जब एक महिला आईएएस इस देश में सुरक्षित नहीं, तो आम महिला की क्या बिसात!
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 04 Aug 2015 4:08 PM
आज देश के ज्वलंत मुद्दों में शुमार है महिला सुरक्षा. देश की महिलाएं घर-बाहर कहीं भी खुद को पूरी तरह सुरक्षित नहीं महसूस कर पाती हैं, जिसके कारण उनका व्यक्तित्व कुंठित हो जाता है और एक महिला का विकास उस तरह का नहीं हो पाता है, जैसा होना चाहिए. यही कारण है कि चारों ओर […]
आज देश के ज्वलंत मुद्दों में शुमार है महिला सुरक्षा. देश की महिलाएं घर-बाहर कहीं भी खुद को पूरी तरह सुरक्षित नहीं महसूस कर पाती हैं, जिसके कारण उनका व्यक्तित्व कुंठित हो जाता है और एक महिला का विकास उस तरह का नहीं हो पाता है, जैसा होना चाहिए. यही कारण है कि चारों ओर से महिलाओं को सुरक्षित करने की मांग उठ रही है.ऐसे वातावरण में अगर एक महिला आईएएस अपने फेसबुक पोस्ट पर यह लिखे कि वह दुआ करती है कि इस देश में कोई लड़की ना जन्म ले. तो यह पोस्ट पूरे समाज पर सवालिया निशान लगाता है.
जब एक आईएएस का यौन उत्पीड़न संभव है, तो आम महिला की क्या बिसात
जिस समाज में एक महिला आईएएस अधिकारी को यौन प्रताड़ना झेलनी पड़ती हो और जब वह न्याय के लिए अदालत में जाये, तो उसे प्रताड़ना की पुनरावृत्ति महसूस हो, ऐसे में एक आम महिला को यौन प्रताड़ना के मामले में क्या कुछ सहना पड़ता होगा, यह बात सहजता से समझी जा सकती है.
क्या कानून बनाने मात्र से महिलाएं हो जायेंगी सुरक्षित
अरुणा शानबाग, मथुरा , निर्भया और ना जाने कितनी ऐसी महिलाएं हैं, जिनका सुंदर जीवन इस समाज में बसने वाले दूषित सोच के लोगों के कारण उनसे छीन गया. बावजूद इसके हमारे समाज में ऐसी शर्मनाक घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. सरकार ने बलात्कार और यौन उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए कई कड़े कानून बनाये हैं, बावजूद इसके कोई फायदा नहीं हुआ है.
सोमनाथ भारती का विवादास्पद बयान
आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती का महिला सुरक्षा पर दिया गया हालिया बयान, उस मानसिकता का परिचायक है, जिस सोच के साथ यह समाज एक महिला को इंगित करता है.
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