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पटेल आरक्षण : हार्दिक पटेल ने मृतकों के परिवार के लिए मांगा मुआवजा

Updated at : 27 Aug 2015 8:07 AM (IST)
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पटेल आरक्षण : हार्दिक पटेल ने मृतकों के परिवार के लिए मांगा मुआवजा

अहमदाबाद : गुजरात में पटेल समुदाय को अन्य पिछडा वर्ग के तहत आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन के दौरान हिंसा में मरने वालों की संख्या आठ हो गयी है. आंदोलन के कन्वेनर हार्दिक पटेल ने इस हिंसा में मारे गये लोगों के लिए मुआवजे की मांग की है. उन्होंने कहा कि इस घटना में […]

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अहमदाबाद : गुजरात में पटेल समुदाय को अन्य पिछडा वर्ग के तहत आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन के दौरान हिंसा में मरने वालों की संख्या आठ हो गयी है. आंदोलन के कन्वेनर हार्दिक पटेल ने इस हिंसा में मारे गये लोगों के लिए मुआवजे की मांग की है. उन्होंने कहा कि इस घटना में जिन लोगों की मृत्यु हो गयी है सरकार उन्हें 3-3 लाख का मुआवजा दे.हार्दिक ने कहा कि हमारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहेगा. हम हिंसा बर्दाश्‍त नहीं करेंगे. यदि मृतकों को मुआवजा नहीं दिया गया तो हम किसानों से आग्रह करेंगे कि वे दूध सब्जी पानी की सप्लाई बंद कर दें.

वहीं, हार्दिक पटेल को हिरासत में लिये जाने के बाद मंगलवार रात से शुरू हुए हिंसा पर काबू पा लिया गया है. हिंसा के बाद यहां का जनजीवन सामान्य होता जा रहा है.प्राप्त जानकारी के अनुसार सूरत से कर्फ्यू हटा लिया गया है. हिंसा भडकने के बाद हालात काबू में करने के लिए बुधवार को सेना बुलानी पड़ी. आज सुबह भोपाल से चार सीआरपीएफ और 2 रैफ की टीम अहमदाबाद पहुंची. अभी भी राज्य के कई बडे शहरों और कस्बों में कर्फ्यू लगा हुआ है जिससे आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. राज्य के कुछ हिस्सों में छिटपुट हिंसा की खबरों के बीच सेना ने बुधवार शाम फ्लैग मार्च किए.

पुलिस ने कहा कि पटेल समुदाय की मंगलवार को अहमदाबाद में हुई बडी रैली के बाद भडकी हिंसा में राज्य में आठ लोग मारे जा चुके हैं. मंगलवार रात से जारी हिंसा के बाद गुजरात में बीती रात शांति का मंजर देखा गया हालांकि अभी भी कई इलाकों में कर्फ्यू लागू है.आज सेना को गुजरात के सूरत, राजकोट और मेहसाणा में तैनात किया गया है.अहमदाबाद में आज भी स्कूल और कॉलेजों को बंद रखा गया है.

प्रधानमंत्री की अपील का असर नहीं

पुलिस के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनता से शांति बनाये रखने की अपील के बावजूद पटेल समुदाय के सदस्यों ने आगजनी, पथराव किया और सरकारी तथा निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया. इस बीच राज्य की मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल ने बुधवार को इस बात से इनकार किया कि उनकी सरकार ने अहमदाबाद में एक रैली में प्रदर्शनकारियों पर लाठी भांजने का आदेश दिया था जिसके बाद हिंसक प्रदर्शन हुए. उन्होंने कहा कि मैंने जीएमडीसी मैदान में लाठीचार्ज की घटना के मामले में जांच के आदेश दे दिये हैं. गुजरात के डीसीपी जांच कर रहे हैं. सरकार को रिपोर्ट का इंतजार है. सरकार ने कल लाठीचार्ज के लिए या अत्यधिक बल प्रयोग के लिए कोई आदेश नहीं दिया था. अहमदाबाद, सूरत, मेहसाणा, राजकोट, जामनगर, पालनपुर, उंझा, विसनगर और पाटन शहरों में कर्फ्यू लगा दिया गया है.

