प्राचीन भारतीय विज्ञान के संबंध में हर्षवर्धन के विचारों से थरुर सहमत
Updated at : 04 Jan 2015 8:32 PM (IST)
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नयी दिल्ली: कांग्रेस सांसद शशि थरुर ने आज केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन के इस बयान का समर्थन किया कि बीज गणित और पायथागोरस प्रमेय की उत्पत्ति भारत में हुई थी लेकिन इसका श्रेय दूसरे लोगों को मिल गया. थरुर ने कहा कि हिंदुत्व ब्रिगेड की अतिशयोक्ति पूर्ण बातों के चलते प्राचीन भारतीय विज्ञान की वास्तविक उपलब्धियों […]
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नयी दिल्ली: कांग्रेस सांसद शशि थरुर ने आज केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन के इस बयान का समर्थन किया कि बीज गणित और पायथागोरस प्रमेय की उत्पत्ति भारत में हुई थी लेकिन इसका श्रेय दूसरे लोगों को मिल गया. थरुर ने कहा कि हिंदुत्व ब्रिगेड की अतिशयोक्ति पूर्ण बातों के चलते प्राचीन भारतीय विज्ञान की वास्तविक उपलब्धियों को खारिज नहीं किया जाना चाहिए.
थरुर ने ट्वीट किया, ‘‘हर्षवर्धन का उपहास करने वाले आधुनिकतावादियों को जान लेना चाहिए कि वह सही हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हिंदुत्व ब्रिगेड की अतिशयोक्तियों का मजाक उड़ाने के लिए आपको प्राचीन भारतीय विज्ञान की वास्तविक उपलब्धियों को खारिज करने की जरुरत नहीं है.’’ उन्होंने इस संदर्भ में पहले लिखे अपने लेखों का जिक्र किया.
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘गणेश की प्लास्टिक सर्जरी का सिद्धांत निर्थक है और उपमा से ज्यादा कुछ नहीं. लेकिन सुश्रुत दुनिया के नंबर एक सर्जन थे.’’ इससे पहले ‘स्वच्छ भारत’ अभियान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करने के बाद थरुर को पिछले साल कांग्रेस के प्रवक्ता पद से हटाया गया था.केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री हर्षवर्धन ने कल भारतीय विज्ञान कांग्रेस के उद्घाटन समारोह में कहा था कि पुरातनकालीन भारतीय वैज्ञानिकों ने विनम्रता के साथ अपने अविष्कारों का श्रेय दूसरे देशों के वैज्ञानिकों को मिलने दिया.
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