योग दिवस कार्यक्रम में किसी को जबरदस्ती शामिल नहीं किया जायेगा : विदेश मंत्री
Author Prabhat khabar digital desk
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नयी दिल्ली : विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आज कहा कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर भारत 191 देशों का नेतृत्व करेगा और यहां राजपथ पर बडा आयोजन किया जाएगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आयोजन में भाग लेना अनिवार्य नहीं है. इस मौके पर सरकार द्वारा की गयी तैयारियों […]
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नयी दिल्ली : विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आज कहा कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर भारत 191 देशों का नेतृत्व करेगा और यहां राजपथ पर बडा आयोजन किया जाएगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आयोजन में भाग लेना अनिवार्य नहीं है. इस मौके पर सरकार द्वारा की गयी तैयारियों के बारे में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए सुषमा ने आयोजन को लेकर पैदा हुए विवादों को दूर करने का प्रयास किया.
योग दिवस के मौके पर सुषमा न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में एक समारोह में शामिल होंगी. उन्होंने कहा, मैं विशेष रुप से उल्लेख करना चाहती हूं कि यह स्वैच्छिक कार्यक्रम है और किसी को इसमें जबरदस्ती शामिल नहीं किया जाना चाहिए. सुषमा ने कहा कि दुनियाभर के 191 देशों में 251 से अधिक शहरों में योग दिवस मनाया जाएगा. भारतीय मिशनों ने समारोहों और अन्य संबंधित आयोजनों के लिए तैयारियां की हैं.
उन्होंने कहा कि राजपथ पर बडा आयोजन किया जाएगा जिसमें 35,000 से अधिक लोगों के भाग लेने की उम्मीद है. सुषमा ने कहा कि जानकारी की कमी की वजह से अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ तबकों में आशंकाएं हैं. उन्होंने कहा, अल्पसंख्यक समूह संभवत: जानकारी नहीं होने की वजह से ऐसा कह रहे हैं. इस्लामी देशों के संगठन (ओआईसी) के 47 सदस्य देशों ने न केवल संयुक्त राष्ट्र में भारत नीत प्रस्ताव का समर्थन किया था बल्कि आयोजनों को सह-प्रायोजित भी कर रहे हैं. इनमें सउदी अरब और इंडोनेशिया जैसे देश शामिल हैं जो मुस्लिम देश हैं जिन्होंने इस प्रस्ताव को सह-प्रायोजित किया.
सुषमा ने भारत के संदर्भ में कहा, अगर भारत में मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा इफ्तार के बाद इसे करना चाहते हैं तो वे इसे करने के लिए स्वतंत्र हैं. समय सीमा केवल सरकारी कार्यक्रम के लिए है. अन्य संगठन जो करना चाहें, कर सकते हैं. उन्होंने सूर्य नमस्कार का विरोध करने वालों को समुद्र में डूब जाने की बात कहने वाले योगी आदित्यनाथ के बयान की निंदा करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया. नमाज अदा करने को योग करने के समान बताने के योगगुरु रामदेव के बयान के बारे में पूछे जाने पर सुषमा ने कहा, जहां तक बाबा रामदेव की बात है तो वह कहने का प्रयास कर रहे हैं कि योग किसी धर्म तक सीमित नहीं है. योग में आसन होते हैं और नमाज में भी ये क्रियाएं होती हैं.
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