संसद में पेश विधेयक पास हुआ तो क्या बदलेगा? किसानों और आम लोगों को हो सकता है फायदा

Updated:
विज्ञापन

संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में चार विधेयक पेश किए गए (फोटो/संसद टीवी)

लोकसभा में पेश विधेयक में खान एवं खनिज (संशोधन) और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक शामिल हैं. ये विधेयक आम लोगों, किसानों और देश की अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेंगे.

विज्ञापन

Lok Sabha Bill introduced: संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में चार विधेयक पेश किए गए. इनमें केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने का विधेयक, ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक, खान एवं खनिज (संशोधन) विधेयक और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक शामिल हैं. इनमें से खान-खनिज और सहकारी क्षेत्र से जुड़े विधेयकों को आम लोगों, किसानों और देश की अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़ा माना जा रहा है.

खान एवं खनिज (संशोधन) विधेयक

सरकार का कहना है कि यह विधेयक खनन क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, महत्वपूर्ण खनिजों जैसे लिथियम और रेयर अर्थ मिनरल्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने और देश को आयात पर निर्भरता कम करने में मदद करेगा. इसके जरिए इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और बुनियादी ढांचा क्षेत्र को गति मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं.

सरकार का मानना है कि इससे घरेलू उत्पादन बढ़ेगा, आयात पर निर्भरता घटेगी और नए निवेश के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. बुनियादी ढांचा और विनिर्माण क्षेत्र को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है.

ये भी पढ़ें: बीजेपी विधायक विधानसभा सत्र में नहीं हो पाए शामिल, बाबूलाल मरांडी समेत सभी नेता खेलगांव में डिटेन

राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक

सरकार के अनुसार, यह संशोधन सहकारी समितियों को अधिक प्रभावी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने और कृषि, डेयरी, मत्स्य पालन, भंडारण तथा ग्रामीण विकास से जुड़े सहकारी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लाया गया है. सरकार का दावा है कि इससे किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लाभ मिलेगा.

ये भी पढ़ें: मानसून सत्र: लोकसभा में 4 विधेयक पेश, विपक्ष का हंगामा जारी, FCRA पर बढ़ी तकरार

वहीं, ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक पास होने पर विभिन्न ट्रिब्यूनलों की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक ढांचे और नियुक्ति संबंधी प्रावधानों में बदलाव का प्रस्ताव करता है. सरकार का कहना है कि इससे मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और न्यायिक व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी. इसके अलावा केरलम विधेयक के जरिए राज्य का आधिकारिक नाम अंग्रेजी में Kerala की जगह Keralam करने की मांग की गई है. इसका उद्देश्य राज्य की सांस्कृतिक और भाषाई पहचान को अधिक सटीक रूप से दर्शाना है.


विज्ञापन
दीपक कुमार गुप्ता

लेखक के बारे में

By दीपक कुमार गुप्ता

दीपक कुमार गुप्ता 'प्रभात खबर डिजिटल' में कंटेंट राइटर हैं. इससे पहले वे 'ईटीवी भारत' में करीब ढाई साल तक कार्यरत रहे. उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पत्रकारिता की पढ़ाई की है. 2021 से वे पत्रकारिता से जुड़े हैं और इस दौरान 'न्यूज प्लस', 'अंतर्कथा विजन न्यूज' और 'पब्लिक ऐप' के साथ भी काम कर चुके हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola