अपराधी बताते हैं.

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