संपत्ति विवाद पर अदालत में डॉक्टर का बयान 2007 से बीमार थे बाल ठाकरे
Updated at : 22 Apr 2015 7:12 AM (IST)
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मुंबई: शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के निजी डाक्टर रहे डॉ. जलील पारकर ने आज बंबई उच्च न्यायालय को बताया कि दिवंगत नेता वर्ष 2007 से ही बीमार थे और जब भी वह बाहर जाते थे, लीलावती अस्पताल का प्रशिक्षित चिकित्सा स्टाफ उनके साथ रहता था. बाल ठाकरे के दो बेटों उद्धव और जयदेव के […]
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मुंबई: शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के निजी डाक्टर रहे डॉ. जलील पारकर ने आज बंबई उच्च न्यायालय को बताया कि दिवंगत नेता वर्ष 2007 से ही बीमार थे और जब भी वह बाहर जाते थे, लीलावती अस्पताल का प्रशिक्षित चिकित्सा स्टाफ उनके साथ रहता था. बाल ठाकरे के दो बेटों उद्धव और जयदेव के बीच उनकी वसीयत को लेकर पैदा हुए विवाद संबंधी मामले में पारकर से अदालत में बतौर गवाह पूछताछ की गयी.
13 दिसंबर 2011 को बनायी गयी ठाकरे की अंतिम वसीयत में उनसे अलग रह रहे उनके बेटे जयदेव को कुछ नहीं दिया गया है जबकि उनकी संपत्ति का काफी बडा हिस्सा शिवसेना के मौजूदा अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को दिया गया है.उद्धव ने जहां वसीयत के प्रमाणीकरण के लिए याचिका दाखिल कर रखी है तो वहीं जयदेव ने यह कहते हुए वसीयत की वैधता को चुनौती दी है कि उनके पिता ने जब इस पर हस्ताक्षर किए तो उनकी दिमागी हालत ठीक नहीं थी.अमूमन हर रोज ठाकरे की जांच करने वाले पारकर ने बतौर गवाह वसीयत पर हस्ताक्षर किए थे. बाल ठाकरे का नवंबर 2012 में निधन हो गया था. इस मामले में सुनवाई कल न्यायाधीश गौतम पटेल के समक्ष पूरी होगी.
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