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याकूब मेमन को नागपुर सेंट्रल जेल में सुबह 6:30 बजे दी गयी फांसी, 7:10 बजे मृत घोषित

Updated at : 30 Jul 2015 1:49 AM (IST)
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याकूब मेमन को नागपुर सेंट्रल जेल में सुबह 6:30 बजे दी गयी फांसी, 7:10 बजे मृत घोषित

नयी दिल्ली:याकूब मेमन को आखिरकार फांसी दे दी गयी. आज सुबह 6:30 बजे फांसी दे दी गयी. सुबह 7:10 मिनट पर चिकित्‍सकों ने याकूब को मृत घोषित कर दिया. जेल अधिकारियों ने फांसी की पुष्टि कर दी है. चिकित्‍सकों का दल जेल में ही याकूब के मृत शरीर का पोस्‍टमार्टम कर रहा है. इस बीच […]

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नयी दिल्ली:याकूब मेमन को आखिरकार फांसी दे दी गयी. आज सुबह 6:30 बजे फांसी दे दी गयी. सुबह 7:10 मिनट पर चिकित्‍सकों ने याकूब को मृत घोषित कर दिया. जेल अधिकारियों ने फांसी की पुष्टि कर दी है. चिकित्‍सकों का दल जेल में ही याकूब के मृत शरीर का पोस्‍टमार्टम कर रहा है. इस बीच एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ा दी गयी .याकूब के शव को विमान से मुंबई ले जाया जाएगा. नागपुर सेंट्रल जेल के बाहर धारा 144 लगा दी गयी है. याकूब की याचिका पर देर रात से सुबह तक सुनवाई चलती रही और आखिरकार उसे फांसी दे दी गयी.

गौरतलब है कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने याकूब के फांसी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. अदालत ने कहा कि याकूब को अपने बचाव के लिए भरपूर वक्त दिया गया . इस फैसले के साथ ही याकूब के फांसी का रास्ता साफ हो गया. आज सुबह 7 बजे याकूब को फांसी दिया जाना तय हो गया. इससे पहले याकूब के वकीलों ने 14 दिनों की मोहलत मांगी थी.

मानवाधिकार कार्यकर्ता और याकूब मेमन के वकील के नयी अर्जी पर आज देर रात सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों के एक बेंच ने सुनवाई की . याकूब के ओर से वकील आनंद ग्रोवर ने कोर्ट में कहा कि चूंकि रात 11 बजे दया याचिका को खारिज किया है इसलिए याकूब को 14 दिनों की मोहलत दी जाए.

उधर सरकार की ओर से अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए कहा कि फिर से दया याचिका के लिए नयी अर्जी देना कानूनी व्यवस्था का दुरुपयोग है . इस तरह बार -बार दया याचिका दायर की जाएगी तो याकूब को कभी भी सजा नहीं दिया जा सकता है. याकूब मेमन के वकील ने कहा कि हम कानून द्वारा प्राप्त अधिकरों का उपयोग कर रहे है. इसे कानून का दुरुपयोग कहना गलत है.

गौरतलब है कि आज दिन सात बजे याकूब को फांसी की सजा तय है.इससे पहले याकूब के वकील ने 14 दिनों की वक्त मांगा था. सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और वृंदा ग्रोवर ने सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस से मिलने का वक्त का मांगा था.

याकूब के वकील ने रात में ही सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए याचिका दायर करते हुए दलील दिया है कि याकूब के मामले में नये तथ्‍यों पर विचार नहीं किया गया है.

याचिका में गुहार लगाई गई है कि आदेश पारित किया जाए कि दया याचिका खारिज होने के बाद सर्वोच्च अदालत के दिशा निर्देशों के तहत प्रशासन उसे फांसी के लिए 14 दिन का समय दे.इस याचिका पर पहले यह फैसला होगा कि इस पर सुनवाई हो या नहीं और अगर सुनवाई का फैसला होता है तो एक या इससे अधिक न्यायाधीश अपने आवास पर सुनवाई कर सकते हैं.

दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करते हुए कहा कि व‍कील ने कहा है कि याकूब मानसिक तौर पर फांसी के लिए तैयार नहीं है. बताया जा रहा है कि याकूब के वकील की याचिका पर देर रात किसी जज के घर देर रात फैसला आ सकता है.दूसरी ओर खबर आ रही है कि राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दया याचिका खारिज कर दी है. राष्‍ट्रपति के द्वारा दया याचिका खारिज करने के बाद अब याकूब की फांसी तय हो गयी है.

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