अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा के भारत दौरे में इन अहम बिंदुओं पर हो सकती है चर्चा

Updated at : 19 Jan 2015 3:38 PM (IST)
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अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा के भारत दौरे में इन अहम बिंदुओं पर हो सकती है चर्चा

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा 26 जनवरी में मुख्य अतिथि के रुप में शामिल होने के लिए भारत दौरे पर आ रहे हैं. पहली बार कोई अमरिकी राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस में शामिल होने के लिए भारत आ रहे हैं. ओबामा प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर भारत आ रहे हैं. ओबामा की भारत यात्रा कई मायनों में […]

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अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा 26 जनवरी में मुख्य अतिथि के रुप में शामिल होने के लिए भारत दौरे पर आ रहे हैं. पहली बार कोई अमरिकी राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस में शामिल होने के लिए भारत आ रहे हैं. ओबामा प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर भारत आ रहे हैं. ओबामा की भारत यात्रा कई मायनों में अहम है. भारत ओबामा के इस यात्रा को लेकर खास तैयारियां कर रहा हैं तो वहीं ओबामा के जरिए अफगानिस्तान मसले पर भी गंभीर वार्ता को लेकर उत्साहित हैं. इस बात की चर्चा है कि ओबामा की इस यात्रा से दोनों देशों के संबंधों में क्या नया आयाम जुडेंगे.

ओबामा के भारत दौरे में भारत-अमेरिका के बीच कौन-कौन से महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो सकती है इस पर एक नजर-

1. अफगानिस्तान मसले पर चर्चा

माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच बातचीत का मुख्य मुद्दा अफगानिस्तान होगा. अफगान-पाक में आतंकवाद पर दोनों देशों के बीच गंभीर बातचीत हो सकती है. इस मुद्दे पर रक्षा से लेकर अर्थव्यवस्था को लेकर बातचीत हो सकती है. भारत ने हमेशा से अफगान में पाकिस्तान के धकल का मुद्दा उठाया है और माना जा रहा है कि एकबार फिर से ओबामा के साथ बातचीत के दौरान ये मुद्दा उठाया जाएगा. अफगानिस्तान पुलिस की ट्रेनिंग भारत और पाकिस्तान के बीच एक विवादास्पद मुद्दा रहा है. भारत अफगान पुलिस और सुरक्षा बलों के प्रशिक्षण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका के विस्तार के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका को प्रभावित कर सकता है. अफगानिस्तान से ड्रग्स का खेप पाकिस्तान के रास्ते से दुनियाभर में पहुंचता है. पश्चिमी अफगानिस्तान ड्रग्स उत्पाद में सबसे आगे रहा है. भारत इस मसले को भी अमेरिका के सामने उठा सकता है.

भारत आर्थिक, व्यापारिक एवं सामरिक दृष्टि से अफगानिस्तान का बेहद करीबी और अहम सहयोगी है. अतः अफगानिस्तान के मामले में भारत एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. भारत और अफगानिस्तान के बीच द्विपक्षीय सुरक्षा समझौते (बीएसए) पर हस्ताक्षर मुद्दे पर भी अमेरिका के साथ चर्चा की जा सकती है. अफगानी सैन्य बलों को ट्रेनिंग देने व हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने जैसे मुद्दे पर अमेरिका की नाराजगी मामले पर भी चर्चा होने की संभावना है.

2. भारत-अमेरिका व्यापार

संयुक्त राज्य अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है. मोदी और ओबामा के बीच बातचीत में आपसी व्‍यापार को बढ़ाने पर बात हो सकती है. यह सेवाओं के व्यापार में पहले नंबर पर और उत्पादों के व्यापार में दूसरे नंबर पर है. किन्तु भारतीय संदर्भ में देखा जाय तो भारत का अमेरिका के साथ व्यापार सदैव व्यापार घाटे की स्थिति में रहता है. तात्पर्य है कि भारत अमेरिका से आयात काफी मात्रा में करता है किन्तु यहां से निर्यात काफी कम होता है. संभावना है कि मोदी भारतीय हित में इस मुद्दे पर कुछ चर्चा करेंगे जिससे द्विपक्षीय व्यापार संबंध को मजबूत करते हुए अमेरिका के साथ व्यापार घाटे को भी कम किया जा सके.

