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सुर्खियों में रहना नहीं चुपचाप काम करना पसंद करते हैं खट्टर, 26 को लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ

चंडीगढ: हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में मनोहर लाल खट्टर का नाम अचानक सुर्खियों में आ गया. खट्टर की छवि साफ छवि वाले भाजपा नेता के रूप में खट्टर काम लेना अच्छी तरह जानते हैं. मनोहर लाल खट्टर 26 अक्टूबर को पंचकुला में शपथ लेंगे निर्थक बातों में नहीं पडते.संगठन कौशल के धनी माने जाने […]

चंडीगढ: हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में मनोहर लाल खट्टर का नाम अचानक सुर्खियों में आ गया. खट्टर की छवि साफ छवि वाले भाजपा नेता के रूप में खट्टर काम लेना अच्छी तरह जानते हैं. मनोहर लाल खट्टर 26 अक्टूबर को पंचकुला में शपथ लेंगे निर्थक बातों में नहीं पडते.संगठन कौशल के धनी माने जाने वाले 60 वर्षीय खट्टर कभी डाक्टर बनना चाहते थे.

उनकी छवि काफी साफ है और उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का करीबी माना जाता है जिनके साथ वे पहले काम कर चुके हैं. 1994 से लेकर 2001 तक मोदी और उन्होंने साथ काम किया. उनके काम के दौरान भी हमने शानदार प्रदर्शन रहा. इस दौरान मोदी संघ के प्रचारक थे. मोदी पंचकुला में रहते थे. मोदी को नयी तकनीक का बड़ा शौक था. उन्होंने मुझे कम्पयूटर का इस्तेमाल करना सिखाया.

खट्टर अविवाहित हैं और पहली बार विधायक बने हैं. उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचारक के तौर पर 40 साल तक काम किया है.राजनीतिक सूझबूझ के लिए जाने जाने वाले खट्टर ने अपनी पार्टी के लिए कई चुनावों में रणनीति तैयार करने और उसे सफलतापूर्वक अंजाम देने में अहम भूमिका निभायी. इसका उदाहरण 2014 के लोकसभा चुनाव में भी हरियाणा में देखने को मिला था जब उन्होंने चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष के रुप में काम किया था.
मनोहर लाल खट्टर ने 1996 में मोदी के साथ काम करना शुरु किया था जो उस समय हरियाणा के प्रभारी थे. 2002 में मनोहर लाल को जम्मू कश्मीर के प्रदेश चुनाव का प्रभार दिया गया था.प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव का प्रचार चार अक्तूबर को करनाल से शुरु किया था. इस सीट पर खट्टर ने जबर्दस्त जीत दर्ज की है.
सामान्य कृषक पृष्ठभूमि से आने वाले मनोहर लाल खट्टर का परिवार विभाजन के बाद पाकिस्तान से हरियाणा आया था और रोहतक जिले के निंदाना गांव में बस गया.
आजीविका चलाने के लिए उनके पिता और दादा ने मजदूरी की और इससे जमा की गई रकम से एक छोटी सी दुकान खोली. निंदाना गांव में ही 1954 में मनोहर लाल का जन्म हुआ. खट्टर 1980 में आरएसएस में पूर्णकालिक प्रचारक के रुप में शामिल हुए और बाद में उन्हें भाजपा में भेजा गया. 1994 में वह हरियाणा में पार्टी महासचिव बनाये गए.
1996 में भाजपा ने बंसी लाल के नेतृत्व वाली हरियाणा विकास पार्टी से राज्य में सरकार बनाने के लिए गठजोड किया. बाद में जब उन्होंने पाया कि गठबंधन पार्टी के लिए नुकसानदेह साबित हो रहा है और सरकार अलोकप्रिय हो रही है तब उन्होंने समर्थन वापसी का पक्ष लिया. हरियाणा विकास पार्टी का बाद में कांग्रेस के साथ विलय हो गया था.
भाजपा ने इसके बाद ओम प्रकाश चौटाला को बाहर से समर्थन देने का निर्णय किया. बाद में इनेलो के साथ इस गठबंधन ने 1999 के लोकसभा चुनाव में हरियाणा की सभी 10 सीटें जीत ली. हालांकि 1998 में गठबंधन को दो सीट ही मिली थी.

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