विदेशी मदद से 200 सालों से हो रहा है धर्मांतरण : नायडू

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विदेशी मदद से 200 सालों से हो रहा है धर्मांतरण : नायडू

गांधीनगर : दक्षिणपंथी हिन्दू समूहों के घर वापसी कार्यक्रम से पैदा विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने आज कहा कि विदेशी पैसों की मदद से धर्मांतरण 200 से ज्यादा सालों से हो रहा है. उन्होंने दोहराया कि हिन्दू कट्टरपंथियों के पुन: धर्मांतरण प्रयासों से सरकार का कोई लेना-देना नहीं है और सरकार […]

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गांधीनगर : दक्षिणपंथी हिन्दू समूहों के घर वापसी कार्यक्रम से पैदा विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने आज कहा कि विदेशी पैसों की मदद से धर्मांतरण 200 से ज्यादा सालों से हो रहा है.
उन्होंने दोहराया कि हिन्दू कट्टरपंथियों के पुन: धर्मांतरण प्रयासों से सरकार का कोई लेना-देना नहीं है और सरकार धर्मांतरण पर रोक के लिए कानून बनाने को तैयार है बशर्ते राजनीतिक क्षेत्र में आम सहमति हो.
नायडू ने यहां 13वें प्रवासी भारतीय दिवस को संबोधित करते हुए कहा, धर्मांतरण और पुन: धर्मांतरण मोदी सरकार के गठन के काफी पहले, पिछले 200 सालों से हो रहा है. धर्मांतरण के लिए बडी मात्रा में विदेशी पैसे खर्च किए जा रहे हैं. यह सबके के लिए खुला रहस्य है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज प्रवासी भारतीय दिवस समारोह का उद्घाटन किया.
संसदीय कार्य मंत्री ने दावा किया कि आर्य समाज के संस्थापक दयानंद सरस्वती ने 1923 में ही पुन: धर्मांतरण कार्यक्रम शुरु किया था और उस समय के कई कांग्रेस नेताओं ने उसका समर्थन किया था.
उन्होंने कहा कि हालांकि मुक्तिवादी रुख अपनाते हुए सरकार ने धर्मांतरण के लिए विदेशी कोषों के खिलाफ कारवाई नहीं की थी क्योंकि उसने महसूस किया था कि आस्था और धर्म निजी पसंद की चीजें हैं.
उन्होंने कहा कि विकास और सुशासन ही राजग सरकार का एजेंडा है और अगर राजनीतिक आम सहमति बनी तो सरकार हस्तक्षेप करेगी तथा धर्मांतरण पर रोक के लिए कानून बनाएगी.
नायडू ने कहा, सरकार नए कानून के लिए इच्छुक है बशर्ते आम सहमति हो, बशर्ते सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध हो. उसके बाद ही सरकार हस्तक्षेप करेगी. सरकार किसी भी रुप में इससे संबद्ध नहीं है और न ही मेरे मंत्रियों में से कोई एक या पार्टी के लोग इसमें शामिल हैं. कृपया समझने का प्रयास कीजिए.
उन्होंने कहा, अगर पुन:धर्मांतरण खराब है, तो धर्मांतरण भी खराब है. हम किसी धर्म का समर्थन नहीं करते, सरकार का कोई धर्म नहीं होता. लोगों का धर्म होता है, हम लोगों की इच्छाओं का सम्मान करते हैं.
उन्होंने कहा, यह भारतीयता है, यह हिन्दुत्व है. हिंदू शब्द किसी एक खास धर्म से नहीं जुडा हुआ है हर किसी के मन में यह साफ होना चाहिए.
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