अहमदाबाद शहर में सेना की पांच कंपनियां बुलाई गयी

अहमदाबाद के जिला कलेक्टर राजकुमार बेनीवाल ने कहा कि पटेल समुदाय के आंदोलन की वजह से हिंसा भडकने के बाद कानून व्यवस्था को नियंत्रण में करने के लिए अहमदाबाद शहर में सेना की पांच कंपनियां बुलाई गयी हैं. बेनीवाल ने कहा कि शहर के पांच मागोर्ं पर सेना फ्लैग-मार्च करेगी, जहां बडी संख्या में हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं. अहमदाबाद के अलावा सूरत और मेहसाणा में सेना की दो-दो कंपनियां तैनात की गयी हैं. अर्धसैनिक बलों के भी करीब 5000 जवान गुजरात पहुंच गये हैं.

क्या कहा पीएम ने शांति संदेश में

पुलिस ने बताया कि छह लोग पुलिस गोलीबारी में मारे गये, वहीं दो लोग मंगलवार रात से शुरु हुई हिंसा मारे गए हैं. चार मामले अहमदाबाद से, तीन मामले बनासकांठा जिले के गढ गांव से और एक मामला महेसाणा कस्बे से आया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजराती भाषा में दिए टेलीविजन संदेश में लोगों से शांति की अपील की और इस बात पर जोर दिया कि बातचीत से सभी मुद्दों को सुलझाया जा सकता है. प्रधानमंत्री बनने से पहले 12 साल तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी और सरदार पटेल की धरती पर किस तरह हिंसा का सहारा लिया जा रहा है. मैं गुजरात के सभी भाइयों और बहनों से अपील करता हूं कि उन्हें हिंसा का रास्ता नहीं अपनाना चाहिए. केवल एक मंत्र होना चाहिए ‘शांति’. केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज सुबह मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल से बात की और उन्हें हालात से निपटने में केंद्र की ओर से पूरी तरह सहायता का आश्वासन दिया.

हार्दिक ने हिंसा के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया

इस बीच पटेल अनामत आंदोलन समिति के नेता 22 वर्षीय हार्दिक ने हिंसा के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होगा. मंगलवार रात प्रदर्शनकारियों द्वारा हिंसा भडकाने के आरोपों को खारिज करते हुए हार्दिक ने पुलिस पर आरोप लगाया कि राजनीतिक तंत्र के इशारे पर आंदोलन को बाधित करने का प्रयास किया जा रहा है. पटेल समुदाय को ओबीसी कोटे के तहत आरक्षण देने की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने की चेतावनी देने वाले हार्दिक पटेल को मंगलवार रात हिरासत में लिये जाने के बाद भडकी हिंसा की आग बुधवार को गुजरात के कई हिस्सों में सुलगती रही.

बंद असरदार

हार्दिक द्वारा बंद के आह्वान के बाद बुधवार को कई जगहों पर सामान्य जनजीवन अस्तव्यस्त रहा और स्कूल, कॉलेज, व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे. बैंक और सार्वजनिक परिवहन के साधन भी बंद रहे. पुलिस ने कहा कि आंदोलनकारियों ने राज्य में कम से कम आठ स्थानों पर रेल पटरियों को उखाड दिया. एक व्यक्ति बुधवार को अपराह्न में उत्तरी गुजरात के महेसाणा कस्बे के बाहरी क्षेत्र में मोधेरा चौराहे पर पथराव कर रही भीड पर गोलीबारी में मारा गया. पुलिस अधिकारी रतन सिंह ने कहा कि 23 राउंड गोली चलाई गयीं। नीलेश पटेल नामक शख्स मारा गया. पुलिस ने कहा कि पालनपुर कस्बे के पास गढ गांव में एक थाने में आग लगाने की कोशिश कर रही भीड पर पुलिस की गोलीबारी में तीन लोग मारे गये.

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