3. एच-1बी वीजा मामाला

भारत और अमेरिका के बीच एच-1बी और एल-1बी वीजा को लेकर उठे विवाद पर भी विस्तार से चर्चा होने की संभावना है. विशेष तौर पर पिछले वर्ष उठे इस मुद्दे को लेकर भारत ने अमेरिका से कडी आपत्ति जताई थी. सरकार ने इसे भारतीय आईटी कंपनियों के साथ पक्षपात करने वाला बताया था.हालांकि अमेरिका सरकार की एक एजेंसी ने इसी साल मार्च में कहा था कि एक अप्रैल से एच-1बी वीजा के लिए आवेदन दे सकते हैं.

4. संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी

भारत संयुक्त राष्ट्रसंघ में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए प्रयत्नशील है. कुछ स्थायी सदस्य देशों ने भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी पर सहमति व्यक्त की है. किन्तु अमेरिका, चीन जैसे देश अभी भी इसके पक्ष में नहीं है. अमेरिका भारत को बिना वीटो के स्थायी सदस्यता का पक्षधर है जो भारत को स्वीकार्य नहीं है. इस वार्ता में मोदी अपनी बातों को सकारात्मक व तर्कसंगत तरीके से रख सकते हैं. हो सकता है इस दौरे में ओबामा इस बारे में कोई सकारात्मक भूमिका निभाएंगे.

5. आतंकवाद हो सकता है अहम मुद्दा

भारत-अमेरिका बातचीत में आतंकवाद पर चर्चा हो सकती है. अभी सिर्फ भारत और अमेरिका ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के लिए आतंकवाद एक गंभीर चुनौती है. इसकी पूरी संभावना है कि प्रधानमंत्री मोदी इस मुद्दे को ओबामा के साथ जोर शोर से उठाएंगे. पहले तो आतंकवाद के मुद्दे पर अमेरिका गंभीर नहीं था किन्तु वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की घटना के बाद से उसे भी वैश्विक आतंकवाद का एहसास हो गया है. मोदी पाकिस्तान द्वारा लगाता चलाए जा रहे सीमापार आतंकवाद के बारे में भी ओबामा से चर्चा कर सकते हैं.

6. भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग

भारत मौजूदा वैश्विक हालात और चीन के साथ बढ़ते विवाद को देखते हुए अमेरिका के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा कर सकते हैं. आधुनिक सैनिक तकनीकी हासिल करने को लेकर मोदी द्वारा ओबामा से समन्वित समुद्री सुरक्षा कार्यक्रम, संयुक्त सैनिक अभ्यास और रक्षा व्यापार के जरिए भारत अमेरिकी रक्षा सहयोग बढ़ाने की योजना पर चर्चा किये जाने की संभावना है.

7. चीन का भारत पर बढ़ते दबदबे को रोकने की रणनीति

संभावना है कि प्रधानमंत्री मोदी चीन के भारतीय क्षेत्र में बढ़ते घुसपैठ को लेकर अलग से विशेष तौर पर चर्चा करेंगे. क्योंकि चीन ने हाल में हीं भारत के कुछ क्षेत्रों को अपना दिखाते हुए उसपर दावेदारी की कोशिश की थी. और अभी भी उसको लेकर तनाव जारी है. गौरतलब है कि चीन केवल भारत के लिए हीं नहीं बल्कि अमेरिका के लिए भी एक चुनौती है. इसलिए संभावना है कि दोनो नेता इस गंभीर मुद्दे पर बातचीत कर सकते हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा 25 जनवरी को भारत पहुंच रहे है. उनके इस दौरे से भारत सहित पूरी दुनिया की निगाहें इस पर टिकी है और चर्चाओं का बाजार गरम है. अब यह देखना होगा कि इस दौरे से दोनों देशों के बीच रिश्तों में कितनी गरमाहट आएगी.

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