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सुब्रह्मण्यम स्वामी ने नरेंद्र मोदी पर लगाया कांग्रेस की चीन नीति का अपनाने का आरोप, कहा नयी नीति लायें

Updated at : 29 Jun 2015 5:33 PM (IST)
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सुब्रह्मण्यम स्वामी ने नरेंद्र मोदी पर लगाया कांग्रेस की चीन नीति का अपनाने का आरोप, कहा नयी नीति लायें

बीजिंग : भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार कांग्रेस की ‘पुरानी पड चुकी’ चीन नीति का अनुसरण कर रही है और संयुक्त राष्ट्र में मुंबई हमले के मास्टरमाइंड जकीउर रहमान लखवी के मुद्दे पर चीन का पाकिस्तान को समर्थन ‘सचेत कर देने वाली’ बात है. स्वामी ने […]

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बीजिंग : भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार कांग्रेस की ‘पुरानी पड चुकी’ चीन नीति का अनुसरण कर रही है और संयुक्त राष्ट्र में मुंबई हमले के मास्टरमाइंड जकीउर रहमान लखवी के मुद्दे पर चीन का पाकिस्तान को समर्थन ‘सचेत कर देने वाली’ बात है. स्वामी ने कहा कि हालिया लखवी प्रकरण के बाद नयी नीति तैयार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को (पार्टी के) भीतर के लोगों का एक सम्मेलन बुलाना चाहिए.

उन्होंने यहां भारतीय मीडिया से कहा, ‘हम कांग्रेस पार्टी की पुरानी पड चुकी चीन नीति पर ही काम कर रहे हैं. प्रधानमंत्री को नयी चीन नीति तैयार करने के लिए (पार्टी के) अंदर के लोगों का सम्मेलन बुलाने की जरुरत है जिसमें हमारी मजबूती, कमजोरियों और अवसरों की समीक्षा होनी चाहिए.’ भाजपा नेता ने कहा कि मौजूदा चीन नीति में स्पष्टता का अभाव है. स्वामी यहां 2015-विश्व शांति मंच सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन पहुंचे हैं.

इस सम्मेलन का आयोजन चीन के शिंघुआ विश्वविद्यालय की ओर से किया गया है. उन्होंने कहा कि लखवी के मुद्दे पर चीन का पाकिस्तान को समर्थन से हमें सजग होने की जरुरत है. भाजपा नेता ने कहा, ‘मुझे सूचित किया गया है कि उन्होंने (चीन) हमारे लोगों को संकेत दिया था कि संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के खिलाफ मतदान समयपूर्व है और हमने संकेत को नहीं समझा.’

उन्होंने सवाल किया, ‘चीन के लिए पाकिस्तान को छोडने का मतलब भारत को मजबूत करना है. आपको खुद सशक्त होना होगा. उन्हें हमारा रास्ता क्यों बनाना चाहिए?’ चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की भारत यात्रा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा के प्रभाव के बारे में स्वामी ने कहा कि 20 अरब डॉलर के वादे के अलावा कोई खास प्रगति नहीं हुई है. उन्होंने कहा, ‘हमें माहौल के हिसाब से आगे चलते नहीं जाना चाहिए.’

(मोदी की) हर यात्रा को ऐतिहासिक बताया गया है. हमने जापान से कुछ नहीं देखा. मोदी को मेरी सलाह है कि उन लोगों का सम्मेलन बुलाइए जो चीन को जानते हैं औैर नयी चीन नीति बनाइए.’ भाजपा नेता ने कहा कि भारतीय नौसेना की ताकत बेडे और हथियारों को लेकर व्यापक तौर पर बढाई जानी चाहिए ताकि इंडोनेशिया के साथ सहयोग करते हुए मलाका स्ट्रेट जैसे व्यस्त जहाजरानी मार्गों पर तैनाती हो सके जो भारत को नियंत्रित करने के चीन की ‘स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स’ योजना का असरदार जवाब हो सकता है.

स्वामी ने कहा कि भारत की नयी चीन नीति में यह स्पष्ट होना चाहिए कि चीन-अमेरिका संघर्ष की स्थिति में हमारा क्या रुख होगा. उन्होंने कहा, ‘फिलहाल भारत और चीन के बीच कई मुद्दे हैं जिनके तत्काल समाधान की जरुरत है. सीमा दो तरफा फायदे वाला समाधान होगा. सीमा ही एकमात्र समाधान नहीं हो सकती.’ चीन के बारे में उन्होंने कहा कि बीजिंग भारत की क्षमता को समझता है. स्वामी ने कहा कि भारत को स्पष्ट करना चाहिए कि ताइवान पर अमेरिका-चीन संघर्ष की स्थिति में उसे तटस्थ रहना है.

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